Bareilly News: बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के प्रगतिनगर में हुई जोगेंद्र की हत्या से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जोगेंद्र ने गांव में जमीन गिरवी रखकर यहां मकान बनवाया। नए घर से परिवार में खुशियां थीं, लेकिन बदमाशों ने जोगेंद्र की हत्या कर उनकी दुनिया उजाड़ दी।
बरेली में सब्जी विक्रेता जोगेंद्र ने गांव में जमीन गिरवी रखकर शहर में घर बनवाया। बच्चों की पढ़ाई और अच्छे भविष्य के सपने देखे, लेकिन बदमाशों ने जोगेंद्र की हत्या कर परिवार की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार रात घर में घुसे बदमाशों ने लूट के विरोध पर गोली मारकर जोगेंद्र की हत्या कर दी। उनकी पत्नी अनीता ने बताया कि हाल ही में मकान बनवाकर परिवार अपने मूल गांव आंवला के तिगरा खानपुर से यहां आया था। अनीता के घर से सटकर ही उनके भाई पीलीभीत कोतवाली में पीआरवी के हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र का भी मकान बन रहा था। यहां धर्मेंद्र ने मजदूरों का भुगतान करने की जिम्मेदारी अनीता व जोगेंद्र को ही दे रखी थी। जोगेंद्र की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जोगेंद्र का मकान
- फोटो : अमर उजाला
गांव में जमीन गिरवी रखकर बनाया घर
पुलिस ने जब जोगेंद्र के मूल गांव आंवला इलाके में जाकर जानकारी जुटाई तो पता लगा कि उसकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। परिवार बड़ा हो गया था तो खर्च पूरा करने के लिए जोगेंद्र ने शहर जाने की ठानी। पहले उन्होंने लाइन किनारे सस्ती जगह खरीदकर एक कमरा बनवाया। फिर आठ महीने से अकेले यहां रहकर सब्जी का ठेला लगाने लगे।
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इन्हीं सीढ़ियों पर हुई जोगेंद्र की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
काम जमने लगा तो जोगेंद्र ने अपने गांव की जमीन गिरवी रख दी। बताते हैं कि इस बात से करीबी लोग आहत थे। हालांकि, रुपये मिलने के बाद जोगेंद्र ने अपने मकान को रहने लायक बना लिया और तीन महीने पहले यहां पूरा परिवार ले आए। फिर एक दुकान भी किराये पर ली और यहां भी सब्जी बेचने लगे। दुकान पर बच्चे बैठते थे, वह खुद ठेला लगाते थे।
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जोगेंद्र हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
बदमाशों ने सीने में मारी गोली
अनीता ने पुलिस को बताया कि घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे हुई थी, जब उनका परिवार गहरी नींद में सो रहा था। वह और पति 40 वर्षीय जोगेंद्र बरामदे में तो तीन बच्चे कमरे में सो रहे थे। पालतू कुत्ते के भौंकने पर उनकी आंख खुली। छत पर खटपट हो रही थी। वह पति-पत्नी हाथ में डंडा लेकर जीने पर चढ़े तो छत से जीने में उतर रहे दो बदमाशों में से एक ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली पति को सीने पर लगी और वह चीखते हुए जीने से नीचे बरामदे में गिर पड़े। वह खुद हड़बड़ाहट में सीढ़ियों से नीचे लुढ़क गईं। पति ने तुरंत ही दम तोड़ दिया।
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जोगेंद्र के परिवार की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
रुपयों से भरा थैला ले गए बदमाश
अनीता ने बताया कि गोली लगने से पति ने तुरंत ही दम तोड़ दिया। इसके साथ ही बदमाश भी नीचे उतरे और घर में खूंटी पर टंगा थैला लेकर भाग गए। थैले में 68 हजार रुपये रखे थे। ये रुपये उनके भाई धर्मेंद्र ने अपने मकान निर्माण के लिए दिए थे। धर्मेंद्र ने मकान निर्माण में लगे मजदूरों का भुगतान करने की जिम्मेदारी अनीता व जोगेंद्र को ही दे रखी थी।
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जोगेंद्र के साले धर्मेंद्र का निर्माणाधीन मकान
- फोटो : अमर उजाला
अनीता के भाई ने पुलिस पर जताया भरोसा
अनीता के भाई हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र ने बताया कि छुट्टी नहीं मिल पाती है। बहन-बहनोई की मदद से मकान बनवा रहे थे। हाल ही में उन्हें सरिया, सीमेंट व मजदूरों को देने के लिए 68 हजार रुपये दिए थे। बहनोई ने कितने खर्च किए और कितने बचे, वह नहीं जानते। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस सही खुलासा करेगी।
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पति की हत्या से पत्नी हुई बेसुध
- फोटो : अमर उजाला
परिवार ने ठेकेदारों-मजदूरों पर शक जताया
एक सब्जी विक्रेता के घर को केवल लूट के लिए निशाना बनाने की बात अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों के भी गले नहीं उतर रही। इस दौरान अनीता और उनके परिजनों ने यह कहकर भी चौंका दिया कि इसमें भाई धर्मेंद्र के घर काम कर रहे मजदूरों व ठेकेदार राजू का हाथ है। संदेह जताया कि इसी थैले से रुपये निकालकर उनका हिसाब किया गया था। शुक्रवार को दिन में कभी पानी पीने तो कभी किसी और बहाने से ये लोग उनके घर में आए थे। उन्हें पता था कि रुपये कहां रखे हैं, इसलिए जाते वक्त वह थैला उठा ले गए।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शरीर में मिले छर्रे, ज्यादा खून बहने से हुई मौत
जोगेंद्र के शव के पोस्टमॉर्टम के दौरान हृदय, पेट, सीने पर कई जगह छर्रे लगे मिले। शरीर से खून ज्यादा बहने और हेमरेज शॉक से मौत होने की बात स्पष्ट हुई। घुटनों में भी चोट लगी मिली। जोगेंद्र की पत्नी के भी पैरों में चोट लगी थी और वह ठीक से चल नहीं पा रही थीं।
बेटी की छूटी बोर्ड परीक्षा
जोगेंद्र के चार बच्चों में सबसे बड़ी नीलम 17 साल की है और गांव में ही रहकर यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा दे रही है। पिता की हत्या की बात सुनी तो वह सुबह की पाली का पेपर देना भूलकर रोती हुई शहर चली आई। वह चीखकर कह रही थी कि मेरे पापा ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उनकी हत्या कर दी गई। जोगेंद्र के दो बेटे 14 साल का अरुण, 12 साल का भूपेंद्र मायूस दिखे। आठ साल की बेटी मधु भी सुबक रही थी। पत्नी अनीता बार-बार बेहोश हो रही थीं।