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दर्दनाक: हादसे में छह घरों के चिराग बुझे, 6 माह पहले हुई थी रजत की शादी; आर्यन ने मां से किया था ये आखिरी वादा

Sun, 26 Jan 2025 11:17 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर जिले में बरेली- फर्रुखाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार देररात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे कंटेनर में जा घुसी। हादसे में चचेरे-तहेरे भाइयों समेत छह दोस्तों की मौत हो गई। इनमें से चार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो की मौत बरेली में इलाज के दौरान हुई। 
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Sahjahanpur Road Accident - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। शादी में शामिल होने गए चचेरे-तहेरे भाइयों समेत छह दोस्तों की जिंदगी रफ्तार ने निगल ली। हादसे में छह घरों के चिराग बुझ गए। इससे तीन गांवों में मातम छा गया है। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेज आवाज से ग्रामीणों की नींद टूटी। इसके बाद वे मदद के लिए दौड़ पड़े।

कटियुली गांव निवासी बलवीर सिंह के पुत्र सुमित की शादी थी। उसके छह दोस्तों ने बरात के साथ न जाकर निजी वाहन से शामिल होने की योजना बनाई। दहेना निवासी राहुल के पास कार थी। वह उसे लेकर चलने के लिए राजी हो गया। उसमें सवार होकर सभी मौजमस्ती करते हुए निकल गए।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
सामने से आ रहे कंटेनर से टकराई कार
कार को राहुल स्वयं चला रहा था। बरात में खाना खाने के बाद लौटने के दौरान सर्दी होने के चलते सभी को घर पहुंचने की जल्दी थी। बताते हैं कि रात में खाली रोड मिलने पर कार की रफ्तार अधिक थी। गति तेज होने के चलते कार अनियंत्रित हो गई। सामने से आ रहे कंटेनर से टकरा गई। भीषण टक्कर से कटियुली गांव के लोग जाग गए।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कुछ दूरी पर स्थित ढाबे से लोग भी बचाव के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। एंबुलेंस से सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन छह लोगों को वहां मृत घोषित कर दिया गया था।

 

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मृतक आकाश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दो साल में छिन गईं आरती की खुशियां
हादसे में जान गंवाने वाले गोरा गांव निवासी भंवरपाल के इकलौते पुत्र आकाश की दो साल पहले ही आरती से शादी हुई थी। आठ महीने पहले उनके घर में बेटे का जन्म हुआ था। उनकी हंसती-खेलती जिंदगी पर शुक्रवार को ग्रहण लग गया। आकाश की मौत की खबर घर पहुंची तो परिवार के लोग बिलख पड़े। अविवाहित बहन सहजल, मां मधु भी दहाड़े मारकर रो पड़ी। मधु बार-बार बेटे को याद करते हुए बेहोश हो गई। रोते हुए बोली कि भगवान, हमने क्या बिगाड़ा था, जो यह सजा हमें दी।
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मृतक विनय का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विनय के लिए लड़की देख रहे थे परिजन
दिनेश कुमार का इकलौता पुत्र विनय शर्मा ने दसवीं तक ही पढ़ाई की थी। वह पिता के साथ खेतीबाड़ी में हाथ भी बंटाता था। बहन सोनी और रोशनी की शादी हो चुकी है, जबकि शिवानी और अनुज्ञा अविवाहित है। मां मीना बेटे की शादी के लिए लड़की की तलाश कर रही थी। उसकी मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया है। मां मीना देवी बिलख पड़ी। बोली कि बेटे के सिर पर सेहरा देखने की इच्छा अधूरी रह गई। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद कफन में लिपटा शव देख सभी लोग रोने लगे।

 
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मृतक आर्यन का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जल्दी आने की बात कह निकला था आर्यन
पांच भाइयों में दूसरे नंबर का आर्यन उर्फ गोपाल भी सुमित की शादी से कार से लौट रहा था। शादी में जाने से पहले मां मनोरमा ने सर्दी का मौसम होने के चलते जल्दी आने की बात कही थी। बताया था कि कोहरा होने लगता है तो ज्यादा देर मत लगाना। वह जल्दी आने की बात कहकर तेज कदमों से बाहर निकल गया था। देर रात में आई उसकी मौत की सूचना पर परिवार फफक-फफक कर रो पड़ा। वह अपने पीछे भाई गोविंद, आयुष, आकर्ष और वैभव को छोड़ गया है। वह अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी में हाथ भी बंटाता था।
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मृतक मोहित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सबसे छोटा होने के चलते लाडला था मोहित
12वीं तक पढ़ाई करने वाला मोहित दो भाइयों व दो बहनों में सबसे छोटा था। इस वजह से वह सबका लाडला था। हादसे में घायल होने के बाद परिजन रात में सीएचसी जलालाबाद पहुंचे। वहां से रेफर कराकर राजकीय मेडिकल कॉलेज लाए। सुधार नहीं होने पर परिजन ने बरेली तक उपचार कराया, लेकिन बेटे को बचा नहीं सके। वह अपने पीछे मां विमला देवी, भाई विजय सिंह, बहन नीतू व रूचि को छोड़ गया है। बहनों की शादी हो चुकी है।

 
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मृतक रजत का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छह महीने पहले हुई थी रजत की शादी
टिंगरीगांव निवासी रजत खेतीबाड़ी करता था। उसकी छह महीने पहले ही जलालाबाद क्षेत्र से शादी हुई थी। शुक्रवार की रात में हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एक साल पहले ही उसकी मां की कैंसर के चलते निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। छह महीने पहले बहू के आने पर परिवार में खुशी आई थी, लेकिन रजत की मौत से एक बार फिर से परिवार पर वज्रपात टूटा पड़ा। उसकी चार बहनों की शादी हो चुकी है। एक भाई और एक बहन अविवाहित है।
 
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