बरेली में कोहाड़ापीर-नैनीताल रोड पर अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों पर नगर निगम ने नोटिस चस्पा दिया है। जिसमें दुकानदारों को 24 घंटे में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसा न करने पर बुलडोजर से अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा। इस नोटिस से दुकानदारों में खलबली मची हुई है।
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मलबे में सामान तलाशते दुकान के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर नगर निगम ने सख्ती तेज कर दी है। कोहाड़ापीर-नैनीताल रोड पर दोबारा बुलडोजर कार्रवाई शुरू करने से पहले अतिक्रमण की जद में आ रहे दर्जनभर पक्के भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। इससे क्षेत्र में खलबली मची है। संबंधित लोगों को 24 घंटे के भीतर खुद अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया है। अन्यथा की स्थिति में मकानों पर बुलडोजर चलवाने और उसका खर्च भी अतिक्रमणकारियों से वसूलने की चेतावनी दी गई है।
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टूटी दुकान में बैठे व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटे चौराहे तक व कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड पर इज्जतनगर पुल से पहले तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबी सड़कों का चौड़ीकरण होना है। इसके लिए मंगलवार को नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी थी। बुधवार को भी टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण के दायरे में आने वाले भवनों को चिह्नित कर वहां नोटिस चस्पा किए। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बुलडोजर कार्रवाई के डर से कई लोगों ने खुद ही अपने निर्माण तोड़ने शुरू कर दिए। दिनभर क्षेत्र में हथौड़े चलते रहे। पक्के निर्माण तक गिराए गए।
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बुलडोजर से गिराई गईं दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
एक्सईएन राजीव राठी ने कहा कि कोहाड़ापीर-नैनीताल रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान कभी भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
धार्मिक स्थलों के आसपास भी चला अभियान
कोहाड़ापीर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल सड़क तक सीमित नहीं रही, बल्कि धार्मिक स्थलों के आसपास बने अवैध निर्माण पर भी सख्ती दिखाई गई। हालांकि, धर्मस्थल को छूने से परहेज किया।
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दुकानों से सामान लेकर जाते दुकानकार व कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे दिन मलबे में सामान तलाशते रहे दुकानदार
नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई के दूसरे दिन बुधवार को भी कोहाड़ापीर चौक से धर्मकांटा रोड तक हलचल रही। सुबह होते ही व्यापारी और दुकानदार अपने-अपने टूटे भवनों का मलबा समेटते रहे। उसी मलबे में वे अपनी उपयोगी वस्तुएं, सामान आदि तलाशते रहे। इस दौरान कई व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त समय दिए की गई इस कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
कुछ दुकानदारों ने मुआवजे की मांग भी उठाई। उधर, नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को शहर को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी बताया जा रहा है। प्रभावित व्यापारी अब नुकसान का आकलन करने और अपने व्यवसाय को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में लगे हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर मनीष अवस्थी ने बताया है कि विकास कार्य से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो रही है। 75 से 80 पक्के निर्माण इसकी जद में आ रहे हैं।
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मोहम्मद मोहसिन और नदीम शम्सी
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व्यापारी बोले- जितना निशान लगाया, उससे ज्यादा की तोड़फोड़
दुकानदार मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि मेरी दुकान पर जितना निशान लगाया गया था, उससे कहीं ज्यादा तोड़फोड़ की गई। हम सामान तक नहीं निकाल पाए। नदीम शम्सी ने कहा कि नगर निगम के नोटिस पर कार्रवाई की तारीख तक नहीं लिखी थी। अचानक हुई कार्रवाई से परेशानी हुई है।
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रफीक अहमद और अली
- फोटो : अमर उजाला
रफीक अहमद ने कहा कि मैं तीन पीढ़ियों से कोहाड़ापीर में रह रहा हूं, आज तक किसी ने नोटिस नहीं दिया। सामान निकालने का मौका भी नहीं मिला। अली ने कहा कि मेरी स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। दुकान में सामान लगा हुआ था, जिसे हम निकाल भी नहीं पाए। लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गुरदीप सिंह ने कहा कि वर्षों की मेहनत बेकार हो गई, अब दुकान को नए सिरे से बनवाना पड़ेगा। काफी समान अब भी मलबे में दबा हुआ है। निखिल ने कहा कि पेट्रोल पंप के पास ही छोटी सी दुकान थी। उसे भी अतिक्रमण बताकर गिरा दिया गया। अब क्या करें, कुछ समझ में नहीं आ रहा है।