पीलीभीत में मुठभेड़ में नई जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पंजाब में चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद सिद्धू ने ही आतंकियों को पूरनपुर भेजा था। यहां उनकी मदद के लिए अपने परिचितों को आगे किया व होटल में रुकवाया।
पीलीभीत में मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी विदेश जाने की तैयारी में थे। माना जा रहा है कि यही लालच देकर उन्हें पूरनपुर बुलाया गया। उनके फर्जी आधार तो आ ही गए थे। वीजा और पासपोर्ट बनने तक सुरक्षित स्थान पर शरण लेने का प्रयास हो रहा था। इंग्लैंड में बैठा बब्बर खालसा का आतंकी कुलबीर सिंह सिद्धू आतंकियों की मदद कर रहा था। उसी के कहने पर ही तीनों पूरनपुर आए थे। पुलिस और एजेंसियों को जांच में इस बात की अहम जानकारियां मिली हैं।
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पूरनपुर के होटल हरजी का कमरा नबंर 105
- फोटो : संवाद
सिद्धू ने ही आतंकियों को होटल में रुकवाया
पुलिस सूत्रों के अनुसार पंजाब में चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के बाद सिद्धू ने ही आतंकियों को पूरनपुर भेजा था। यहां उनकी मदद के लिए अपने परिचितों को आगे किया व होटल में रुकवाया। इसके बाद रुकने का कोई सुरक्षित ठिकाना तलाशने के साथ ही फर्जी वीजा और पासपोर्ट तैयार करके तीनों को विदेश भेजा जाना था।
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होटल मे जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू के पूरनपुर क्षेत्र में वीजा और पासपोर्ट के धंधे से गहरे तार भी जुड़े हैं, इसलिए वह यहां से ही पूरा तानाबाना बुन रहा था। पुलिस और एजेंसियां की जांच फर्जी वीजा-पासपोर्ट के खेल को भी इसीलिए खंगाल रही हैं। हालांकि आतंकी इंग्लैंड, कनाडा या कौन से देश जाने के लालच में यहां पहुंचे थे? उन्हें किस माध्यम से, कैसे, कहां भेजा जाना था? विदेश जाने से पहले देश के ही किसी हिस्से में जाना था या फिर पूरनपुर क्षेत्र में ही शरण लेनी थी? पुलिस और एजेंसियां इन सभी पहलुओं पर भी गहनता से जांच कर रही हैं।
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सीसीटीवी में कैद आतंकी और अन्य
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू को पूरनपुर तक लाने वाले की तलाश
इंग्लैंड में बैठे बब्बर खालसा के आतंकी कुलबीर सिंह सिद्धू को पूरनपुर तक लाने वाले की तलाश पर पुलिस अधिक जोर दे रही है। जांच में पुलिस को अहम जानकारी भी मिलने की बात सामने आई है। उसी जानकारी पर पुलिस काम कर रही है। सिद्धू पूरनपुर क्षेत्र में कोविड काल में करीब एक साल तक रुका था। इस दाैरान उसने यहां कई युवाओं से मित्रता की थी।
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होटल के बाहर तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां पता कर रही हैं कि हरियाणा के यमुना नगर निवासी सिद्धू को सबसे पहले पूरनपुर काैन लाया? किसने यहां उसे पहले शरण दी? बताते हैं कि सिद्धू जब यहां आकर रुका था, उस समय भी वह किसी मामले में वांछित था। चूंकि यहां उसका इतिहास किसी को पता नहीं था, इसलिए वह यहां आकर ठहर गया।
वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसन प्रीत सिंह के फाइल फोटो
- फोटो : यूपी पुलिस
पुलिस व एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि पूरनपुर और गजराैला जप्ती गांव में रहने के बाद सिद्धू कहां गया? वह विदेश कहां से भागा? अधिकारियों का मानना है कि यहां उससे जुड़े रहे युवाओं को कुछ जानकारी जरूर होगी। मारे गए आतंकियों को होटल में ठहराने के लिए मदद करने वाले गजरौला जप्ती के जसपाल सिंह उर्फ सनी से भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने से कुछ और जानकारियां मिलने की उम्मीद है।