बरेली में इवेंट मैनेजर पूजा राना की हत्या के आरोपी विमल दिवाकर ने पुलिस की पूछताछ में पूरी कहानी बयां की। उसने दावा किया कि वह और पूजा दोनों नशे में थे। रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उसने पूजा की हत्या कर दी। लाश को कार में रखकर काफी देर तक इधर-उधर घूमता रहा।
बरेली में इवेंट मैनेजर पूजा राना की हत्या के आरोपी विमल दिवाकर ने खुद को बचाने के लिए बहुत होशियारी दिखाई, लेकिन अपने बुने जाल में फंसता चला गया। वह एक सप्ताह से पुलिस को गुमराह कर रहा था, लेकिन जब एसओजी ने कार में पूजा के साथ बैठकर जाते हुए उसकी फुटेज दिखाई तो वह तोते की तरह सच उगलता चला गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने पूरी कहानी बयां कर दी। उसने दावा किया कि वह और पूजा दोनों नशे में थे। पूजा ने उसके रुपये देने से इन्कार कर दिया और फिर उसकी कार खुद चलाकर दो-तीन जगह टक्कर मार दी तो उसे गुस्सा आ गया। उसने मफलर से गला कसकर पूजा की हत्या कर दी। कार में लाश लेकर काफी देर तक घूमता रहा। खुद को बचाने के लिए गलतियां करता और निशान छोड़ता रहा।
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मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में लगी गोली
- फोटो : अमर उजाला
12 जनवरी की है घटना
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी विमल दिवाकर ने बताया कि 12 जनवरी को डोहरा रोड के एक बरातघर में इवेंट था। दोपहर तीन बजे पूजा उससे मिली। वह अपनी कार से था। दोनों रामगंगानगर की निर्माणाधीन कॉलोनी के पास कार घुमाते रहे। उसके पास कुछ बीयर थीं, जिसे दोनों ने पी ली। नशा चढ़ा तो पूजा उसे हटाकर कार चलाने लगी। इस दौरान पूजा ने दो-तीन बार कार को कभी दीवार तो कभी पेड़ से टकरा दिया। इससे वह घबरा गया। इससे पहले उसने पूजा पर बकाया अपने 25 हजार रुपये मांगे तो उसने हिसाब बराबर होने की बात कही।
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आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया शव
- फोटो : वीडियो ग्रैब
निर्जन स्थान पर दफनाया शव
आरोपी के मुताबिक वह सिगरेट पीने के बहाने कार से उतरा। इस दौरान अंधेरा हो चुका था। वापस कार में आया तो उसने ड्राइवर सीट कब्जा ली।कार थोड़ा बढ़ी तो पूजा को झपकी आने लगी। तब उसने अपने मफलर से उसका गला कस दिया। पूजा निढाल होकर सीट पर गिरी तो उसने देखा कि उसकी सांसें थम चुकी हैं। तब उसका नशा काफूर हो गया। वह काफी देर शव को कार में लेकर घूमता रहा। फिर रिठौरा-भोजीपुरा मार्ग से काफी अंदर जाकर निर्जन स्थान पर शव दफना दिया।
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पूजा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूजा के इंस्टाग्राम पर लगाया स्टेट्स
विमल ने बताया कि हत्या के बाद उसने पूजा का मोबाइल स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया। वह पूजा के परिवार की गतिविधियों पर नजर रखे रहा। जब पुलिस गुमशुदगी लिखकर पूजा को खोजने लगी तो दो दिन बाद वह दिल्ली चला गया। उसे पूजा के मोबाइल का पासवर्ड पता था। उसने दिल्ली में पूजा का मोबाइल फोन ऑन किया। फिर इंस्टाग्राम पर स्टेट्स अपडेट किया कि मैंने शादी कर ली है, मेरा पीछा मत करना। परिजनों ने यह पुलिस को दिखाया। जांच में लोकेशन दिल्ली की आई तो बारादरी पुलिस की एक टीम वहां पहुंची पर उसका पता नहीं लगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या में मददगार दोस्त की तलाश, स्कूटी भी ठिकाने लगाई
विमल ने सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव को बताया कि हत्या से लेकर शव व स्कूटी ठिकाने लगाने तक में उसका एक और साथी भी शामिल रहा जो इज्जतनगर इलाके का निवासी है। पूजा की स्कूटी एग्जीक्यूटिव क्लब के पास खड़ी थी। अगले दिन विमल व उसका साथी इस स्कूटी को लेकर निकल गए। उन्होंने पीलीभीत के पूरनपुर इलाके की शारदा नहर में स्कूटी फेंक दी। शुक्रवार को इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने विमल को लेकर स्कूटी भी क्रेन से निकलवा ली।
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घायल आरोपी को लेकर जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
प्रेम प्रसंग का मामला मान रही थी पुलिस
विमल का शुरुआती प्लान कारगर रहा। पूजा के मोबाइल का स्टेट्स देखने के बाद उसके परिजनों को पहले तो भरोसा नहीं हुआ कि पूजा ऐसा कर सकती है। बाद में उन्होंने यह जानकारी करने लगे कि पूजा आखिर किसके साथ जा सकती है। बदनामी के डर से वह बड़े अफसरों और मीडिया से दूरी बनाए रहे।
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पोस्टमार्टम हाउस पर पूजा के पिता व अन्य परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जोगी नवादा चौकी प्रभारी अमित कुमार व विवेचना कर रहे दरोगा सत्येंद्र कुमार ने भी प्रेम प्रसंग का मामला मानते हुए पूजा की तलाश सुस्त कर दी। हाल ही में जब पूजा के परिवार ने बरेली जोन में पहले तैनात रहे एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी तक शिकायत पहुंचाई तो मामला एसएसपी की जानकारी में आया। इसके बाद एसओजी प्रथम को लगाया गया।
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इवेंट मैनेजर के पिता और पूजा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता बोले- बेटों से ज्यादा कामयाब थी बेटी, होली बाद होनी थी शादी
पोस्टमॉर्टम हाउस पर पूजा के पिता प्रेम सिंह राना फफक रहे थे। उन्होंने बताया कि वह पल्लेदारी करते हैं। उनके चार बच्चों में पूजा तीसरे नंबर की थी। बाकी तीन की शादी हो चुकी है। पूजा बचपन से ही जिम्मेदार थी। उसने परिवार की तरक्की के लिए अपनी शादी बाद में करने का फैसला लिया था।
इवेंट के व्यवसाय में उसका काफी नाम था और बड़े आयोजनों का ठेका लेती थी। उन्होंने भी उसकी शादी का फैसला उसके ऊपर छोड़ दिया था। कपड़े का व्यवसाय करने वाले पंजाबी युवक से पूजा होली बाद शादी करने वाली थी। दोनों ही परिवारों की इसमें सहमति थी। इससे पहले यह घटना हो गई। बताया कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि जवान बेटी की लाश का वजन अपने कंधे पर कैसे उठा सकेंगे।