बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पुलिस-प्रशासन की निगरानी में निजी वाहन से लखनऊ के लिए रवाना कर दिए गए। करीबियों ने उनको समझाया तो तब जाकर वह माने। हालांकि जाते-जाते वह अपने समर्थकों को जल्द मिलने का संदेश दे गए।
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से लेकर शहर छोड़ने तक का सफर आसान नहीं रहा। अलंकार को उनके समर्थकों से अलग-थलग करने की पुलिस-प्रशासन की रणनीति कारगर साबित हुई। इसके बाद लखनऊ और बरेली निवासी उनके पांच करीबियों ने उन्हें समझाया कि परिवार के पास जाएं और सोच-समझकर भविष्य के बारे में निर्णय लें। तब वह बुधवार की दोपहर शहर छोड़ कर जाने के लिए तैयार हुए। वर्ष 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की वजह से सोमवार दोपहर से बुधवार दोपहर तक जिले का पुलिस और प्रशासनिक अमला हलकान रहा। अफसर अपना नियमित कामकाज छोड़कर अलंकार और उनके समर्थकों के आगे-पीछे दौड़ते रहे। पुलिस-प्रशासनिक अमला और शहर के थानों का पुलिस बल सिटी मजिस्ट्रेट के आवास से कलक्ट्रेट के बीच में ही सीमित रहा।
अलंकार के शहर छोड़ने को लेकर पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अफसरों से बात की गई तो सामने आया कि मंगलवार शाम से ही समर्थकों से उनकी दूरी बना दी गई थी। उनके आवास पर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। भीड़ से दूर होने पर एकांत में उन्हें आत्ममंथन का समय मिला। इसी बीच उनके पांच अच्छे करीबियों ने उन्हें बच्चे और पत्नी के पास जाने के लिए लगातार समझाया।
विज्ञापन
3 of 9
अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
करीबियों ने अलंकार से कहा कि जोश के बजाय सोच-समझकर आगे का निर्णय लें। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने रविवार को अलंकार से बात जरूर की थी, मगर उनके बाद किसी प्रमुख राजनीतिक दल या बड़े नेता ने उनसे संपर्क नहीं किया। वह या उनके समर्थक शांति और कानून-व्यवस्था में बाधक बनते तो कानूनी कार्रवाई भी तय थी। इन्हीं वजहों से उन्हें लगा कि सम्मान के साथ बरेली से रवाना होना ही उचित है।
ग्रुप पर लिखा- जल्द मिलेंगे
अलंकार अग्निहोत्री ने बुधवार को अपने समर्थकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर लिखा- अनऑफिसियल जिलाबदर... जल्दी मिलेंगे। साथ ही, उन्होंने खुद के लखनऊ जाने और रास्ते में होने की जानकारी दी। इस पर हर्ष जताने और उत्साह वाले शब्दों का प्रयोग कर समर्थकों ने अलंकार के साथ खड़े रहने का वादा किया। इससे पहले सुबह 9:11 बजे व्हाट्सएप ग्रुप का नाम पुनरुत्थान बरेली परिवार से बदलकर बरेली परिवार किया गया। इस्तीफा देने के तीसरे दिन समर्थकों की अलंकार से मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन व्हाट्सएप ग्रुप पर सभी अपने विचार साझा करते रहे। ग्रुप के सदस्यों की सक्रियता सोमवार से ही बरकरार है।
विज्ञापन
5 of 9
एडीएम कंपाउंड के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सिटी मजिस्ट्रेट आवास पहुंचे थे विस के प्रशासनिक अधिकारी
बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय अलंकार को अपना निकटवर्ती बताते हैं। दीपक ने बताया कि विधानसभा के प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप पांडेय सुबह अलंकार को लखनऊ ले जाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट आवास आए थे। प्रदीप ने भी अलंकार को विरोध-प्रदर्शन न करने और नौकरी न छोड़ने के लिए बहुत समझाया। अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से लखनऊ ले जाने के दौरान प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट राम जनम यादव फरीदपुर टोल तक छोड़ने गए थे। अलंकार के साथ कानूनगो रविकांत शर्मा भी लखनऊ गए हैं।
विज्ञापन
6 of 9
अलंकार अग्निहोत्री के समर्थकों में दिखा आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
समर्थकों ने नारेबाजी की, फिर शांत हो गए
अलंकार के समर्थकों ने बुधवार दोपहर जुलूस की शक्ल में सेठ दामोदार स्वरूप पार्क से लेकर एडीएम कंपाउंड के मुख्य गेट तक उनके पक्ष में नारेबाजी की। बाद में वह शांत हो गए। सभी लोग अलंकार को आवास से बाहर आने देने की मांग कर रहे थे। सिटी मजिस्ट्रेट आवास के पार्क के सामने वाले गेट पर ताला लगा था। उसकी चाबी एक दरोगा के पास थी जो जरूरत पड़ने पर खोल-बंद कर रहे थे।
विज्ञापन
7 of 9
अलंकार अग्निहोत्री ने किया ये इशारा
- फोटो : अमर उजाला
विजय चिह्न बनाया, फिर अंगुलियों को पिस्तौल की तरह कनपटी पर सटाया
अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को अपने आवास पर अफसरों के साथ बैठे थे। इस दौरान उन्होंने दो अंगुलियों से विजय चिह्न बना कर समर्थकों की ओर दिखाया। इसके बाद अंगुलियों को पिस्टल जैसा आकार देकर कनपटी पर लगाया। इसे लेकर उनके समर्थकों का कहना था कि अलंकार अग्निहोत्री की जान को खतरा है। वह पहले ही दिन से अपनी जान को खतरा जता रहे हैं। इसके कुछ देर बाद तीन निजी गाड़ियां उन्हें लेने आईं तो आवास के गेट के सामने समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
8 of 9
धक्कामुक्की होने से जमीन पर गिरे इंस्पेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
तीसरे दिन का घटनाक्रम
10:00 बजे से सिटी मजिस्ट्रेट आवास के बाहर समर्थक जुटने लगे।
10:40 बजे एडीएम सिटी सौरभ दुबे व पुलिस अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट आवास पहुंचे।
11:00 बजे भीड़ बढ़ती देख पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई।
12:00 बजे सिटी मजिस्ट्रेट आवास के अंदर टिनशेड के नीचे अधिकारी चर्चा करते दिखे।
12:10 बजे बीसलपुर में भी अलंकार के पक्ष में समर्थकों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की।
1:07 बजे दामोदर स्वरूप पार्क से समर्थकों ने जुलूस की शक्ल में निकलकर नारेबाजी की।
1:30 बजे अलंकार को लखनऊ ले जाने के लिए निजी कार उनके आवास के समीप ले जाई गई।
2:18 बजे पीसीएस अधिकारी अलंकार को निजी वाहन पर बैठाकर लखनऊ भेजा गया।
हनुमान जी की फोटो को लेकर पिछले साल भी थे सुर्खियों में
अलंकार अग्निहोत्री पिछले साल अगस्त में भी सुर्खियों में थे। दरअसल, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को प्रबुद्धजन सम्मेलन के लिए अनुमति नहीं मिली थी। इसे लेकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता 14 अगस्त 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के कार्यालय गए थे। उस दौरान जमकर हंगामा हुआ था। इसे लेकर सिटी मजिस्ट्रेट का कहना था कि उनके चेंबर में हनुमान जी की फोटो लगी है। इसी को अपराध बताकर नारेबाजी की गई। वहीं, पार्टी पदाधिकारियों का कहना था कि शासनादेश के अनुसार सरकारी कार्यालय में महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर की फोटो लगी होनी चाहिए। हनुमान जी की फोटो को लेकर आपत्ति नहीं की थी।