फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Leopard: शिकारियों के फंदे में फंसा तेंदुआ, आठ घंटे दहशत में रहे लोग, दो राज्यों की टीमों ने किया रेस्क्यू

Sun, 12 Feb 2023 06:00 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन
1 of 5
तेंदुए का किया गया रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
बरेली जनपद में बहेड़ी क्षेत्र के डंडिया गांव के लोग रविवार को आठ घंटे तक दहशत में रहे। दहशत की वजह था तेंदुआ, जो तार के फंदे में फंस गया था। यह फंदा शिकारियों ने जंगली सुअर को पकड़ने के लिए लगाया था, लेकिन तेंदुआ फंस गया। सुबह करीब आठ बजे किसान रवि ढाका के ट्रैक्टर चालक ने तेंदुआ देखा तो वह उल्टे पांव खेत पर भाग आया। फंदे से निकलने के लिए तेंदुआ गुर्राता रहा। गुर्राने की आवास सुनकर आसपास के खेतों में लोगों का मजमा लग गया। सूचना पर एसडीएम और वन विभाग की टीम पहुंच गई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज कर तेंदुए को बेहोश किया। इसके बाद उसे पिजड़े में बंदकर ले गई। बताया गया है कि तेंदुए को सीबीगंज स्थित वन विभाग के रेंजर कार्यालय में रखा गया है। लखनऊ से परमीशन मिलने के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

2 of 5
तेंदुआ (लाल घेरे में) - फोटो : अमर उजाला
यूपी-उत्तराखंड की सीमा से सटे डंडिया गांव में रालोद नेता रवि ढाका का फार्म है। फार्म के करीब नाले में अज्ञात शिकारियों ने जंगली सुअर को पकड़ने के लिए लोहे के तार का फंदा लगाया गया था। इसमें रविवार तड़के एक तेंदुआ फंस गया। गुर्राने की आवाज सुनकर जब रवि ढाका का ट्रैक्टर चालक नाले की तरफ गया तो इसकी जानकारी हुई। 
 
विज्ञापन

3 of 5
सड़क पर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
रवि ढाका ने तेंदुआ होने की जानकारी एसडीएम बहेड़ी को दी। एसडीएम अजय उपाध्याय ने तत्काल रेंजर रवींद्र सक्सेना को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग एक्टिव मोड पर आ गया। टाइगर रिजर्व सूचना दी गई। वहां से वाइल्डलाइफ की टीम दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंच गई।  इधर, उत्तराखंड से भी वाइल्डलाइफ की एक टीम आ चुकी थी। 

4 of 5
तेंदुए का किया गया रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
दोनों टीमों ने तेंदुए का रेस्क्यू शुरू किया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद गन से ट्रेंकुलाइज कर दिया गया। इसके बाद उसके पूरी तरह से अचेत होने का इंतजार किया गया। इस बीच दो बार टीम करीब गई तो तेंदुआ खड़ा हो गया। जब वह पूरी तरह अचेत हो गया तो आसपास की झाड़ियों को हटाकर जाल डालकर तेंदुए को स्ट्रेचर पर रखा गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रेस्क्यू टीम - फोटो : अमर उजाला
वाइल्डलाइफ की टीम ने उसका परीक्षण किया। उसके पैर से लोहे का तार निकाला गया। फिर उसे जरूरी इंजेक्शन देने के बाद जख्मों पर दवाई लगाई गई। फिर उसे पिंजड़े में डालकर ले जाया गया। रेस्क्यू में डॉ राजुल सक्सेना, मीरगंज रेंजर संतोष कुमार, बहेड़ी रेंजर रवींद्र सक्सेना, पीलीभीत टाइगर रिजर्व और उत्तराखंड वाइल्डलाइफ की टीम शामिल रही। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें