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NIA अफसर के मर्डर का दर्द: ग्रामीणों के जेहन में ताजा है दोहरे हत्याकांड की यादें, कोर्ट के फैसले से परिजनों में सुकून

Sat, 21 May 2022 09:13 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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तंजील मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
बिजनौर में मुनीर और रैय्यान को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद तंजील के परिवार ने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया है। मुकदमे में गवाह और तंजील के चचेरे भाई हसीब शेख ने कहा कि जालिमों को फांसी की सजा अल्लाह की रजा है। इस निर्णय से तंजील व फरजाना की रूह को चैन मिला होगा, साथ ही उनको न्याय मिला है।

हसीब शेख ने शनिवार को आए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें भारत के संविधान पर पूरा यकीन था। आज वास्तव में पूर्ण न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों, मिलने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं। सभी न्यायालय के निर्णय की तारीफ कर रहे हैं। सहसपुर के मुहल्ला मौलवियान के रहने वाले तंजील के बहनोई आदिल मुहम्मद और इकबाल अहमद ने निर्णय को पूर्ण इंसाफ बताते हुए कहा कि ऐसे जालिम की सजा फांसी ही होती है। इस इंसाफ से मारने वाले के मासूम बच्चों को सन्तुष्टि होगी।
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आरोपी मुनीर को लेकर जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
वहीं तहेरे भाई अनीस अहमद ने कहा कि वास्तव में अपराधियों का कुकृत्य इतनी सजा का तो हकदार था। इस फैसले से समाज में न्यायलय के प्रति आस्था बढ़ी है। ऐसा फैसला जालिमों को उनका अंजाम बताता है।
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बिजनौर तंजील हत्याकांड। - फोटो : amar ujala
हमें न्यायालय पर भरोसा था, फैसले से मुतमइन हैं : रागिब
तंजील अहमद के सगे भाई रागिब मसूद का कहना है उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। उस समय के चश्मदीदों जिन में बच्चे, मैं स्वयं मेरे चचेरे भाई हसीब शेख सहित जितने गवाह थे, उनकी गवाही इतनी ठोस थी कि हम इससे कम किसी सजा के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। हमें ऊपर वाले और न्यायालय से सही फैसले की उम्मीद थी। ठीक वैसा ही फैसला आया है। हमारा पूरा परिवार पूरी तरह मुतमइन है। उन्होंने कहा कि मैं शासन, प्रशासन, सहयोगियों का शुक्रिया अदा करता हूं। इस फैसले से न्यायालय के प्रति विश्वास बढ़ा है।

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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
ग्रामीणों के जेहन में ताजा है दोहरे हत्याकांड की यादें
तंजील अहमद बेहद मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति थे। सहसपुर में दो अपैल 2016 को हुई उनकी हत्या से पहले बहुत कम लोगों को पता था कि वह देश की इतनी बड़ी सुरक्षा एजेंसी में अधिकारी थे। दोहरे हत्याकांड की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। 
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
तंजील अहमद जब भी सहसपुर आते थे, सभी से मिलते थे, लेकिन वह क्या नौकरी करते हैं, इसके विषय में किसी को कुछ नहीं बताते थे। घटना वाले दिन भी रात्रि में लोग कयास लगा रहे थे कि तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या किसी ने लूटपाट के इरादे से की होगी। मगर जैसे-जैसे प्रदेश भर के उच्च पुलिस अधिकारियों की सक्रियता घटनास्थल और सहसपुर व स्योहारा में बढ़ी, मीडिया समाचारों से लोगों को मालूम हुआ कि तंजील देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारी थे।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
सहसपुर में उन दिनों चर्चा रही कि एनआईए का अधिकारी कितने साधारण ढंग से रहता था। पड़ोसियों तक को नहीं मालूम था कि तंजील अहमद देश की मुख्य सुरक्षा एजेंसी में अधिकारी थे।
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