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दिल्ली से घर को निकले मजदूरों ने बताया दर्द- कोरोना से बाद में मरते, भूख से पहले मर जाते, इसलिए पैदल ही चल पड़े 

Sat, 28 Mar 2020 09:01 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, बरेली 
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दिल्ली से बरेली पहुंचे मजदूर - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संकट के बीच बंदी के चलते दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हजारों लोग पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। दिल्ली से शाहजहांपुर जाने के लिए पैदल निकले 12 युवकों का जत्था बरेली होकर गुजरा तो अपनी पीड़ा बयां की। उन्होंने कहा कि दिल्ली बंद है और मकान मालिक भी वहां रहने नहीं दे रहे। 
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labours in lockdown - फोटो : अमर उजाला
एक मजदूर ने बताया कि उनके घर में मां भी बीमार है, इसलिए वो पैदल ही निकल आए। हालांकि रास्ते में उन्हें जगह-जगह लोगों ने खाने पीने का सामान दिया। पुलिस ने भी बीच-बीच में उनका सहयोग किया। दिल्ली से पैदल चलकर आने वाले अशफाक ने बताया कि दिल्ली में बंदी के बाद कोई काम नहीं था। वह जिस दुकान में सिलाई करते हैं, वहां उन्हें रोजाना के हिसाब से पैसे मिलते थे। पिछले कुछ दिनों से काम बंद है तो पैसे नहीं मिले। मकान मालिक ने भी उन्हें घर से जाने को कह दिया।
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labours in lockdown - फोटो : अमर उजाला
उधर, दिल्ली से अपने घर शाहजहांपुर आने के लिए उन्हें कोई साधन भी नहीं मिला तो वह और उनके 11 अन्य साथी पैदल ही वहां से चल दिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहते तो कोरोना से बाद में, भूख से पहले मर जाते। ऐसे में उन्हें किसी भी तरह घर पहुंचना ही उचित लगा।

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labours in lockdown - फोटो : अमर उजाला
आमिर ने बताया कि दिल्ली में कोई परिवहन का साधन नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे लोग पहले रेल की पटरियों के रास्ते और बाद में हाईवे पर चलके अपने घर को आने लगे। बीच में कहीं-कहीं कोई वाहन मिल जाता था तो वे सभी उस पर सवार हो जाते थे। इसके बाद फिर पैदल चलने लगते। 
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labours in lockdown - फोटो : अमर उजाला
वहीं, सादाब ने बताया कि रास्ते में उन्हें लोगों ने बहुत सहयोग किया। सड़क के किनारे लोगों ने उन्हें खाने के पैकेट दिए। पुलिस भी जगह-जगह उनकी मदद करती रही। बरेली में आने पर भी यहां की लोकल पुलिस ने उन्हें खाने के पैकेट दिए। अब वह थोड़ा आराम कर दोबारा अपने घर की ओर निकल पड़े हैं। इस दौरान उन लोगों के पांवों के छाले और शरीर की थकान पीड़ा की गहराई को बयां कर रही थी।
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