गर्रा नदी के उफनाने के बाद शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर जलमग्न हो गया। पानी ट्रॉमा सेंटर व ओपीडी के गेट तक पहुंच गया है। थोड़ा और पानी छोड़े जाने पर भूतल के अंदर पानी प्रवेश कर जाएगा। जलभराव होने के चलते मरीजों की छुट्टी दे दी गई है। वहीं लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर दो फुट तक पानी बह रहा है।
शाहजहांपुर में कई दिनों से गांवों और शहर की कई कॉलोनियों को घेरे बाढ़ के पानी ने शनिवार सुबह दिल्ली-लखनऊ हाईवे को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। शहर के बरेली मोड़ ओवरब्रिज के से मौजमपुर गांव तक करीब डेढ़ किमी हिस्से में करीब दो फुट पानी भर गया। शाम को बहाव और तेज हुआ तो दोपहिया वाहन और ऑटो-टेंपो जैसे हल्के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। बड़े वाहनों को भी धीमी गति से गुजारा जा रहा है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि हाईवे पर पानी के बहाव को देखते हुए टीमों को सतर्क कर दिया गया है। पीएसी की फ्लड यूनिट को हाईवे पर लगाया गया है, ताकि कोई हादसा न हो। हाईवे की लगातार निगरानी की जा रही है। उधर, हल्के वाहनों को रोके जाने से राहगीरों को काफी परेशानी हुई। लोगों को जोखिम लेते हुए पैदल सफर तय करना पड़ा।
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हाईवे पर बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद
हाईवे पर यह पानी गर्रा नदी से आया है। गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गर्रा नदी खतरे के निशान से 40 सेमी और खन्नौत नदी 30 सेमी ऊपर बह रही है। दोनों नदियों के किनारे बसी कॉलोनियों में भी पानी भर गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने से शनिवार को हालात और ज्यादा बिगड़े।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभी वार्ड हुए लगभग खाली
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह ही गर्रा नदी का पानी पहुंच गया था। उसके बाद से ही एहतियातन कदम उठाना शुरू कर दिए गए थे। शुक्रवार सुबह 98 मरीजों को प्रथम और द्वितीय तल पर शिफ्ट कर दिया गया था। शनिवार सुबह तीमारदारों ने मरीजों की छुट्टी कराना शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे तक वार्डों में चंद मरीज ही रह गए।
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मेडिकल कॉलेज के सभी वार्ड खाली
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राजकीय मेडिकल कॉलेज से15-20 गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी व वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करा दिया गया है। सभी वार्ड लगभग खाली हो गए हैं। कुछ मरीजों को ऑपरेशन की आगे की तारीख दे दी गई। साथ ही भावलखेड़ा सीएचसी पर 24 घंटे आकस्मिक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में 350 मरीज भर्ती थे।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज से जाते मरीज व तीमारदार
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बाढ़ से पूर्व मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे 350 मरीज
बाढ़ आने से पूर्व चार दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब साढ़े तीन सौ मरीज भर्ती थे। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी के तेज बहाव को देखते हुए शुक्रवार दोपहर प्रथम तल पर भर्ती 98 मरीजों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया था।
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मरीज को लेकर जाता तीमारदार
- फोटो : संवाद
शनिवार को अधिकतर तीमारदार अपने मरीजों को डिस्चार्ज करा ले गए। पांच मरीजों का शनिवार को ऑपरेशन भी किया गया। कुछ मरीजों को ऑपरेशन की आगे की तारीख दे दी गईं हैं। 15-20 गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी व वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करा दिया गया है। सभी वार्ड लगभग खाली हो गए हैं।
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मेडिकल कॉलेज से बाहर जाते मरीज व तीमारदार
- फोटो : संवाद
भावलखेड़ा सीएचसी पर शुरू हुईं 24 घंटे आकस्मिक सेवा
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ का पानी आने के बाद सभी सेवाएं ठप हो गईं हैं। इसके चलते भावलखेड़ा सीएचसी पर 24 घंटे आकस्मिक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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पानी की दहशत से राजकीय मेडिकल कॉलेज में खाली हुए वार्ड
- फोटो : संवाद
सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि भावलखेड़ा सीएचसी पर इमरजेंसी सेवा शुरू हो गईं है। अग्रिम आदेशों तक तात्कालिक प्रभाव से संचालित की जाएंगी। किसी भी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ व अन्य कर्मियों को अनिवार्य स्थिति को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
बाढ़ के हालात देख छुट्टी रद्द
बाढ़ के दृष्टिगत सीएमओ ने पत्र जारी कर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में राहत सुविधा के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशित किया कि अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहें। अपरिहार्यता के अतिरिक्त किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
दिल्ली हाईवे पर बाढ़ का पानी
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को दूसरे चिकित्सालयों में शिफ्ट करा दिया गया है। स्वस्थ मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। भावलखेड़ा सीएचसी पर शुरू हुई आकस्मिक सेवा में ईएमओ की ड्यूटी लगा दी गई है।