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सिगरेट विवाद में हत्या: अगर ट्रेन में नदारद न होती जीआरपी की पिकेट तो बच जाती चिंता देवी की जिंदगी

Sun, 11 Nov 2018 01:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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गुमशुम बैठा परिवार - फोटो : अमर उजाला
जलियांवाला बाग एक्सप्रेस के जनरल कोच में सिगरेट पीने पर झगड़ा बरेली जंक्शन से ही शुरू हो गया था। वृद्धा चिंता देवी के बेटे ने कैंट स्टेशन पर चेन पुलिंग कर इसकी जानकारी ट्रेन ड्राइवर को भी दी थी, लेकिन ट्रेन से जीआरपी पिकेट नदारद होने की वजह से झगड़ा निपटने के बजाय और बढ़ता गया और अंतत: मारपीट में शाहजहांपुर स्टेशन पर वृद्ध चिंता देवी की जान ही चली गई।जलियांवाला बाग एक्सप्रेस शुक्रवार की रात दो बजे बरेली जंक्शन पर खड़ी हुई थी। 
 
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हत्या का आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान आजमगढ़ के सोनू ने सिगरेट जलाई तो उसके धुएं से अपर बर्थ पर बैठी चिंता देवी का दम घुटने लगा। उन्होंने सोनू से ट्रेन चलने पर सिगरेट पीने को कहा कि तो वह उनसे झगड़ पड़ा। झगड़ा बढ़ा तो सोनू ने मारपीट करते हुए चिंता देवी को उनकी बर्थ से नीचे खींच लिया जिससे वह नीचे गिर पड़ी। यह घटनाक्रम जंक्शन और कैंट स्टेशन के बीच हुआ। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कैंट स्टेशन पर चिंता देवी के बेटे रंजीत कुमार ने चेन पुलिंग करके ट्रेन ड्राइवर से शिकायत की। ड्राइवर ने जीआरपी पिकेट को तलाशा लेकिन पिकेट ट्रेन से नदारद थी। यहां तक कि कैंट स्टेशन पर भी जीआरपी का एक सिपाही तक नहीं था। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर
बरेली जीआरपी को ट्रांसफर होगी एफआईआर
वृद्धा की हत्या के मामले में पीतांबरपुर के स्टेशन मास्टर की लापरवाही भी सामने आई है। सूचना दिए जाने के बाद पीतांबरपुर स्टेशन पर ट्रेन रोककर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया जाता तो शायद उसकी जान बच जाती, लेकिन ट्रेन को शाहजहांपुर स्टेशन पर रोककर वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि झगड़ा जंक्शन से शुरू हुआ था। मुकदमे को शाहजहांपुर से बरेली जंक्शन जीआरपी को ट्रांसफर किया जाएगा, इसके बाद मामले की जांच शुरू होगी।
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ट्रेनों में जानलेवा झगड़े
ट्रेनों में झगड़े की घटनाएं आम हैं। यात्रियों के बीच मारपीट की घटनाएं अक्सर ही होती रहती हैं, लेकिन कई बार झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि खूनखराबा तक हो जाता है। 12 जून 2012 को इलाहाबाद-हरिद्वार एक्सप्रेस में बर्थ को लेकर सिपाही निरंजन सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 14 मई 2014 अलीगढ़ पैसेंजर में कोच की लाइट बंद करने पर सिपाही नदीम की जान ले ली गई थी।
 
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