शाहजहांपुर में चाइनीज मांझे से गला कटने से सिपाही की मौत हो गई। सिपाही के पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा हुआ है। सांस नली कटने से तुरंत मौत हो गई। मांझा खींचने वाली की तलाश की जा रही है।
शाहजहांपुर के चौक थाना क्षेत्र के अजीजगंज में शनिवार को दोपहर बाइक सवार सिपाही शाहरुख हसन (27 वर्ष) की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई। खून से लथपथ होकर सड़क पर तड़पते शाहरुख को लेकर स्थानीय लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिपाही शाहरुख की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। सांस नली के कटने से घटनास्थल पर ही सिपाही की मौत हो गई थी।
अमरोहा जिले के रजबपुर थाना क्षेत्र के बलदादा हीरा सिंह गांव निवासी शाहरुख यहां अभियोजन कार्यालय में तैनात थे। दोपहर करीब 12 बजे शाहरुख विभागीय कार्य से राजकीय मेडिकल कॉलेज ही जा रहे थे। राजघाट के आगे उन्होंने गर्रा नदी का पुल पार किया।
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सिपाही का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मांझे से सांस नली कटी
बाइक से वह थोड़ा ही आगे बढ़े थे। इस बीच चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया। वह चलती बाइक पर हाथ से उसे हटाने का प्रयास करते रहे, लेकिन मांझा गले को काटता चला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मांझे से सांस नली कट गई थी। मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत के बाद पुलिस-प्रशासन की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि एक तरफ से पतंग कट कर आई तो एक लड़के ने पतंग तोड़ ली और मांझा छोड़ दिया।
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खून से लाल हुई सिपाही की बाइक
- फोटो : अमर उजाला
कटी पतंग का खींच दिया था मांझा
मांझा सिपाही शाहरुख की गर्दन में लिपट गया। तभी किसी दूसरे बच्चे ने दूसरे छोर से मांझा खींच लिया। सिपाही ने दूसरे हाथ से मांझा छुड़ाने की कोशिश की लेकिन तब तक गला कट गया था। शाहरुख बाइक समेत गिर गए और कुछ सेकंड में ही मौत हो गई। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह से पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझे का उपयोग न करें और न ही इसकी खरीद-बिक्री करें।
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मौके पर पहुंचे अफसर
- फोटो : अमर उजाला
सांस नली कटने से तुरंत हो गई मौत
सिपाही शाहरुख की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सांस नली के कटने से घटनास्थल पर ही मौत होने की बात सामने आई है। गले में घाव करीब तीन से चार सेंटीमीटर गहरा था।
राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
शनिवार शाम एसपी राजेश एस. व अन्य अधिकारियों ने आरक्षी शाहरुख हसन के पार्थिव देह को श्रद्धांजलि दी गई। राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान आरक्षी के परिजनों को सांत्वना देकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया। उनका पार्थिव शरीर उनके गांव भेज दिया गया है।