बरेली बवाल में नया खुलासा हुआ है। बवाली धर्मस्थल की छत से उतरकर पुलिस से भिड़े थे। पुलिस की ओर से जारी किए गए ड्रोन कैमरों से बनाए गए वीडियो सच बयां कर रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
बरेली में शुक्रवार को मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर आए उपद्रवियों ने शहर में किस तरह बवाल करने की कोशिश की और पुलिस ने कैसे इस पर काबू पाया, ड्रोन कैमरों से बनाए गए वीडियो में यह साफ दिख रहा है। बुधवार को ये वीडियो पुलिस की ओर से जारी किए गए।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बवाल वाले दिन पुलिस ने तीन सरकारी ड्रोन के साथ ही कुछ निजी ड्रोन भी खलील स्कूल व अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास उड़ाए थे। भीड़ ने धर्मस्थल में घुसने, वहां से निकलकर हमला करने के दौरान इन पर गौर नहीं किया।
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बरेली में मौजूद प्रदर्शनकारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
अब यही वीडियो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के काम आ रहे हैं। उच्च क्षमता के कैमरों से ली गईं तस्वीरें व वीडियो इतने स्पष्ट हैं कि चौकी प्रभारियों को प्रमुख आरोपियों को तलाशने में कोई खास अड़चन नहीं आ रही है।
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बिहारीपुर करोलान स्थित रजा मस्जिद की छत पर मौजूद प्रदर्शनकारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
यह वीडियो जारी हुए तो थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। माना जा रहा है कि माैलाना के परिवार की प्रेसवार्ता में बेकसूरों पर कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बाद बरेली पुलिस ने ये वीडियो जारी किए हैं।
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बरेली में मौजूद प्रदर्शनकारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
वीडियो में धर्मस्थल की छतों पर जमा लोग, छत से उतरकर नीचे भागती भीड़ और गलियों में घुसकर पथराव करते लोगों के साथ ही लाठी लेकर भीड़ को खदेड़ती पुलिस साफ तौर पर देखी जा सकती है।
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मंगलवार को जेल भेजे गए ये आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
दरक रहा मौलाना का किला, एक-एक कर गुर्गे जा रहे जेल
मौलाना तौकीर को फतेहगढ़ जेल भेजे जाने के बाद उसके किले की एक-एक ईंट दरक रही है। उसके गुर्गों की गिरफ्तारी जारी है। अब उसका दाहिना हाथ पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस, नफीस के बेटे फरमान समेत नौ आरोपी जेल भेजे गए हैं। नफीस और उसके बेटे पर दंगा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है। नफीस के इशारे पर ही मस्जिदों में नमाज का वक्त बदला गया था।
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मंगलवार को जेल भेजे गए ये आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी दफ्तर में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 26 सितंबर को शहर में बवाल कराने के लिए मौलाना तौकीर रजा और उसकी मंडली ने षड्यंत्र रचा था। मौलाना की पार्टी के नेता डॉ. नफीस और उसके बेटे फरमान की भूमिका इस मामले में नफरत फैलाने की रही है।
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डॉ. नफीस और उसका बेटा फरमान
- फोटो : अमर उजाला
मौलाना के साथ रहकर नफीस लगातार माहौल भड़का रहा था। आमतौर पर दिन में नमाज का वक्त साढ़े 12 बजे से पौने चार बजे तक रहता है। उस दिन नफीस के भड़काने पर यह संदेश फैलाया गया कि सभी मस्जिदों में दोपहर एक बजे नमाज होगी। इसी संदेश से पुलिस को संदेह हो गया कि सभी लोगों को नमाज के बहाने एक साथ बुलाकर दंगा कराने की साजिश है।
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बवाल के बाद मौके पर पड़े जूते-चप्पल
- फोटो : अमर उजाला
बंगाल व बिहार से भी बुलाए थे बवाली
एसएसपी ने बताया कि जिले के अलग-अलग हिस्सों के साथ ही बंगाल व बिहार तक के लोग शहर में इस्लामिया मैदान पर कूच करने को बुलाए गए थे। गिरफ्तारी व बरामदगी से यह बात साफ हो चुकी है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता पुत्र
- फोटो : वीडियो ग्रैब
नफीस का बेटा फरमान आईएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट लगातार अपडेट कर भड़काऊ बयान व इस्लामिया मैदान में भीड़ के पुराने वीडियो डालकर लोगों को उकसा रहा था। इसी भड़काने पर नाबालिग लड़के और ग्रामीण शहर चले आए और जाने-अनजाने बवाल का हिस्सा बन गए।
10 मुकदमे, 125 नामजद, 82 आरोपी जेल भेजे
एसएसपी ने बताया कि अब तक 82 उपद्रवी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। खासकर उन लोगों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जिन्होंने भीड़ को भड़काने और एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी।
बवाल के बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों में दस मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें 125 नामजद और करीब तीन हजार अज्ञात उपद्रवी शामिल हैं। सात मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा नामजद है। कुछ और मामलों में मौलाना व उसके साथियों का नाम खुल सकता है।