बदायूं में एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या का आरोपी अजय प्रताप सिंह अपने बाबा के दिखाए मार्ग पर चल पड़ा था। आरोपी के बाबा का एनकाउंटर हुआ था। दो साल पहले इफको के एक अधिकारी के अपहरण के मामले में आरोपी का तहेरा भाई जेल जा चुका है।
बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल के दो अधिकारियों को उनके ही मीटिंग रूम में घुसकर 12 मार्च को गोली मारकर हत्या करने का आरोपी अजय प्रताप सिंह अपने बाबा श्याम बहादुर के पगचिह्नों पर चल पड़ा था। भाजपा के बड़े नेता का उसके परिवार पर हाथ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि अजय के बाबा ने सेना के एक अफसर के भाई का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने बाबा का एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद परिवार गांव सैजनी आकर ननिहाल में आकर बस गया।
दो साल पहले इफको के एक अधिकारी के अपहरण के मामले में आरोपी का तहेरा भाई जेल जा चुका है। आरोपी का परिवार मूलत: शाहजहांपुर के गांव परसरा का रहने वाला था।
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ट परिसर में निरीक्षण करते डीएम अवनीश राय व एसएसपी अंकिता शर्मा।
- फोटो : संवाद
नेताओं की सरपस्ती के चक्कर में आरोपी अजय प्रताप सिंह किशोर अवस्था से ही धन कमाने के लालच में गांव में दबंगई करने लगा था। पिता व ताऊ भी गांव में आने के बाद से चर्चा में रहे। यही वजह रही कि आज आरोपी दो अधिकारियों की हत्या के मामले में जेल पहुंच चुका है।
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सैजनी गांव स्थित प्लांट परिसर में निरीक्षण करते डीएम अवनीश राय व एसएसपी अंकिता शर्मा
- फोटो : संवाद
जानकारों ने बताया कि आरोपी के बाबा श्याम बहादुर ने सेना के रिटायर्ड अधिकारी राजकुमार के भाई दंगल सिंह का अपहरण किया और उसकी नाक में नकेल डालकर 14 दिन तक घर में कैद रखा। इसके बाद उनकी हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने श्याम बहादुर को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। यह मामला करीब 45 वर्ष पहले का है।
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एचपीसीएल प्लांट के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद
जानकारों ने बताया कि श्याम बहादुर के दो बेटे हैं। एक आरोपी के पिता राजेश हैं, जो अपने पिता की मौत के बाद दोनों भाइयों और बच्चों को लेकर अपनी ननिहाल सैजनी में आकर बस गए। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया 45 साल पहले जब यह लोग गांव आए तो राजेश के मामा ने 40 बीघा जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। आरोपी के ताऊ ने गांव सैजनी में करीब 15 बीघा जमीन में मकान बना रखा है, जबकि आरोपी का मकान बहुत सीमित जगह में बना हुआ है।
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आरोपी के मकान में राशन की दुकान
- फोटो : संवाद
आरोपी के परिवार के नाम गांव में है कई बीघा जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को गांव सैजनी के साथ पास के ही गांव मुड़िया खेड़ा के कुछ लोगों से बात की तो सामने आया कि भाजपा के एक बड़े नेता ने प्लांट के आसपास दो सौ बीघा जमीन खरीद रखी है। इसमें कई बीघा जमीन आरोपी ने परिवार के लोगों के नाम करा रखी है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की ताई क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रही हैं। आरोपी के ममेरे भाई भाजपा में एक नेता हैं।
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हर्षित के परिजनों से मिले डीएम और एसपी
- फोटो : संवाद
पूरा परिवार प्लांट में करता आ रहा था नौकरी
एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या करने वाले अजय प्रताप सिंह के परिवार व रिश्तेदार प्लांट में नौकरी करते आ रहे थे। भाजपा नेता के कारण ही प्लांट पर पूरी तरह से इसी परिवार का कब्जा सा हो गया था। अब सभी कर्मचारी प्लांट में ही नहीं, बल्कि घर छोड़कर भागे हुए हैं।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के परिवार से तंग आकर जगन्नाथ ने बसाया था नया गांव
आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार से तंग आकर गांव सैजनी निवासी जगन्नाथ ने गांव से चार किलोमीटर की दूरी पर नया गांव बसा लिया था। आज उस गांव को मुड़िया खेड़ा के नाम से जाना जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस गांव में अवैध असलहे बनाने का काम भी चर्चा में रहता है।
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आरोपी मुठभेड़ में घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के परिवार से जगन्नाथ कश्यप का 10 साल पहले विवाद हुआ था। इसके बाद वह गांव सैजनी को छोड़कर चला गया। उसने करीब चार किलोमीटर दूर जाकर एक झोंपड़ी डाल ली। अब वहां गांव बस गया है, जिसका नाम मुड़िया खेड़ा है। इस गांव में जिले के ही नहीं, बल्कि शाहजहांपुर जिले के भी लोग आकर बस गए हैं।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गांव के आसपास ही एचपीसीएल प्लांट के अलावा सोलर प्लांट, पीएसी बटालियन भी बन गई है। यहां ग्राम समाज की हजारों बीघा जमीन है। अधिकांश जमीन पर लोगों ने कब्जा कर फसल उगाने का काम शुरू कर दिया है। इस ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। यहीं से आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रहीं हैं।
हत्याकांड पर सीएम सख्त... जांच के लिए एसआईटी गठित, सीओ भी हटाए गए
बदायूं के एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की सनसनीखेज घटना को प्लांट में फायरिंग को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर मौजूद लोग
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उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। वहीं, देर रात सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार को हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। राहुल पाण्डेय नए सीओ होंगे। इससे पहले शुक्रवार को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को भी हटा दिया गया था।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह एसआईटी पूरे मामले की गहनता से जांच कर सच्चाई सामने लाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। बावजूद इसके यदि जांच में किसी बड़ी साजिश या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो प्रदेश सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।