बदायूं हत्याकांड में आरोपी अजय प्रताप के परिवार ने नागालैंड से शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे। सरकारी जमीन कब्जाने से पेट नहीं भरा तो आरोपी ने अपने तीनों भाइयों के नाम से मुख्यमंत्री आवास योजना का भी लाभ ले लिया।
बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार के पास जो भी शस्त्र लाइसेंस हैं वह जिले से नहीं बल्कि नागालैंड से बनवाए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि बाद में लाइसेंस जिले में दर्ज करा लिए गए हैं। अब प्रशासन इन लाइसेंसों को निरस्त कराने की कवायद कर रहा है। हालांकि अब तक लाइसेंसों की संख्या व अन्य बातों की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर सामने नहीं आ सकी है।
हत्यारोपी समेत पूरे परिवार पर कई आपराधिक मामले मूसाझाग समेत अन्य थानों में भी दर्ज हैं। इसको लेकर जब जिले से इनके शस्त्र लाइसेंस नहीं बने तो नागालैंड में किरायेदार दिखाकर प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाइसेंस बनवा लिए। बाद में जिले में यह लाइसेंस दर्ज करा लिए गए। स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने इस मामले में सता की सरपरस्ती के चक्कर में आज तक हाथ नहीं डाला।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब जब अजय प्रताप सिंह ने सैजनी स्थित एचपीसीएल के दो अधिकारियों को उनके ही मीटिंग रूम में घुसकर 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी तो मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। अब अपनी गर्दन बचाने के लिए पुलिस व प्रशासन ने लाइसेंस निरस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी के परिवार के नाम दर्ज लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी समेत तीनों भाइयों के नाम हैं सरकारी आवास
सरकारी जमीन कब्जाने से पेट नहीं भरा तो आरोपी ने अपने तीनों भाइयों के नाम से मुख्यमंत्री आवास योजना का भी लाभ ले लिया। मौजूदा समय में हत्यारोपी अजय के ताऊ प्रधान हैं। ऐसे में उन्होंने अपने तीनों भतीजों को सरकारी आवास का लाभ भी दिला दिया है। तीनों भाइयों की पत्नियों के नाम आवास बने हुए हैं।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिस्टल लेकर क्षेत्र में हनक जमाता था आरोपी का भाई
आरोपी व उसका भाई दोनों ही एचपीसीएल प्लांट में नौकरी करते आ रहे थे। इसमें एक भाई सुरक्षा गार्ड भी था। क्षेत्र व गांव के लोगों ने बताया कि सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाला आरोपी का भाई अपनी फेसबुक से लेकर किसी भी शादी समारोह में बिना पिस्टल लगाए नहीं जाता था।
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आरोपी मुठभेड़ में घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसका एक फोटो सोशल साइड पर पिस्टल के साथ वायरल भी हो रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसके ऊपर किसी बड़े नेता का हाथ है, जिसकी बदौलत वह पूरे रुतबे में रहता आ रहा है। इसी दम पर उसने प्लांट में भी नौकरी पा ली थी।
एसआईटी बदायूं पहुंची, कर्मचारियों के बयान दर्ज
बदायूं के एचपीसीएल डबल मर्डर केस की जांच के लिए शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार शाम बदायूं पहुंचा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पहुंची टीम ने शाम पांच बजे एचपीसीएल प्लांट का दौरा कर घटनास्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टीम ने घटना से संबंधित रिकॉर्ड देखा और अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई को लेकर पूछताछ की। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही घटनाक्रम में दोषी अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैंजनी में बने इस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी प्लांट कर्मचारी अजय प्रताप सिंह खुद ही थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया था।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना की जांच के लिए शासन स्तर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें बरेली मंडल के आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी, डीआईजी अजय कुमार साहनी व लखनऊ से अपर आयुक्त (खाद्य) कामता प्रसाद शामिल हैं। तीनों ही अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण किया। स्थानीय कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही सिक्योरिटी गार्डों से भी बात की गई। उस दिन गेट पर तैनात रहे गार्डों से मूसाझाग थाने में पूछताछ भी की गई। मौके पर जिला पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। इनसे भी अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया गया। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई को लेकर भी निर्देश दिए गए।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसआईटी ने इन बिंदुओं पर मांगा ब्योरा
एसआईटी ने मामले से संबंधित एफआईआर, आरोपी की दुकानों को गिराने से पहले जारी किए गए नोटिस, पीडब्ल्यूडी की पैमाइश रिपोर्ट और आरोपी की मेडिकोलीगल रिपोर्ट भी तलब की है।
एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी जांच मूसाझाग पुलिस कर रही है। लाइसेंस कहां से बने हैं इसकी जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगी। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन