उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के नगरिया मोड़ के पास जली अवस्था में मिली पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस पर उसके रिश्तेदार को परेशान करने का आरोप लगाया है, जो बृहस्पतिवार से पुलिस की हिरासत में है। छात्रा के पिता का कहना है कि जब बिटिया के गुनहगार पकड़े जा चुके हैं तो उसके रिश्तेदारों को क्यों परेशान किया जा रहा है। लखनऊ में छात्रा के साथ मौजूद पिता का कहना है कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसकी बहन के देवर के बेटे को पूछताछ के लिए उठाया था।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन से उसके बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। घरवाले परेशान हैं। देवर के बेटे से सालभर पहले बेटी के रिश्ते की बात की गई थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी थी। तब से सब सामान्य था। पिता का कहना है कि फाइल न देने पर पिंकी ने सारा षड़यंत्र रचा था। वह बेटी से कोई फाइल मांग रही थी।
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जांच करती पुलिस
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बेटी ने फाइल देने से मना करते हुए फोटोकॉपी कराने की बात कही थी। बेटी ने दस रुपये भी दिए फोटोकॉपी के लिए मगर पिंकी नाराज हो गई। इसी को लेकर उसने पूरी साजिश रची। आरोपी जेल जा चुके हैं लेकिन पुलिस परेशान कर रही है। रिश्तेदार को उठाकर उसकी बेटी से वीडियो कॉलिंग पर बात कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे बेटी परेशान हो रही है।
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जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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पिता ने बताया कि शनिवार को कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदली गई है। एसपी एस आनंद ने बताया कि आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद अभी पुलिस की जांच चल रही है। केस के लिहाज से पूछताछ भी की जा रही है। पीड़िता को कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जा रहा है।
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
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वहीं, शनिवार को पीड़ित छात्रा का कॉलेज आई कार्ड डैम रोड पर मिला है। यह कार्ड यहां पर कैसे पहुंचा, इसकी जांच पुलिस कर रही है। लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती छात्रा के बयान के बाद पुलिस ने एसएस कॉलेज के दो छात्र मनीष, सुभाष के साथ रुद्रपुर की एक फैक्ट्री में काम करने वाले राजू को शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
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इसी जगह पर लगाई थी
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छात्रा की सहेली पिंकी को भी पुलिस ने जेल भेजा था। छात्रा के मुताबिक, वह पिंकी के कहने पर पिता की नजरों से बचकर डैम रोड पर गई थी। पुलिस का कहना है कि छात्रा डैम रोड से होती हुई अकेले पैदल नगरिया मोड़ के पास बगिया पहुंची थी। यहां पर तीन युवकों ने उससे दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर केरोसिन डालकर जला दिया। छात्रा का आईकार्ड पुलिस को नहीं मिला था।
शुक्रवार को छात्रा का आईकार्ड पुलिस को डैम रोड के पास मिला है। किसी राहगीर ने कार्ड मिलने पर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद तिलहर पुलिस ने आई कार्ड कब्जे में ले लिया। सवाल यह उठ रहा है कि अगर छात्रा स्वेच्छा से पैदल वारदात स्थल तक पहुंची तो उसने अपना आई कार्ड रास्ते में क्यों फेंक दिया। ऐसा तो नहीं कि आई कार्ड आरोपियों ने यहां फेंका हो। तिलहर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी ने बताया कि कार्ड मिल गया है। कार्ड कैसे वहां पहुंचा, इसकी जांच की जाएगी।