खुदा ने यह सिफत दुनिया की हर औरत को बख्शी है, कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं। कुख्यात अपराधी आदित्य राणा के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद श्यामो देवी की छलकती बूढ़ी आंखों को बड़ा सुकून मिला।
अपने दोनों बेटों का सीना आदित्य की गोलियों से छलनी होता देखने वाली श्यामो ने इसे बेबस मां की बददुआ का नतीजा और कुदरत का इंसाफ करार दिया। कहा जीते जी मुझे जिंदा लाश बनाने वाले आदित्य के खत्म होने के साथ ही अब कलेजे को ठंडक मिली है। रुआंसी हालत में दोनों बेटों को याद कर कहा कि उनकी आत्मा को भी आज शांति मिली होगी।