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UP: कत्ल कर किशोर की लाश के किए छह टुकड़े, अलग-अलग मिले सिर और हाथ-पैर, बर्बरता से काटा; देखकर कांप गए लोग

Sun, 16 Mar 2025 03:02 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र के बिथरा गवं निवासी पूरनलाल उर्फ सागर 16 हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। आरोपी बिथरा गांव निवासी बॉबी, शुभम उर्फ शिवम व अमरिया थाना क्षेत्र के कैमोर गांव निवासी प्रमोद को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक पूरनलाल के पिता राम बहादुर से उनकी पुरानी मुकदमे बाजी को लेकर रंजिश चल रही थी। इस बात को लेकर पूरनलाल उनसे रंजिश रखता था। इसको लेकर उन्होंने पूरनलाल को मारने की योजना बनाई और उसे पड़ककर खेतों में ले जाकर हत्या की। 
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मृतक सागर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बिथरा में रंजिश को लेकर किशोर का अपहरण कर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को छह टुकड़ों में उसका शव बोरे में बंद मिला। पुलिस ने शनिवार को नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त बांका और एक बाइक भी बरामद की गई है। तीनों को जेल भेज दिया गया। रामबहादुर का पुत्र पूरनलाल उर्फ सागर (16) 10 मार्च की रात 11 बजे घर से कुछ दूरी पर झोंपड़ी में सो रहे पिता को देखने गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। कोई जानकारी न मिलने पर परिजनों ने 12 मार्च को न्यूरिया थाने में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

14 मार्च को दोपहर 12 बजे न्यूरिया के मंडरिया गांव स्थित रोहतनिया पुल के नीचे उसका शव बोरे में बंद मिला। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने भी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। 
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मृतक के घर पुलिस और गांव वाले - फोटो : अमर उजाला
पिता राम बहादुर ने रंजिश का जिक्र करते हुए गांव के बॉबी, शुभम उर्फ शिवम व अमरिया क्षेत्र के कैमोर गांव निवासी प्रमोद के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने पूर्व में दर्ज मुकदमे को हत्या में तरमीम कर आरोपियों को नामजद किया। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि आरोपियों ने रंजिश में हत्या की बात कबूल की है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
10 मार्च को आरोपियों ने दी थी खून से होली खलेने की धमकी
पीलीभीत के बिथरा गांव में मृतक पूरनलाल का परिवार आरोपियों की दबंगाई से परेशान था। आरोपी पक्ष अक्सर विवाद पर उतारू रहते थे। 10 मार्च की शाम को पूरनलाल के फोन पर बात करते हुए रास्ते से गुजरने पर आरोपियों ने एतराज जताया था। कहासुनी के बाद गालीगलौज की। जानकारी पर पूरनलाल के चाचा कालीचरन मौके पर पहुंचे और बचाव कराया। आरोपियों ने चाचा के सामने धमकी दी थी कि इस बार खून की होली खलेंगे। गांव में मृतक और आरोपियों का घर सौ मीटर के दायरे में हैं। चाचा कालीचरन के अनुसार एक साल पूर्व भी आरोपियों ने मारपीट की थी। उस समय पूरनलाल अपनी बाइक लेकर रास्ते से गुजर रहा था।

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बोरी में भरकर फेंके टुकड़े - फोटो : अमर उजाला
इसपर आरोपी शिवम और उसके परिजनों ने बाइक की आवाज तेज होने का विरोध करते हुए उसे रोककर पीटा था। बचाने पहुंचे कालीचरन समेत परिवार के सात लोगों के साथ भी मारपीट की थी। मामले में तहरीर देने पर उनके पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। जबकि आरोपी शिभम पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पूरनलाल समेत सात लोगों के खिलाफ मारपीट और एससीएचटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। मुकदमा विचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार इसके बाद से आरोपी विवाद करने पर उतारू रहते थे। 10 मार्च को शाम के समय पूरनलाल फोन पर बात करते हुए रास्ते से गुजर रहा था। इस दौरान अपने घर के सामने खड़े आरोपी तेज आवाज में बात करने की बात कहकर विरोध करने लगे। 
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पोस्टमार्टम हाउस पर लोग - फोटो : अमर उजाला
गालीगलौज शुरू हो गई। जानकारी पर पूरनलाल के चाचा कालीचरन भी मौके पर पहुंचे और समझाकर विवाद शांत कराया। कालीचरन ने बताया कि आरोपी पक्ष शिवम के भाई साहिल और गुड्डू खून की होली खेलने की धमकी देने लगे। इसपर उन्हें समझाकर भतीजे पूरनलाल को घर भेज दिया। रात करीब 10 बजे वह अपने घर आकर सो गए। पूरनलाल घर के नजदीक अपनी जमीन पर बनी झोपड़ी में सो रहे पिता रामबहादुर से मिलने के लिए गया। इसके बाद से वह लापता हो गया। 11 मार्च को शाम तक जब घर नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि मामले में जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
 
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पूरनलाल उर्फ सागर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
परिजन बोले, थाने पहुंचकर पुलिस को धमकी के बारे में भी बताया
मृतक के चाचा कालीचरन ने बताया 11 मार्च को तलाशी के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो 12 मार्च को वह परिजनों के साथ न्यूरिया थाने पहुंचे। पुलिस को भतीजे के लापता होने की जानकारी दी। यह भी बताया कि गांव के कुछ लोग से उसका विवाद हुआ था, वह मारकर खून की होली खेलने की धमकी दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की थी। परिजनों के साथ खोजबीन भी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका था।
 
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पूरनलाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
तीसरे दिन महेशपुर रोड पर मिला था मोबाइल
किशोर के लापता होने के बाद परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस भी गांव पहुंची थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा था। परिजनों के अनुसार तीसरे दिन गांव के निकट महेशपुर रोड पर उसका मोबाइल फोन पड़ा मिला। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने परिजनों को दी थी। इसपर परिजन मोबाइल ले आए थे।

 

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एसपी अविनाश पांडे - फोटो : अमर उजाला
बर्बरता से काटा गया शरीर
आरोपियों ने पूरनलाल के शव को बर्बरता के साथ काटा और बोरे में बंद कर पुल के नीचे ले जाकर फेंक दिया। उसकी सिर, गर्दन, दोनों हाथ, दोनों पैर अलग थे। मौके पर कोई हथियार आदि नहीं मिला। शव की स्थिति देख लापता होने के बाद हत्या कर देने की बात सामने आई। तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया।

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मृतक के घर भीड़ - फोटो : अमर उजाला
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस रही तैनात
पूरनलाल का पोस्टमार्टम के लिए शुक्रवार देर शाम शव घर पहुंचा। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पर सीओ विधि भूषण मौर्या, थाना प्रभारी रूपा विष्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दो आरोपियों को पकड़ने की बात कही। इसपर परिजन मानें और शनिवार सुबह शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया।

 
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सागर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पांच बहनों में इकलौत भाई का पूरनलाल, घर की संभालें था जिम्मेदारी
पूरनलाल काफी गरीब परिवार से हैं। उसके पिता राम बहादुर और माता इंद्रवती वृद्ध हैं। पांच बहनों में पूरनलाल इकलौता भाई था। परिवार की हालात नाजुक देख उसने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। मेहनत मजदूरी कर घर का पालन पोषण करने लगा। पूर्व में वह काम करने के लिए गुजरात भी गया था। रक्षाबंधन के बाद से गांव में ही रह रहा था। मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी पांच बहनें जशोदा देवी, गुड्डू, रानी, देवकी देवी, हिमाला देवी हैं।

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