यूपी के बरेली में पंचायत में खूनी खेल खेला गया। युवक ने चाकू से गोदकर की सास-साले की हत्या कर दी। जबकि पत्नी गंभीर घायल है। आरोपी पत्नी के मायके में रहने की वजह से नाराज था। आरोपी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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मुठभेड़ में मारा गया आरोपी अफसर खां
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा चौधरी में पंचायत के दौरान अफसर खां (38) ने सास आसमां (50), साले आदिल (22) और पत्नी सायमा (30) पर चाकू से हमला कर दिया। इससे आसमां और आदिल की मौत हो गई, जबकि सायमा की हालत नाजुक है। वारदात के बाद खून से सना चाकू लहराते हुए आरोपी हवाई अड्डे की ओर भाग गया था। घटना सीसी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को कब्जे में ले लिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। मंगलवार की सुबह पुलिस ने आरोपी अफसर खां को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
ई-रिक्शा/एंबुलेंस चालक अफसर खां ने वर्ष 2017 में चचेरी बहन सायमा (30) से प्रेम विवाह किया था। उनके दो बच्चे फैज (8) और आइशा (5) भी हैं। सायमा की बहन शिफा और अनम के मुताबिक, घर खर्च को लेकर अफसर और सायमा के बीच अक्सर विवाद होता था। अफसर नशे का लती है। वह आए दिन सायमा को पीटता था।
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इसी घर में हुई थी वारदात
- फोटो : संवाद
शनिवार शाम को भी उसने विवाद किया था। तब आसमां (50) बेटी सायमा को बुलाने उसके घर गई थीं। वहां अफसर ने आसमां के साथ मारपीट की थी। रविवार सुबह सायमा ने 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली थी। पुलिस ने घर से कपड़े आदि कुछ सामान दिलाकर थाने में तहरीर देने की बात कही और चली गई।
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आरोपी अफसर खां
- फोटो : अमर उजाला
शिफा और अनम के मुताबिक, रविवार शाम को ही सायमा ने इज्जतनगर थाने में पति से जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद अफसर के कहने पर सोमवार दोपहर एक बजे मोहल्ले के ही सराफा कारोबारी राशिद खां के घर पंचायत बुलाई गई। इसमें सायमा, आसमां और आदिल पहुंचे। राशिद के घर पर उनका रिश्तेदार बबलू और मोहल्ले के तीन-चार अन्य लोग भी मौजूद थे।
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परिजनों से पूछताछ करते एडीजी
- फोटो : संवाद
राशिद के मुताबिक, पंचायत शुरू होते ही दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। इसी दौरान आदिल ने अफसर को चप्पल मार दी। विरोध में अफसर ने भी चप्पल उठा ली। वह दोनों को रोकने लगे तभी अफसर ने कमर से चाकू निकाल लिया। उसने आसमां, आदिल और सायमा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और वहां से भाग गया। उन्होंने अपनी गाड़ी से तीनों को स्टेडियम रोड स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आसमां और आदिल को मृत घोषित कर दिया। सायमा की हालत गंभीर बनी हुई है।
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आरोपी ने घर के अंदर दिया वारदात को अंजाम
- फोटो : संवाद
16 साल की उम्र में मामी के साथ मिलकर रेत दिया था मामा का गला
अफसर ने 16 साल की उम्र में वर्ष 2004 में मामी के साथ मिलकर मामा जाकिर खां की हत्या कर दी थी। तब अफसर पर मामी के साथ प्रेम संबंध का भी आरोप लगा था। इसी के विरोध के चलते उसने मामा की हत्या की थी। ससुर नन्हें खां ने बताया कि अफसर ने चाकू से अपने मामा का गला रेता था। घटना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें जेल भेजा गया था। वर्ष 2015 में वह हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आया था।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद
...तो क्या अफसर ने पहले ही कर लिया था तीनों की जान लेने का फैसला
पंचायत के दौरान अफसर का चाकू लेकर पहुंचना सवाल खड़े कर रहा है। पहला और बड़ा सवाल यही है कि क्या उसने पहले ही तीनों की जान लेने का फैसला कर लिया था? शायद तभी वह चाकू लेकर पंचायत में पहुंचा और सुलह-समझौते की जगह विवाद करने लगा।
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आसमां और आदिल का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
शनिवार शाम को सास-साली को चाकू लेकर दौड़ाया था, साले पर ताना था तमंचा
सायमा की छोटी बहन अनम ने बताया कि शनिवार शाम को बहन के साथ मारपीट की जानकारी पर वह मां आसमां के साथ अफसर के घर गई थीं। जब मां ने इसका विरोध किया तो अफसर ने उन दोनों को चाकू लेकर दौड़ा लिया था। उसी दिन भाई पर भी तमंचा तान दिया था। इसी के चलते रविवार शाम को बहन ने इज्जतनगर थाने में तहरीर देकर जान का खतरा जताते हुए अफसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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एडीजी और एसएसपी ने किया मौका मुआयना
- फोटो : संवाद
इज्जतनगर पुलिस पर उठ रहे सवाल
- रविवार सुबह 112 पर कॉल करके सायमा ने पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया?
- रविवार शाम को सायमा ने इज्जतनगर थाने में तहरीर देकर जान का खतरा जताया था। पुलिस ने घरेलू विवाद बताकर मामले को टरका दिया। पूरे मामले पर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई?
- रविवार पूरी रात और सोमवार सुबह तक आरोपी घर में ही मौजूद था। पुलिस ने उसे पकड़ा क्यों नहीं?
- पूर्व में हुई घटना के बाद भी उसके खिलाफ पत्नी ने तहरीर दी थी, लेकिन हर बार पुलिस ने मामले को निपटा दिया। सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि होने के बाद भी पुलिस उसकी निगरानी क्यों नहीं कर रही थी?
मुठभेड़ स्थल पर जांच करते एसएसपी और एसपी सिटी
- फोटो : पुलिस
घर खर्च के लिए रुपये नहीं देने पर अफसर और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। शनिवार शाम को भी मारपीट हुई थी। रविवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची थी। सायमा ने कार्रवाई पर संतुष्टि भी जाहिर की थी। सोमवार दोपहर पंचायत के दौरान अफसर ने चाकू से हमला कर सास और साले की जान ले ली, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है। हत्यारोपी की तलाश के लिए इंस्पेक्टर इज्जतनगर, एसओजी और सर्विलांस टीमों को लगाया गया है। - अनुराग आर्य, एसएसपी