बरेली में साबिर पाक के उर्स में शामिल होने कलियर जा रहे चार युवकों की मौत ने पुराना शहर को हिलाकर रख दिया। ईद मीलादुन्नबी की खुशियों में डूबे उनके परिवारों को देर रात उनकी मौत की खबर मिली तो जैसे उन पर पहाड़ टूट पड़ा। चारों युवकों पर अपने परिवारों की जिम्मेदारी थी। उनकी मौत के बाद यह सवाल पैदा हो गया है कि उनके परिवारों की जिंदगी अब कैसे कटेगी।
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तनवीर खान
- फोटो : अमर उजाला
नहटौर में हादसे का शिकार हुए युवकों में शामिल तनवीर का फर्नीचर का काम था। बड़े भाई वशी खां के मुताबिक पांच भाई और छह बहनों के उनके परिवार में तनवीर चौथे नंबर का था। कुछ ही समय पहले उसका रिश्ता तय हुआ था और अगले साल शादी की तैयारी थी।
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राजू
- फोटो : अमर उजाला
टेलरिंग का काम करने वाले राजू की भी शादी नहीं हुई थी। उनके परिवार में तीन बहन और चार भाई हैं। जरी का काम करने वाले छोटू की तीन छोटी बेटियां हैं। उन पर पत्नी-बेटियों के साथ बुजुर्ग पिता और दिव्यांग बहन की भी जिम्मेदारी थी।
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शहजाद अली
- फोटो : अमर उजाला
इफ्तिखार अपने पिता के साथ सब्जी की दुकान चलाते थे। हादसे में चारों की जान जाने के बाद परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। वशी खां और पड़ोस के लोगों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को इस बारे में बताया तो उन्होंने चारों परिवारों की मदद का आश्वासन दिया।
कार का टायर फटने से हुआ हादसा!
हादसे कैसे हुआ, यह तो बहुत ज्यादा साफ नहीं हुआ लेकिन बताया जा रहा है कि अचानक टायर फटने से बेकाबू हुई कार पुल की रेलिंग तोड़ते हुए झील में जा गिरी। कार बबलू की थी जिसे तनवीर चला रहा था। तनवीर के भाई वशी खां ने साफ किया कि टायर फटने से ही कार बेकाबू हुई थी। बबलू शीशा तोड़कर बाहर निकला जिसके शरीर पर कई चोटें हैं। आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा, जिलाध्यक्ष नदीम खान और डॉ. नफीस भी जनाजे में शिरकत करने पहुंचे और गम में डूबे परिवारों को सांत्वना दी।