बरेली व बदायूं के कई और आरोपी इसमें शामिल हैं, जिन्होंने गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। अब प्रशासन ने इनकी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में पांच साल पहले 27 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें मुख्य आरोपी फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा को बनाया गया था। प्रणय का ताल्लुक भले ही बदायूं से है, लेकिन बरेली में उसकी कई संपत्तियां हैं।
ग्रीन पार्क निवासी मनोज व नीरज जायसवाल, फैक्टरी प्रबंधन से जुड़ा सीबीगंज (बरेली) निवासी अश्विनी कुमार उपाध्याय, भमोरा के गांव बल्लिया निवासी अजय जायसवाल व मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल भी गैंगस्टर के मामले में आरोपी बताए जा रहे हैं। इनकी कई संपत्तियां बरेली में हैं। अश्वनी उपाध्याय को पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का रिश्तेदार बताया जाता है। बदायूं के बिसौली कस्बे में बुध बाजार निवासी सीएल टू गोदाम का मैनेजर प्रदीप गुप्ता, बिल्सी थाने के नागरजुना गांव का निवासी वीरेंद्र शंखधार भी आरोपी हैं।
स्थानीय पुलिस टीम रही तैनात
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई सहारनपुर के थाना जनकपुरी से आए इंस्पेक्टर विनोद मिश्रा की टीम ने वहां दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे के आरोपी मनोज व नीरज जायसवाल की संपत्तियां जब्त करने में जिलाधिकारी से सहयोग मांगा। इसके आधार पर नायब तहसीलदार रिठौरा विदित कुमार, नायब तहसीलदार भोजीपुरा अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय व इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह सुरक्षा के लिहाज से टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
बीडीए ने ध्वस्त किया था मनोज का बार
कुछ साल पहले जब मनोज जायसवाल के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट हुई तो स्टेडियम रोड पर स्थित उसका डाउन टाउन बार भी गिराया गया था। उस वक्त यह शहर के सबसे बड़े और आलीशान बार के रूप में स्थापित था। इसके बाद मनोज ने शराब का धंधा समेटना शुरू कर दिया और रियल एस्टेट में आ गया। हरूनगला में मनोज ने छह हजार वर्गमीटर में कॉलोनी विकसित की। शिकायत पर उसे भी बीडीए ने इस साल 19 जनवरी को गिरा दिया था।
खरीद-फरोख्त करने वाला खुद होगा जिम्मेदार
बताया गया कि संबंधित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त करने वाला खुद ही जिम्मेदार होगा। इस बारे में किसी का कोई दावा या आपत्ति हो तो तय अवधि के दौरान संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।