बरेली में सास और साले की हत्या के मामले में आरोपी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी पंचायत में खून-खराबा करने की ठान कर आया था। पत्नी, साले और सास के सीने पर दाहिनी ओर सिर्फ एक-एक वार किए थे।
बरेली में सास और साले की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपी अफसर पंचायत में खून-खराबे करने की बात ठान कर आया था। उसने अपनी पत्नी सायमा, सास आसमां और साले आदिल पर धारदार हथियार से सीने के हादिने हिस्से में सिर्फ एक-एक वार किए। इसमें आसमां और आदिल की जान चली गई और सायमा निजी अस्पताल में अंतिम सांसें गिन रही है।
जिला अस्पताल की मोर्चरी पर मिले आसमां के भाई ताहिर ने बताया कि अफसर पंचायत में आने के बाद ही तकरार करने लगा। पंचायत में बैठे ज्यादातर लोग रोजेदार थे, जबकि अफसर बीड़ी पी रहा था। उसे पंचायत में बीड़ी पीने से मना भी किया गया।
उन्होंने बताया कि अफसर 2015 में जमानत पर छूटा तो वर्ष 2017 में उसकी व सायमा की शादी हुई थी। उसके आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए परिवार के लोगों ने इस शादी का विरोध भी किया था, लेकिन सभी लोग पारिवारिक होने के कारण शादी कर दी गई थी। शादी के बाद भी अफसर की हरकतें बंद नहीं हुईं।
निजी अस्पताल की एंबुलेंस चलाता है हत्यारोपी
अफसर मिनी बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस चलाता है। ताहिर ने बताया कि पिछले माह भी ताहिर ने घर में घुसकर हमला किया था। ईद से पहले दोनों पक्षों में समझौते की बात तय हुई थी। सोमवार को पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि ताहिर खून-खराबा करेगा। अफसर कभी कभार ई-रिक्शा और स्कूल वाहन भी चलाता था।
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मुठभेड़ के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम छह बजे के भरा गया पंचनामा
निजी अस्पताल से आसमां और आदिल के शव जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिए गए। दोनों शव के साथ वहां केवल ताहिर ही थे। पंचनामा भरने के लिए पुलिस को पांच लोगों की जरूरत थी। इस कारण पंचनामा भी शाम छह बजे के बाद भरा जा सका। ताहिर ने बताया कि परिवार के अन्य लोग अस्पताल में भर्ती सायमा की देख-रेख में लगे थे। इस वजह से पंचनामा भरने में देरी हुई।
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मुठभेड़ के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों को चाकू दिखाकर डराया
घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने अफसर को पकड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन उसने चाकू दिखाकर सभी को डरा दिया। इसके बाद वह वहां से भाग गया।घटना की जानकारी होते ही मौके पर इलाकाई लोगों की भीड़ जुट गई। आसमां और आदिल के परिजन भी पहुंच गए। कुछ ही देर में रहपुरा चौधरी मोहल्ले की रेशमा रोड पर चीख-पुकार मच गई।
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इसी घर में हुई वारदात
- फोटो : संवाद
अफसरों ने किया मुआयना
एडीजी रमित शर्मा, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ पंकज श्रीवास्तव ने अस्पताल और मौके का मुआयना किया। राशिद और अन्य लोगों के बयान लिए। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून आदि के नमूने लिए हैं। घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
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आरोपी अफसर खां
- फोटो : अमर उजाला
16 साल की उम्र में मामी के साथ मिलकर रेत दिया था मामा का गला
अफसर ने 16 साल की उम्र में वर्ष 2004 में मामी के साथ मिलकर मामा जाकिर खां की हत्या कर दी थी। तब अफसर पर मामी के साथ प्रेम संबंध का भी आरोप लगा था। इसी के विरोध के चलते उसने मामा की हत्या की थी। ससुर नन्हें खां ने बताया कि अफसर ने चाकू से अपने मामा का गला रेता था। घटना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें जेल भेजा गया था। वर्ष 2015 में वह हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर आया था।
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मुठभेड़ स्थल पर जांच करते एसएसपी और एसपी सिटी
- फोटो : पुलिस
...तो क्या अफसर ने पहले ही कर लिया था तीनों की जान लेने का फैसला
पंचायत के दौरान अफसर का चाकू लेकर पहुंचना सवाल खड़े कर रहा है। पहला और बड़ा सवाल यही है कि क्या उसने पहले ही तीनों की जान लेने का फैसला कर लिया था? शायद तभी वह चाकू लेकर पंचायत में पहुंचा और सुलह-समझौते की जगह विवाद करने लगा।
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पुलिस मुठभेड़ में मारा गया आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार शाम को सास-साली को चाकू लेकर दौड़ाया था, साले पर ताना था तमंचा
सायमा की छोटी बहन अनम ने बताया कि शनिवार शाम को बहन के साथ मारपीट की जानकारी पर वह मां आसमां के साथ अफसर के घर गई थीं। जब मां ने इसका विरोध किया तो अफसर ने उन दोनों को चाकू लेकर दौड़ा लिया था। उसी दिन भाई पर भी तमंचा तान दिया था। इसी के चलते रविवार शाम को बहन ने इज्जतनगर थाने में तहरीर देकर जान का खतरा जताते हुए अफसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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पुलिसकर्मियों से जानकारी लेते एसएसपी
- फोटो : संवाद
इज्जतनगर पुलिस पर उठ रहे सवाल
- रविवार सुबह 112 पर कॉल करके सायमा ने पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया?
- रविवार शाम को सायमा ने इज्जतनगर थाने में तहरीर देकर जान का खतरा जताया था। पुलिस ने घरेलू विवाद बताकर मामले को टरका दिया। पूरे मामले पर गंभीरता क्यों नहीं दिखाई?
- रविवार पूरी रात और सोमवार सुबह तक आरोपी घर में ही मौजूद था। पुलिस ने उसे पकड़ा क्यों नहीं?
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आरोपी अफसर, घायल सायमा
- फोटो : संवाद
- पूर्व में हुई घटना के बाद भी उसके खिलाफ पत्नी ने तहरीर दी थी, लेकिन हर बार पुलिस ने मामले को निपटा दिया। सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि होने के बाद भी पुलिस उसकी निगरानी क्यों नहीं कर रही थी?
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आसमां और आदिल का फाइल फोटो
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पंचायत में चाकू से गोदकर की सास-साले की हत्या, पत्नी गंभीर
बरेली के इज्जतनगर थानाक्षेत्र के गांव रहपुरा चौधरी में पारिवारिक विवाद को निपटाने के लिए चल रही पंचायत के दौरान अफसर खां (38) ने सास आसमां (50), साले आदिल (22) और पत्नी सायमा (30) पर चाकू से हमला कर दिया। इससे आसमां और आदिल की मौत हो गई, जबकि सायमा की हालत गंभीर बताई जा रही है। वारदात के बाद खून से सना चाकू लहराते हुए आरोपी हवाई अड्डे की ओर भाग गया। घटना सीसी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को कब्जे में ले लिया है। मंगलवार की सुबह पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
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इसी घर में हुई वारदात
- फोटो : संवाद
ई-रिक्शा/एंबुलेंस चालक अफसर खां ने वर्ष 2017 में चचेरी बहन सायमा (30) से प्रेम विवाह किया था। उनके दो बच्चे फैज (8) और आइशा (5) भी हैं। सायमा की बहन शिफा और अनम के मुताबिक, घर खर्च को लेकर अफसर और सायमा के बीच अक्सर विवाद होता था। अफसर नशे का लती है। वह आए दिन सायमा को पीटता था।
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परिजनों से पूछताछ करते एडीजी
- फोटो : संवाद
शनिवार शाम को भी उसने विवाद किया था। तब आसमां (50) बेटी सायमा को बुलाने उसके घर गई थीं। वहां अफसर ने आसमां के साथ मारपीट की थी। रविवार सुबह सायमा ने 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली थी। पुलिस ने घर से कपड़े आदि कुछ सामान दिलाकर थाने में तहरीर देने की बात कही और चली गई।
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एडीजी और एसएसपी ने किया मौका मुआयना
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शिफा और अनम के मुताबिक, रविवार शाम को ही सायमा ने इज्जतनगर थाने में पति से जान का खतरा बताते हुए तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद अफसर के कहने पर सोमवार दोपहर एक बजे मोहल्ले के ही सराफा कारोबारी राशिद खां के घर पंचायत बुलाई गई। इसमें सायमा, आसमां और आदिल पहुंचे। राशिद के घर पर उनका रिश्तेदार बबलू और मोहल्ले के तीन-चार अन्य लोग भी मौजूद थे।
राशिद के मुताबिक, पंचायत शुरू होते ही दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। इसी दौरान आदिल ने अफसर को चप्पल मार दी। विरोध में अफसर ने भी चप्पल उठा ली। वह दोनों को रोकने लगे तभी अफसर ने कमर से चाकू निकाल लिया। उसने आसमां, आदिल और सायमा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और वहां से भाग गया। उन्होंने अपनी गाड़ी से तीनों को स्टेडियम रोड स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आसमां और आदिल को मृत घोषित कर दिया। सायमा की हालत गंभीर बनी हुई है।