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मुठभेड़: दिल को चीरते हुए निकल गई गोली, ढाई लाख का इनामी ढेर, मरने के बाद भी दर्ज हुआ मुकदमा

Wed, 12 Apr 2023 10:20 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से कुख्यात आदित्य राणा ढेर हो गया। उसे चार गोली लगीं, चारों ही सामने लगीं और पार निकल गईं।

पोस्टमार्टम से पहले आदित्य के शव का एक्सरा कराया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम हुआ तो चार गोली लगने की बात पुख्ता हुई। एक गोली सामने से ही उसके माथे पर लगी थी, जो खोपड़ी को चीरते हुए पीछे की तरफ निकल गई। दो गोलियां बाईं तरफ सीने पर लगीं, ये दोनों गोलियां भी पार निकल गईं। इनमें एक गोली दिल को चीरते हुए निकल गई, जबकि दूसरी फेफड़े के पार हो गई।
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कुख्यात आदित्य राणा, एनकाउंटर के बाद पुलिस टीम - फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा एक गोली आदित्य के घुटने में लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत होना सामने आया है।
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
मौके से पिस्टल और तमंचा बरामद
मुठभेड़ में आदित्य के पास से पुलिस को नाइन एमएम का पिस्टल और एक 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। 315 बोर का एक खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पिस्टल पर मेड इन इटली लिखा हुआ है। 

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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
साथ ही मौके पर एनर्जी पेय पदार्थ की खाली बोतल, एक सिगरेट की डिब्बी माचिस और दो मोबाइल भी मिले हैं। मुठभेड़ में पुलिस की ओर से 15 राउंड फायरिंग की गई। हालांकि गोली लगने की वजह से स्वाट प्रभारी जयवीर सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
मौत के बाद भी दर्ज हुआ एक और केस
मुठभेड़ में रात को आदित्य की मौत हो चुकी थी, अब तक उस पर 43 मुकदमे दर्ज थे। लेकिन उसकी मौत के बाद भी उस पर आखिरी मुकदमा पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमले का दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह पांच बजकर 40 मिनट पर दर्ज हुए इस केस को संख्या मिली 0184, जो आदित्य पर आखिरी केस साबित हुआ।
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
टीम में ये रहे शामिल
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम में स्योहारा प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी, एसएसआई मानचंद, एसआई प्रशांत सिंह, एसआई संदीप मलिक, स्वाट प्रभारी जयवीर सिंह, एसआई शौकत अली, हेड कांस्टेबल रईस अहमद आदि शामिल रहे। हालांकि सूचना मिलने पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी देहात राम अर्ज, एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल आदि भी पहुंच गए थे।
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एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
आधा दर्जन ने ले रही थी पुलिस सुरक्षा
आदित्य के फरार होने के बाद जिले में दो दर्जन से अधिक लोगों को सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए थे। इनमें आदित्य के खिलाफ चल रहे केस में वादी और गवाह समेत प्रॉपर्टी डीलर आदि लोगों को सुरक्षा दी गई थी। अब आदित्य के मारे जाने के बाद इन लोगों ने राहत की सांस ली है।
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