फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली में एलएलबी छात्र की हत्या: प्रधान समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट, तीन साल से सुलग रही थी रंजिश की चिंगारी

Tue, 20 Jan 2026 12:48 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदपुर (बरेली)

सार

बरेली के गांव नवादा बिलसंडी में सोमवार को शाम एलएलबी के छात्र योगेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के वकील भाई मनोज यादव ने प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना के पीछे तीन साल पुरानी रंजिश बताई है। जानिए क्या था पूरा घटनाक्रम...।
विज्ञापन
1 of 7
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस, मृतक योगेश का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में एलएलबी के छात्र योगेश यादव की हत्या के मामले में जहां मोबाइल किस्त के लेनदेन की बात सामने आ रही है, वहीं पीड़ित पक्ष ने अलग ही आरोप लगाया है। योगेश के वकील भाई मनोज ने बताया कि उनके और प्रधान के परिवार के बीच रंजिश की चिंगारी तीन साल से सुलग रही थी। मौका देखकर आरोपियों ने उनके भाई की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मौके पर कई ग्रामीण मौजूद थे, लेकिन वह तमाशबीन बने रहे। किसी ने योगेश को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। 
विज्ञापन

2 of 7
मृतक योगेश के भाई मनोज यादव - फोटो : संवाद
तीन साल से दोनों पक्षों में तनातनी का माहौल 
गांव नवादा बिलसंडी के दो यादव परिवारों के बीच तीन साल से तनातनी का माहौल था। मनोज यादव ने बताया कि गांव के मौजूदा प्रधान रामरहीश यादव के भतीजे सुमित ने वर्ष 2023 में उनके परिवार की एक युवती के साथ अभद्रता की थी। वह लोग शिकायत करने सुमित के घर गए तो आरोपी पक्ष ने उल्टा उन्हीं लोगों की पिटाई कर दी थी। तब वह लोग थाने पहुंचे। पुलिस ने असली आरोप में मामला दर्ज करने के बजाय सामान्य मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस मामले में भी आरोपियों को हल्की कार्रवाई करके बख्श दिया गया। पुलिस की ढीली कार्रवाई से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। 
विज्ञापन

3 of 7
मृतक एलएलबी छात्र योगेश यादव - फोटो : अमर उजाला
यह था पूरा घटनाक्रम 
गांव नवादा बिलसंडी में मोबाइल फोन की किस्त के विवाद में सोमवार शाम एलएलबी के छात्र योगेश यादव (21) की पेट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। योगेश के भाई मनोज यादव की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान रामरहीश, रामऔतार, राम खिलाड़ी, पीके यादव व सुमित उर्फ नन्हे के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
 

4 of 7
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस टीम - फोटो : संवाद
नवादा बिलसंडी गांव निवासी योगेश यादव के भतीजे अनुज ने गांव के ही पीके यादव का आधार कार्ड देकर किस्तों पर मोबाइल फोन लिया था। अनुज ने मोबाइल फोन की किस्त जमा नहीं की। पीके यादव ने किस्त जमा करने के लिए अनुज को टोका। इस दौरान दोनों में विवाद हो गया। पीके यादव ने अनुज को थप्पड़ मार दिया। शाम को पीके यादव व अनुज में झगड़ा हुआ। पीके, उसके भाई सुमित और साथियों ने योगेश व उसके भाई को पीटा। सुमित ने तमंचा निकालकर योगेश के पेट में गोली मार दी। परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। योगेश का भाई भी घटना में घायल हो गया। 
विज्ञापन

5 of 7
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस टीम - फोटो : संवाद
चोकर लेने जा रहा था योगेश
योगेश के भाई अधिवक्ता मनोज कुमार सोमवार देर रात फरीदपुर सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण भदौरिया व अन्य अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका भाई योगेश सोमवार को एलएलबी का पेपर देकर आया था। घर आने के बाद योगेश व धीरेंद्र जानवरों के लिए चोकर लेने गांव के अड्डे पर गए थे। इसी दौरान रास्ते में घेर कर ग्राम प्रधान रामरहीश व अन्य आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। यह भी बताया कि उन्होंने आरोपी पक्ष के खिलाफ वर्ष 2023 में मारपीट की रिपोर्ट कराई थी। इसको लेकर विपक्षी रंजिश मान रहे थे। इसी बात लेकर वारदात को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन

6 of 7
मृतक योगेश का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
घटना के दौरान तमाशबीन बने रहे ग्रामीण
नवादा बिलसंडी गांव के अड्डे पर योगेश यादव व धीरेंद्र को आरोपी जमीन पर पटककर पीटते रहे। 15 मिनट तक झगड़ा होता रहा। वहां खड़े ग्रामीण दबंगों के डर से तमाशबीन बने रहे। योगेश व धीरेंद्र को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। गोली लगने के बाद भी जमीन पर पड़ा योगेश काफी देर तक तड़पता रहा। अब चर्चा हो रही है कि आसपास मौजूद लोग अगर झगड़े के दौरान बीच-बचाव कर देते तो योगेश की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा - फोटो : अमर उजाला
सूचना पर एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा, फरीदपुर सीओ संदीप सिंह पुलिस व फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने पीड़ित पक्ष के बयान लिए। फिर थाने पहुंचीं एसपी ने टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पीड़ित पक्ष को कार्रवाई का आश्वासन देकर भेजा गया। देर रात कई वकील भी थाने पहुंच गए थे। नवादा बिलसंडी गांव में आपसी रंजिश में पहले भी कई हत्याएं हो चुकी हैं। एक साल पहले भी गांव के ही हिस्ट्रीशीटर की हत्या कर दी गई थी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें