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जीआरपी गोलीकांड: 'एक गोली दो हिस्सों में बंटी, एक सिपाही को लगी... दूसरी से इंस्पेक्टर घायल'; सीओ का अजब तर्क

Fri, 05 Sep 2025 10:46 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली जंक्शन जीआरपी थाने में हुए गोलीकांड में इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। अफसरों ने इस गोलीकांड को हादसा बताया। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर और सिपाही एक ही गोली से घायल हुए हैं। पिस्टल से चली यह गोली दो हिस्सों में बंट गई थी।
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जीआरपी थाने में चली थी गोली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली जंक्शन के जीआरपी थाने में हुए गोलीकांड के बाद अधिकारी पुलिसकर्मियों के बचाव में उतर आए हैं। वह लापरवाही तो मान रहे हैं, लेकिन पार्टी की बात से इनकार कर रहे हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि दो गोलियां कितनी पिस्टल से चलीं? यह हाल तब है जब इंस्पेक्टर से लेकर मुंशी तक निलंबित कर दिए गए हैं। सीओ ने कहा कि यह हादसा है, इसमें कोई साजिश नहीं है। उन्होंने जो तर्क दिया है, वह हैरान करने वाला है। 

मंगलवार रात 10:10 से 10:20 बजे के बीच जीआरपी थाने में सर्विस पिस्टल से दो गोलियां चलीं। इससे इंस्पेक्टर परवेज अली खान और सिपाही छोटू घायल हो गए। सूचना पर बरेली आए सीओ अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि पद्मावत एक्सप्रेस में स्कॉर्ट ड्यूटी के लिए पिस्टल एक सिपाही  (नाम नहीं बताया) को दिया था। सिपाही ने मैग्जीन डालकर स्लाइड चढ़ा दी और ट्रिगर दब गया। गोली चलने से वह घबराकर अलग खड़ा हो गया।
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जीआरपी थाना बरेली जंक्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद इंस्पेक्टर व अन्य स्टाफ वहां पहुंचा। पिस्टल कार्यालय में रखवाई। वहां दूसरी पिस्टल रखी थी, जिसका हैमर ऊपर था। मुंशी ने लापरवाही दिखाते हुए अंगुली डालकर हैमर को रिलीज करने का प्रयास किया। इससे दूसरा फायर हो गया। यह बड़ी लापरवाही है, लेकिन गोलियां दो पिस्टल या चलीं या एक से, इसकी जानकारी नहीं है। फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा।
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घायल सिपाही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल सिपाही का भी नहीं बता सके नाम
सीओ अनिल से पूछा गया कि गोली किस सिपाही को लगी तो उन्होंने मनोज का नाम बता दिया, जबकि छोटू को गोली लगी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी जानकारी दुरुस्त की। उन्हें मुंशी का नाम भी नहीं पता था। थाना स्टाफ की ओर से घटना को छिपाने के बाबत पूछने पर उन्होंने खुद ही सफाई दे डाली। कहा कि अगले दिन शाम पांच बजे इंस्पेक्टर अस्पताल से आए तो उन्हें घटना की जानकारी दी। इस पर सवाल किया कि जहां इलाज हुआ, वहां से किसी ने पुलिस को जानकारी क्यों नहीं दी? अन्य स्टाफ ने क्यों नहीं बताया? तब उन्होंने कहा घटना को दबाने की बात को दबी जुबान से स्वीकार कर लिया।

यह भी पढ़ें- Bareilly News: जीआरपी थाने में विदाई पार्टी में चली गोली, इंस्पेक्टर और सिपाही घायल, चार पुलिसकर्मी निलंबित
 

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सीओ जीआरपी अनिल कुमार वर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो हिस्सों में हुई गोली
सीओ अनिल के मुताबिक इंस्पेक्टर व सिपाही को दूसरी बार चली गोली लगी है। मुंशी के हैमर रिलीज करने के प्रयास के दौरान जो फायर हुआ, वह गोली कार्यालय के स्लैब पर लगकर दो भागों में बंट गई। इसका एक टुकड़ा यूपीएस से टकराकर सिपाही की भौंह पर लगा और दूसरा टुकड़ा कंप्यूटर के केबल से टकराकर इंस्पेक्टर की ओर घूम गया। यह उनकी नाक के आर-पार हुआ है।
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जीआरपी थाना परिसर में जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक ही दिन में दो बार गलती तो नौ माह की ट्रेनिंग किस काम की
सीओ के मुताबिक, ये पुलिसकर्मी नौ माह की ट्रेनिंग करके आएं हैं। फिर भी एक ही दिन में दो बार एक ही गलती दोहराई गई। ऐसे में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जीआरपी थाने में लगा कैमरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यालय में तीन कैमरे डेढ़ साल से खराब
जीआरपी थाना परिसर में सात-आठ कैमरे लगे हैं। इसमें कार्यालय में तीन कैमरे लगे हैं, लेकिन डेढ़ साल से खराब हैं। सीओ इससे भी अनजान थे। उन्होंने कैमरे ठीक कराने की बात कही।

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