पूरनपुर हादसे में लखनऊ के 16 वर्षीय छात्र आनंद ने अपने माता-पिता को गवां दिया। दोनों की एक साथ मौत ने आनंद को अंदर तक तोड़कर रख दिया। जब उससे हादसे के बारे में पूछा तो रोने लगा। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ ऐसा क्यों हो गया। चिल्लाकर बोला- हे भगवान, ये मुझे कैसी सजा दी है।
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pilibhit accident
- फोटो : pilibhit accident
मेरे मां-बाप दोनों की जान चली गई। मेरी दुनिया ही उजड़ गई है। अब मेरी चिंता करने वाला कोई नहीं रहा। मेरी भी जान चली जाती तो ठीक था। दूसरी ओर बहराइच के वीरसेन अपने भाई की मौत पर दुखी थे। लखनऊ के महानगर में रहकर निधि पब्लिक स्कूल कक्षा 10 के छात्र आनंद के पिता मोहन बहादुर लखनऊ की एक कॉलोनी में सुरक्षागार्ड की नौकरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे।
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- फोटो : अमर उजाला
मां कलावती और पिता मोहन बहादुर का सपना था कि जब बेटा पढ़ लिखकर अच्छी जगह नौकरी करने लगेगा तो वह सुरक्षा गार्ड की नौकरी छोड़ देंगे। इसीलिए उसके पिता रात दिन मेहनत करके जो भी कमाते थे, वह बेटे की पढ़ाई पर खर्च कर देते थे। आनंद ने बताया कि मूल रूप से उसका परिवार नेपाल का रहने वाला है मगर जबसे उसने होश संभाला, तबसे वह लखनऊ में ही रहता था।
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- फोटो : अमर उजाला
उसके अन्य रिश्तेदार नेपाल में रहते हैं। पिता कई दिनों से रिश्तेदारों से मिलने की बात कहते थे। रिश्तेदार भी अक्सर फोन करके अपने घर बुलाते थे। शुक्रवार शाम को वह माता-पिता के साथ रोडवेज बस से रिश्तेदारी में नेपाल जा रहा था। उसकी योजना पीलीभीत से बनवसा होते हुए नेपाल जाने की थी मगर हादसे ने उसकी दुनिया उजाड़ दी। अब वह किसके सहारे आगे का जीवन जिएगा।
बहराइच के थाना नानपारा के गांव बंजरिया निवासी पप्पू ने बताया कि हादसे के समय वह गहरी नींद में। कब क्या हुआ, उसे कुछ पता ही नहीं लगा। अस्पताल में होश आने पर उसने साथियों के चीखने, चिल्लाने की आवाज सुनी तब सोचा कि वह कहां आ गया। पहले शरीर में दर्द महसूस होने पर कुछ समझ में नहीं आया मगर बाद में साथियों ने बताया कि रोडवेज पलट गई। उसमें वह घायल हो गया है।