बदायूं की बाबा कॉलोनी के रहने वाले ठेकेदार के दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी जावेद ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। दो बच्चों की हत्या के सह आरोपी जावेद ने एनकाउंटर के डर से बरेली में समर्पण किया था।
जेल भेजे जाने से पहले उसने बताया कि अगर वह एक-दो दिन और नहीं आता तो पुलिस की टीमें उसे खोजते हुई दिल्ली पहुंच जातीं और फिर उसे भी मार दिया जाता। उसके आत्मसमर्पण करने के बाद एसएसपी समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, लेकिन वारदात की वजह सामने नहीं आ सकी।
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पीड़ित विनोद के घर बैठे रिश्तेदार, जानकारी करते इंस्पेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के परिजनों से नहीं कराया आमना-सामना
पुलिस को जावेद का बच्चों के माता-पिता और दादी से आमना-सामना कराना चाहिए था। इससे उसकी कहानी की प्रामाणिकता साबित करने में मदद मिलती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पुलिस ने जावेद से जो सवाल पूछे उनमें तमाम ऐसे थे, जिनके जवाब बच्चों के परिजनों से आमने-सामने क्रॉस चेक कराए जाने जरूरी थे।
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बदायूं जिला जेल
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जेल की स्पेशल सेल में रखा गया हत्यारोपी जावेद
शहर में दोहरे हत्याकांड के आरोपी जावेद को जेल की स्पेशल सेल में रखा गया है। अब उसकी पहचान अंडर ट्रॉयल नंबर 751 होगी। उसकी सुरक्षा के लिहाज से दो बंदी रक्षकों को भी लगाया गया है। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि अभी जावेद को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। सुरक्षा के हिसाब से ही बैरिक में भेजने का निर्णय लिया जाएगा।
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आरोपी जावेद के पिता और चाचा
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जावेद के हाथ लगने पर पुलिस ने उसके पिता और चाचा को छोड़ा
मुख्य आरोपी साजिद घटना के तीन घंटे बाद ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन उसका भाई जावेद मौके से भाग गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए 19 मार्च की रात को ही पिता बाबू और चाचा कयामुद्दीन को हिरासत में ले लिया था। जावेद के बरेली में सरेंडर करने पर दोनों को 21 मार्च की रात सभासद मोहम्मद तस्लीम की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
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आरोपी जावेद को लेकर जाती पुलिस
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अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और जावेद सिविल लाइंस क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में बाल काटने की दुकान चलाते थे। दो बच्चों की हत्या के बाद जावेद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने परिजनों पर दबाव बनाया। साजिद के पिता बाबू ने बताया कि हत्या के दो घंटे बाद ही अलापुर थाना पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस ने उन्हें और उनके भाई कयामुद्दीन को हिरासत में ले लिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी जावेद
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पुलिस ने उनसे जावेद के ठिकानों के बारे में जानकारी ली। सभी रिश्तेदारियों के बारे में भी पूछताछ की। बताया कि पुलिस रात में उन्हें साजिद की ससुराल गांव ददमई भी ले गई। वहां साजिद की पत्नी से पूछताछ करने के बाद उसे भी थाने ले आई। 20 मार्च को पुलिस पूरे दिन पूछताछ करती रही।
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आरोपी जावेद
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रात में पुलिस उनको एसएसपी आवास ले गई। वहां भी उनसे जावेद के बारे में पूछताछ की गई। 48 घंटे की पूछताछ के बाद 21 मार्च की रात को उस समय सभासद मोहम्म्द तस्लीम के हवाले किया, जब जावेद पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
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पुलिस की गाड़ी में जावेद
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दो बच्चों की हत्या के सह आरोपी जावेद को कोर्ट ने भेजा जेल
दो बच्चों की हत्या के सह आरोपी जावेद को पुलिस ने शुक्रवार को सीजेएम मोहम्मद साजिद के न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब जावेद की कोर्ट में अगली पेशी चार अप्रैल को होगी।
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आरोपी साजिद का फाइल फोटो
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बाबा कॉलोनी निवासी ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बच्चों आयुष (13) व अहान (06) की 19 मार्च को शाम 6.30 बजे चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इसमें नामजद साजिद वारदात के कुछ घंटे बाद ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि यह आरोपी उसके भाई जावेद ने नाटकीय ढंग से 21 मार्च को बरेली में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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आरोपी जावेद, आरोपी साजिद
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बदायूं पुलिस उसे लेकर आई। करीब 24 घंटे वह पुलिस के कब्जे में रहा। शुक्रवार को दिन में 11 बजकर 35 मिनट पर कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहम्मद साजिद की कोर्ट में पेश किया। जहां से जावेद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पेशी की अगली तारीख 4 अप्रैल लगाई गई है। पुलिस ने जावेद और मुठभेड़ में मारे गए उसके भाई साजिद के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया है, उसके मुताबिक दोनों हत्या के इरादे से एक साथ विनोद के घर घुसे थे। दोनों पर हत्या और जानलेवा हमले की धाराएं लगाई गईं हैं।