शाहजहांपुर के खुटार में डंपर की टक्कर बस में लगने से घायल और बाल-बाल बचे श्रद्धालु मौत का मंजर याद कर सिहर उठे। ढाबे पर बस के रुकने के बाद कई लोग खाना खा रहे थे तो कुछ लोग गर्मी के कारण बस के आसपास टहलने लगे। अचानक तेज धमाके के बाद धूल का गुबार उठा और फिर चीख-पुकार मच गई।
सीतापुर जनपद के गांव बड़ा जटहा निवासी रतिपाल अपनी पत्नी मायावती और पुत्र दीपांशु के साथ बस में सवार थे। रतिपाल ने बताया कि रात लगभग साढ़े दस बजे बस को ढाबे पर यात्रियों के खाना खाने और आराम करने के लिए रुकवाया गया था। यात्रियों से कहा कि जिसे भी भोजन, चाय-नाश्ता करना है, वह कर ले, फिर आगे चलेंगे। कई लोग भोजन आदि करने के लिए बस से उतर गए। कुछ बस में या उसके पास ही घर से साथ लाए भोजन करने लगे।
विज्ञापन
2 of 18
shahjahanpur accident
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर बाद डंपर की बहुत ही तेज आवाज सुनाई दी, जो तेज रफ्तार के कारण थी। ढाबे से कुछ पहले ऐसी आवाज आई कि चालक ने जैसे ब्रेक लगाने का प्रयास किया हो। डंपर तेज रफ्तार से बाईं ओर ढाबे की तरफ मुड़ा तो लोगों ने सोचा कि डंपर चालक रुकना चाहता है। इसलिए कच्चे रास्ते पर लेकर आ रहा है, लेकिन डंपर की तेज रफ्तार से सभी हैरान थे।
विज्ञापन
3 of 18
हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कुछ सोचने-समझने से पहले ही डंपर सीधा बस में आगे से जा टकराया। तेज धमाके से कान सुन्न हो गए। धूल छंटी तो देखा कि डंपर की टक्कर के बाद कई लोग हादसे की चपेट में आ गए। माता पूर्णागिरि के दर्शन करने की खुशी और उल्लास में हंसते-खिलखिलाते कई लोग पलभर में लाश में बदल गए। हादसा देखकर मायावती, रूबी सहित कई महिलाएं बेहोश हो गईं। उनको बमुश्किल संभाला जा सका।
4 of 18
शवों को चादर से ढका गया
- फोटो : अमर उजाला
रतिराम अपने परिवार के साथ बस से आगे करीब 20 मीटर दूर थे। उनके साथ कई यात्री और भी बैठे भोजन कर रहे थे। हादसे के बाद वे लोग भागकर बस के पास पहुंचे तो भयावह दृश्य था। डंपर की बजरी बस के अंदर भर गई थी। बस में और बस के पास शव और मरने वालों के अंग पड़े हुए थे।
विज्ञापन
5 of 18
शाहजहांपुर हादसा: जेसीबी से हटाई गई बजरी
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद ढाबा स्वामी भी भाग गया। सूचना पर हादसे के 10 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया गया। डंपर की बजरी के कारण लोगों को निकालना तक मुश्किल था। इस पर आसपास के ईंट भट्ठों से चार जेसीबी, दो हाइड्रा मशीन और दो क्रेन बुलाकर घायलों और मृतकों को निकालकर सीएचसी भिजवाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शव निकाले जा सके।
विज्ञापन
6 of 18
शाहजहांपुर हादसा: घटना से सहमे बच्चे व महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में मृत सभी लोगों के परिवारों की मजदूरी से होती है गुजर
जनपद सीतापुर के कस्बा सिधौली से एक रोड ब्लॉक कार्यालय के पास होते हुए गांव काशीपुर को जाता है। इस डामर रोड पर दो किमी चलने पर गांव जटहा पड़ता है। लगभग तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में यादव और पासी बिरादरी के लोग रहते हैं। अधिकांश लोग मजदूरी पेशा हैं। प्रधान नेमचंद्र यादव ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि 25 मई की शाम को गांव के लोग हर्षोल्लास के साथ माता पूर्णागिरि धाम के लिए रवाना हुए थे। गांव के तमाम लोगों ने श्रद्धालुओं को विदाई दी थी। गांव के लोगों को क्या मालूम था कि इसमें 12 लोगों को वह अंतिम विदाई दे रहे हैं। रात लगभग 11 बजे गांव में हादसे की सूचना मिली तो लोग शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गए। प्रधान के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाली सोमवती के पति केदारी मजदूरी करते हैं।
विज्ञापन
7 of 18
शाहजहांपुर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी मृतक छुटकी के पति छोटेलाल राज मिस्त्री का कार्य कर रोजी रोटी चलाते हैं। बस और यात्रियों की बुकिंग करने वाले रूपेश एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं। मृतक प्रमोद कुमार भी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शिवशंकर यादव अक्सर बीमार रहते थे। वह लोहे की दुकान पर नौकरी करते थे। मृतक मीना देवी के पति रामदास पुताई का कार्य करते हैं। रामगोपाल और बिंद्रा प्रसाद भी मजदूरी कर परिवार की गुजर करते थे। हादसे की सूचना के बाद कमलापुर थाने की पुलिस ने भी गांव पहुंचकर जानकारियां जुटाई हैं।
8 of 18
रुपेश ने बयां किया हादसे का भयावह मंजर
- फोटो : अमर उजाला
आंखों के सामने इकलौते बेटे को कुचल दिया...छिन गया सहारा
बस बुक कराने वाले रूपेश के 15 वर्षीय पुत्र अजीत को हादसे ने लील लिया। बस रुकने पर पिता-पुत्र पानी लेने जा रहे थे। बैग को सीट पर रखने के दौरान डंपर ने टक्कर मार दी। बस के पहिये के नीचे आकर ही अजीत की मौत हो गई।
9 of 18
हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
मेडिकल स्टोर पर नौकरी करने वाला रूपेश हर साल पूर्णागिरी बस को लेकर जाता था। शनिवार की सुबह पांच बजे बस श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई थी। रास्ते में गोला गोकर्णनाथ में दर्शन कराए गए। रात में बस खुटार पहुंची तो रूपेश, उसकी पत्नी पूनम, आठ साल की बेटी प्रिया और इकलौता पुत्र अजीत खाना खाने को बैठ गए। तभी रूपेश बोतल लेकर पानी लेने चल दिया।
10 of 18
बेटे की मौत पर बिलख पड़े रुपेश
- फोटो : अमर उजाला
उसके साथ बेटा भी था। रूपेश के अनुसार, उसने बेटे को बैग को बस की सीट पर रखने को भेजा। तभी डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे के बार चारों ओर धूल फैलने के साथ चीख-पुकार मच गई। जब धूल खत्म हुई तो बेटा बस के पहिये के नीचे पड़ा था।
11 of 18
Shahjahanpur accident
- फोटो : अमर उजाला
इकलौते बेटे का शव देखकर दंपती बिलख पड़े। बेटे का सिर गोद में रखकर रूपेश रोता रहा। उसके कपड़े खून से सन गए। पूनम और प्रिया की हालत को देखकर उन्हें दूसरे वाहन से घर भेज दिया। जबकि रूपेश भारी मन से पोस्टमार्टम हाउस पर आया। वह बार-बार कॉल कर परिवार वालों को समझा रहा था।
12 of 18
shahjahanpur accident
- फोटो : अमर उजाला
मां की मौत से गुमसुम हुआ बेटा
मेहनत-मजदूरी करने वाले केदार की पत्नी राजश्री उर्फ सोनमती (45) ने हादसे में अस्पताल लाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मां का शव पड़ा देखकर उसके पुत्र राजकरन ने सुध-बुध खो दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर घूम रहा राजकरन किसी से बात नहीं कर रहा था। उसकी आंखों के आंसू सूख गए थे। राजश्री के परिवार में बड़ा बेटा अनूप व बेटी सीमा है। सीमा की शादी हो चुकी है।
13 of 18
shahjahanpur accident
- फोटो : अमर उजाला
एक महीने से पूर्णागिरी जाने की तैयारी कर रही थी सुमन
हादसे में गंगाराम की पत्नी सुमन व सात साल के पुत्र आदित्य की मौत हो गई। देर रात बस के चालक ने उनके घर पर सूचना दी तो खलबली मच गई। पूर्णागिरी जाने के लिए गंगाराम, पत्नी सुमन, मां जगदेई व बेटा आदित्य सवार हुए थे। आदित्य गांव में कक्षा दो का छात्र है। हादसे में सुमन व आदित्य को डंपर ने कुचल दिया। उनका सिर का हिस्सा ही गायब हो गया। देर रात बस के चालक के मोबाइल नंबर से हादसे की सूचना दी गई।
14 of 18
हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
सुमन के पिता रामलाल ने बताया कि वर्ष 2002 में बेटी का विवाह किया था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते परिवार के खर्च से कटौती कर दर्शन करने जाने को रुपये जुटाए थे। करीब एक माह से यात्रा पर जाने की तैयारी चल रही थी। सुमन के परिवार में 15 वर्ष की बेटी अनामिका व 11 साल का अभिषेक है।
15 of 18
शाहजहांपुर हादसा: बचाव कार्य में जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
सीट को तोड़कर निकाला प्रमोद का शव
गांव के प्रमोद कुमार अपने बेटे यशराज के साथ सफर कर रहे थे। डंपर की टक्कर लगने के बाद प्रमोद की मौत हो गई। उन्हें सीट को तोड़कर व बजरी को फावडे़ से हटाकर निकाला गया। पिता की मौत के बाद यशराज बिलख पड़ा। खून से सने घायलों व शवों को देखकर वह बदहवास हो गया। पुलिस ने उसे संभाला। देर रात पुलिस ने यशराज से पता पूछा, तब उसने अपने बाबा महेश का मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने उसकी बात कराई तो परिवार में कोहराम मच गया। प्रमोद अपने पीछे पत्नी शिवप्रिया व सात साल के पुत्र रितिक को छोड़ गए हैं।
16 of 18
हादसे के चश्मदीद
- फोटो : अमर उजाला
पेशाब करने जाने पर बची पति और बेटे की जान, महिला की मौत
मुन्नी देवी उर्फ छुट्टकी बस रुकने पर उतरकर खाना खाने के लिए जमीन में बैठ गई थी। उनके पति छोटेलाल व पुत्र सुशील व पौत्र रितिक पेशाब करने के लिए चले गए। तभी डंपर ने मुन्नी देवी को कुचल दिया। छोटेलाल का परिवार हर साल पूर्णागिरी जाता था। शनिवार को वे बस में सवार हुए थे। उनके परिवार में पुत्र सुशील व अनिल भी है। हादसे की खबर उन्हें दी गई तो परिवार में कोहराम मच गया। मुन्नी की मौत से परिजन के आंसू नहीं थम रहे थे।
17 of 18
shahjahanpur accident
- फोटो : अमर उजाला
रेफर होने के बाद साथी लखनऊ लेकर नहीं गए, बिंद्रा की मौत
राजकीय मेडिकल कॉलेज में देर रात को गंभीर रूप से घायल लल्लू सिंह उर्फ बिंद्रा को लाया गया। उनकी दोनों टांगे टूट चुकी थी। शरीर के अंदर भी चोटें आईं थीं। उनका उपचार न्यू इमरजेंसी में चल रहा था। देर रात में हालत बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। सीएमएस डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि परिवार का काेई व्यक्ति साथ नहीं था। गांव के लोग भी लखनऊ लेकर जाने को तैयार नहीं हुए। सुबह करीब दस बजे एक बार फिर हालत बिगड़ी। नर्सों ने कॉल कर उनके परिजन को लखनऊ लेकर जाने की सलाह दी। इस बीच उनकी मौत हो गई।
मां और इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
हादसे में रामदास की पत्नी मीना व सात साल के इकलौते पुत्र सुधांशु की मौत हो गई। मां-बेटी ही बस में सवार थे। उनकी मौत की सूचना पर रामदास व तीन बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। काफी मुरादों के बाद तीन बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ था। मां-बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।