महाशिवरात्रि पर बरेली शिवमय हो गया है। बीडीए ने डिजिटल लाइटिंग और फूलों से शहर में सजावट कराई है। शहर के दो प्रमुख प्रवेश द्वारों पर स्थापित की गई नंदी और नटराज की प्रतिमाओं का रविवार को लोकार्पण भी किया जाएगा।
बरेली में महाशिवरात्रि पर शहर शिव की आभा से दमक रहा है। शहर की आध्यात्मिक पहचान को विस्तार देते हुए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शनिवार को अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। शहर के दो प्रमुख प्रवेश द्वारों पर स्थापित की गई नंदी और नटराज की प्रतिमाओं का रविवार को लोकार्पण किया जाएगा। ये न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगी, बल्कि यहां आने वाले लोगों को यहां की सांस्कृतिक विविधता से परिचित भी कराएंगी।
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बीडीए की ओर से झुमका तिराहे के समीप स्थित अवैद्यनाथ द्वार पर नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। भगवान शिव के वाहन नंदी की यह प्रतिमा शक्ति और भक्ति का प्रतीक बनकर उभरेगी। लखनऊ की ओर से शहर आने वाले लोगों के स्वागत के लिए रजऊ परसपुर के पास भगवान शिव के नटराज स्वरूप की भव्य प्रतिमा लगाई गई है। कला और संस्कृति के अद्भुत सामंजस्य वाली यह प्रतिमा शहर की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देगी।
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रंग बिरंगी लाइटों से सजा अवैद्यनाथ चौक
- फोटो : बीडीए
शिव भक्ति से बंधी शहर की सीमाएं
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए के मुताबिक, इन दोनों प्रतिमाओं के स्थापित स्थापित होने से शहर की भौगोलिक और आध्यात्मिक सीमाएं शिव भक्ति के सूत्र में बंध गई हैं। ये शहर की पहचान को पुख्ता करेंगी। यहां प्रवेश करते ही पर्यटकों को शांति और श्रद्धा का अहसास होगा। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर इन प्रतिमाओं और उनके आसपास के क्षेत्रों को विशेष रूप से सजाया गया है। पूरा माहौल उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा है।
व्यापारियों ने सजाई दुकान
बरेली विकास प्रधिकरण की पहल पर साहूकारा व आलमगिरीगंज के सराफा बाजार में सजावट कराई गई है। दुकानदारों ने दुकान के बाहर फूलों के गमले सजाए हैं, जिससे बाजार की सुंदरता और बढ़ गई है।
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फूलों से सजे चौराहे, तीन दिन विशेष श्रृंगार
शहर के प्रमुख चौराहों, सराफा बाजार से लेकर किला-कुतुवखाना तक गेंदे और गुलाब की मालाओं से सजावट पूरी कर ली गई है। 14 से 16 फरवरी तक विशेष पुष्प श्रृंगार रहेगा। अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों को थीम के आधार पर सजाया गया है। कहीं शिवलिंग और डमरू का फ्लावर आर्ट तो कहीं त्रिशूल, चंद्रमा और सर्प की आकृतियां आकर्षण का केंद्र हैं।
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मंदिरों में भी डिजिटल सजावट, गूंज रही शिवधुन
शहर के प्रमुख नाथ शिव मंदिर भी फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाए गए हैं। कहीं पारंपरिक पुष्पमालाएं हैं तो कहीं भव्य डिजिटल लाइटों से सजे शिखर। शाम होते ही मंदिरों के आसपास डमरू की थाप और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान होने लगेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के इंतजाम भी किए गए हैं।