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Budaun Case: साजिद और जावेद की कॉल डिटेल से सामने आएगा आयुष और अहान की हत्या का सच; पुलिस के हाथ लगा अहम तथ्य

Sat, 23 Mar 2024 01:57 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
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Budaun Double Murder Case - फोटो : अमर उजाला
बदायूं की बाबा कॉलोनी के रहने वाले ठेकेदार के दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में साजिद को लेकर नया खुलासा हुआ है। हत्या का आरोपी साजिद शहर की तीन जियारत पर जाता था। यहां साजिद किन-किन लोगों से मिलता था, उनके बारे में पूछताछ में अहम जानकारी हाथ लगी है। अब पुलिस उसी के आधार पर छानबीन में आगे बढ़ेगी।

इसके अलावा, पुलिस दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवाई है, इससे महत्वपूर्ण सबूत पुलिस के हाथ लग सकते हैं। वहीं, बदायूं शहर की बाबा कॉलोनी में दो बच्चों की हत्या के मामले में अब परिवार वाले कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। 
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पिता विनोद का सिर्फ इतना कहना है कि एक आरोपी मारा जा चुका है, दूसरा जेल जा चुका है। अब वह इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते। अब जो भी कार्रवाई होगी, वह पुलिस करेगी या फिर कोर्ट। उनके घर पर आसपास के लोगों के साथ ही तमाम रिश्तेदार सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
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बदायूं के सिविल लाइंस थाना इलाके की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च की शाम ठेकेदार विनोद ठाकुर के बेटे आयुष (13) और अहान उर्फ हनी (06) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना को जिले के ही अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और उसके भाई जावेद ने अंजाम दिया था। दोनों विनोद के घर के सामने ही हेयर सैलून चलाते थे।

साजिद चाकू लेकर विनोद के घर में घुस गया था और उनके दोनों बच्चों को गला रेतकर मार डाला था। मझले बेटे पीयूष पर भी हमला किया था, लेकिन वह बच निकला था। मुख्य आरोपी साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन जावेद भाग गया था। जावेद ने बृहस्पतिवार सुबह बरेली में नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
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घटना की वजह साफ न होने पर परिवार वाले अब तक पुलिस पर ही अंगुली उठा रहे थे और खुलासे पर सवाल खड़े कर रहे थे, लेकिन अब वह कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
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उन्होंने पहले जो सवाल उठाए थे, अब उन्हें भी दोहराना नहीं चाहते हैं। पिता विनोद का कहना है कि वह इस संबंध में अब कुछ नहीं कहना चाहते। वह इतना जानते हैं कि एक आरोपी को जेल और दूसरे को मौत की सजा मिली है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय करेगा।
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शहर की तीन जियारत पर जाता था साजिद
हत्याकांड की छानबीन में यह तथ्य निकलकर सामने आया है कि हत्यारोपी साजिद शहर की तीन जियारत पर जाता था। जब वह 10 साल का था, तब उसके पिता बड़ी जियारत पर झोंपड़ी डालकर रहे थे। बाद में भी उसका लगातार आना-जाना रहा था। यहां किन-किन लोगों से मुलाकात करता था, उनके बारे में पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर अब छानबीन आगे बढ़ेगी।

 

साजिद और जावेद की कॉल डिटेल से खुलेंगे कई राज
दोनों हत्यारोपियों की कॉल डिटेल महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। इससे घटना के खुलासे में भी काफी मदद मिलेगी। हत्याकांड वाले दिन दोनों आरोपियों ने मोबाइल पर किस-किस से बात की थी। किसके संपर्क में थे। यह तथ्य है। पुलिस ने कुछ कॉल डिटेल निकलवाई भी हैं, लेकिन इस संंबंध में पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं। पुलिस ने इसे विवेचना का पार्ट बताते हुए गोपनीय रखा है।
 

बाबा कॉलोनी में अब भी तैनात है पुलिस बल
हत्याकांड के बाद से बाबा कॉलोनी में पुलिस बल तैनात है। पीड़ित परिवार के बाहर इंस्पेक्टर कुंवरगांव राजेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगाई गई है। मंडी समिति के नजदीक मूसाझाग इंस्पेक्टर मनोज कुमार को लगाया गया है। सीओ सिटी आलोक मिश्रा भी लगातार भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। हालांकि मोहल्ले में अब शांति है। स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानें भी खोलनी शुरू कर दी हैं।

बवालियों की पहचान करने के लिए तीन टीमें गठित

बदायूं की बाबा कॉलोनी में दोहरे हत्याकांड के बाद बवाल करने वालों की अब खैर नहीं। सीसीटीवी फुटेज और मौके पर बनाई गई वीडियो के आधार पर अब बवालियों की पहचान होगी। बवालियों की पहचान कराने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। 

 

19 मार्च की रात दो बच्चों की हत्या के बाद भीड़ में शामिल लोगों ने जमकर उत्पात किया था। चार खोखे जला दिए थे। हत्यारोपी साजिद की दुकान का शटर तोड़कर अंदर से सामान निकालकर सड़क पर रखकर आग लगा दी गई थी। कई पुलिस कर्मियों और पत्रकारों से हाथापाई तक कर दी गई थी। कई लोगों के मोबाइल तोड़ दिए गए थे। 

 

एंबुलेंस के सामने हंगामा किया था और शवों को ले जाने नहीं दिया था। जिन लोगों ने बवाल किया था, उनके खिलाफ बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर ली गई। अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है। पहचान कराने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। एक टीम में इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई रहेंगे। 

 
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दूसरी टीम में मंडी चौकी इंचार्ज चंद्रपाल सिंह और तीसरी टीम में सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज रामेश्वर रहेंगे। तीनों टीमें वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बवालियों की पहचान करेंगी। इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई ने बताया कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कराई जा रही है। 
 
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