बरेली में दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो पति, सास और ससुर ने विवाहिता की गला काटकर हत्या कर दी। एक साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय प्रथम) रवि कुमार दिवाकर ने तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 5.10 लाख (प्रत्येक पर 1.70 लाख) रुपये जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने कुछ अमर प्रेम कहानियों का जिक्र करते हुए कहा कि दोषी का यह कृत्य पति-पत्नी के संबंध पर प्रश्नचिह्न लगाता है। ऐसे दोषियों के लिए मृत्युदंड ही सबसे उचित सजा है।
देवरनिया क्षेत्र के मोहल्ला गौटिया निवासी मुसब्बर अली ने पुलिस को बताया कि उसने बहन फराह की शादी दो वर्ष पूर्व नवाबगंज के गांव जयनगर निवासी मकसद अली से की थी। शादी के बाद से फराह को उसके पति मकसद अली, जेठ तौफीक अली, सास मसीतन व ससुर साबिर अली दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। एक मई 2024 को मकसद ने परिजनों के साथ मिलकर फराह की गला काटकर हत्या कर दी।