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दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मामला: लाल जूतों ने ट्रेस कराया हेकड़ रविंद्र...हर समय खुला रखा चेहरा, यहां की चूक

Thu, 18 Sep 2025 11:35 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

अरुण ने कहीं भी हेलमेट नहीं उतारा। इसलिए उसे ट्रेस करना काफी मुश्किल रहा। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रामपुर के होटल की फुटेज में अरुण का चेहरा साफ हो सका।
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दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
दिशा पाटनी के घर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले शूटरों में रविंद्र काफी दिलेर और हेकड़ था। उसने कैमरों से बचने के लिए रास्ते बदलने और मोबाइल के कम इस्तेमाल का तो ध्यान रखा, लेकिन कहीं भी चेहरा नहीं छुपाया, वहीं अरुण को पहचानने का संकट होटल की सीसीटीबी फुटेज ने पूरा कर दिया।
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दिशा के घर पर फायरिंग करने वाले बदमाश कैमरे में हुए कैद - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा का शूटर रविंद्र पहले भी कई वारदातें कर चुका है। बरेली पुलिस ने जब उसे ट्रेस करना शुरू किया तो हर जगह उसका चेहरा खुला मिला। ऐसा लगा ही नहीं कि वह घटना करके आया हुआ शूटर है। झुमका चौराहे के पास बाइक से दबंगई से उतरते रविंद्र ने चाय पीने में करीब 22 मिनट बिताए। हालांकि दुकानदार को नकद ही भुगतान किया, ताकि ऑनलाइन लेनदेन से वह ट्रेस न हो जाएं।
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Disha Patani house firing case - फोटो : अमर उजाला
वहीं अरुण ने कहीं भी हेलमेट नहीं उतारा। इसलिए उसे ट्रेस करना काफी मुश्किल रहा। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि रामपुर के होटल की फुटेज में अरुण का चेहरा साफ हो सका। जब भोजीपुरा के बाद बदमाशों की फुटेज नहीं मिल पा रही थी तो शाही के पास एक सीसी कैमरे की फुटेज में रविंद्र के लाल रंग के पूमा लिखे जूते दिखे और आगे की राह मिल गई।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
रामपुर के अपना पंजाब होटल में किया आराम
11 सितंबर को ही शूटरों की पहली टीम का प्रयास विफल होने के बाद दोनों टीम सीबीगंज के आसपास मिलीं। फिर रास्ते बदलते हुए ये मिलक पहुंचे और सीधे दिल्ली हाईवे पर निकल लिए। बदमाशों ने इतनी तेज बाइक दौड़ाई की टोल प्लाजा के कैमरों में भी उनका चेहरा नहीं आया। ये सुबह 11 बजे रामपुर के अपना पंजाब होटल में रुके। वहां नकुल व विजय की टीम ने रविंद्र व अरुण को अपना इनपुट दिया। यहां तय हुआ कि नकुल की टीम का अब कोई काम नहीं है, इसलिए वह दोनों निकल गए। रविंद्र व अरुण ने इसी होटल में खाना खाया और आराम किया। यहां से 12 की रात वह निकले और उसी रात 12 बजे फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर उनकी सफेद अपाचे बाइक ट्रेस हुई जो रात 2.32 बजे झुमका चौराहे पर आ गई। रात के अंतिम पहर इन्होंने पाटनी के घर फायरिंग कर दी।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
जसौली में चिपकाया नंबर पर टेप
बदमाशों की बाइक की नंबर प्लेट पर पुलिस को पेंट किया दिख रहा था। इसलिए शुरू में ट्रेस करने में दिक्कत हुई। तब पुलिस को किला क्षेत्र के जसौली की एक फुटेज मिली। इसमें एक शूटर अपाचे बाइक की नंबर प्लेट पर टेप चिपकाता मिल गया। इससे पहले की फुटेज देखने पर बाइक का नंबर मिल गया।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक अपाचे बाइक नई दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी अनिल पुत्र हवा सिंह के नाम पर पंजीकृत है जबकि काली स्पलेंडर बागपत के गांव लोहड़ा निवासी संजीव पुत्र बलजीत के नाम दर्ज है। इन बाइक चालकों का गिरोह से कोई मतलब है या फिर ये चुराई गई हैं, ये जांच के बाद पता लगेगा। रामपुर हाईवे से दिल्ली दिशा में जाने के बाद बदमाशों को आगे ट्रेस नहीं किया गया।
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दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों के साथी और मददगार भी होंगे गिरफ्तार : आर्य
बरेली में वारदात करके भागे दो शूटरों को नोएडा में संयुक्त टीम ने मार गिराया है। इनके दो और साथी नकुल और विजय की तलाश जारी है। इन्हें मदद या संरक्षण देने वालों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग (लाल घेरे में छर्रे के निशान) - फोटो : अमर उजाला
12 सितंबर को अभिनेत्री के घर पर हुई थी फायरिंग
बरेली में बाइक सवार बदमाशों ने 12 सितंबर को तड़के करीब पौने चार बजे दिशा पाटनी के घर पर करीब नौ राउंड फायरिंग की थी। हमले के बाद गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी। गिरोह ने इसे अभिनेत्री की बहन खुशबू पाटनी की ओर से कथावाचक प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य पर की गई टिप्पणी का बदला बताया था।

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सीसीटीवी फुटेज में दिखे हमलावर - फोटो : वीडियो ग्रैब
सीटीटीवी से मिला सुराग
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, खुफिया जानकारी जुटाई और पड़ोसी राज्यों के रिकॉर्ड का मिलान किया। इससे अभिनेत्री के घर गोली चलाने वाले शूटरों की पहचान हुई।

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घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात - फोटो : अमर उजाला
दिशा पाटनी के पिता ने मुख्यमंत्री का आभार जताया
अभिनेत्री दिशा पाटनी के पिता सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी जगदीश पाटनी ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कॉल पर बात कर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ जिस तरह से कार्रवाई की है उसने प्रदेश में भय मुक्त समाज की परिकल्पना को साबित किया है।

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जगदीश सिंह पाटनी का घर - फोटो : अमर उजाला
जगदीश पाटनी ने बुधवार को मुठभेड़ में दो अपराधियों के मारे जाने के बाद 34 सेकंड का एक वीडियो संदेश जारी किया है। पाटनी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके घर पर फायरिंग के बाद उसने वार्ता कर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे परिवार की सुरक्षा का आश्वासन दिया था।

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disha patani - फोटो : अमर उजाला
उन्होंंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने उनको भरोसा दिया था उस पर वह खरे उतरे। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की पुलिस अपराध मुक्त प्रदेश और भय मुक्त समाज की परिकल्पना को साबित कर रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस का आभार जताया।

संबंधित वीडियो-

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सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे हमलावर - फोटो : वीडियो ग्रैब
इस वारदात के पीछे गैंग का था यह मकसद
गोल्डी बरार-रोहित गोदारा गैंग की तमन्ना दिशा पाटनी के घर फायरिंग के बहाने यूपी में भी अपना वर्चस्व कायम कर दहशत व रंगदारी के धंधे को विस्तार देने की थी। अफसरों की मानें तो इसी सिलसिले में गैंग ने सुनियोजित योजना बनाकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।

प्लान के तहत टीम ए में बागपत निवासी शूटर नकुल व विजय भेजे गए। दोनों 11 सितंबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे जगदीश चंद्र पाटनी की गली में घुसे। गलतफहमी में ये पाटनी के घर से सौ मीटर आगे चले गए। वहां पीछे बैठे नकुल ने पिस्टल से एक फायर किया। तुरंत ही दोनों वापस हो लिए।

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अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला

ये जब शहर से निकल रहे थे तो टीम बी (मुख्य शूटर) रविंद्र और अरुण शहर में घुस रहे थे। इससे पहले चारों की अपने विदेश व अन्य प्रदेशों में बैठे आकाओं से बात हो चुकी थी। सभी का ध्यान इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर था जहां कहीं भी दिशा पाटनी के घर फायरिंग का मेसेज नहीं दिखा।

...इसलिए दोबारा दिशा पाटनी के घर पर की गई फायरिंग
सूत्रों के मुताबिक गिरोह ने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि खुद पाटनी परिवार को भी फायरिंग का पता नहीं लगा। ये फायर हवाई था, इसलिए कोई निशान भी नहीं मिला। ऐसे में गिरोह की यह टीम मेसेज देने में विफल रही कि ऐसी घटना की गई।

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