Cylinder Blast In Bareilly: बरेली के रजऊ परसपुर स्थित महालक्ष्मी गैस एजेंसी में सोमवार दोपहर भयानक हादसा हो गया। एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में आग लग गई। इसमें सौ से ज्यादा सिलिंडर फट गए। पांच किलोमीटर तक धमाकों गूंज सुनाई दी। दो किमी तक सिलिंडर के टुकड़े बिखरे मिले।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद उठतीं लपटें
- फोटो : अमर उजाला
Bareilly Gas Agency News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिथरी चैनपुर थाना इलाके के रजऊ परसपुर गांव में सोमवार दोपहर एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े सिलिंडर भरे ट्रक में आग लग गई। एक-एक कर सौ से ज्यादा सिलिंडर फटने से इलाके में दहशत फैल गई। ट्रक के परखचे उड़ गए। एजेंसी का दफ्तर और चौकीदार का कमरा ढह गया। मलबा दो किमी. दूर तक जा गिरा। इससे आग खेतों तक फैल गई। दहशत से लोग घर छोड़कर भागने लगे। फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ट्रक चालक और गोदाम के चौकीदार ने भागकर जान बचाई।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद उठतीं लपटें
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ट्रक के केबिन से उठ रही थीं लपटें
रजऊ परसपुर निवासी मनोज शर्मा की गांव के बाहर महालक्ष्मी गैस एजेंसी है। एजेंसी के चौकीदार रमेश चंद्र शुक्ला के मुताबिक, शाहजहांपुर से 360 गैस सिलिंडर से भरा ट्रक घटना से कुछ ही देर पहले गोदाम पर आया था। वह गेट के बाहर खड़ा था। पत्नी संध्या ने बदबू आने की बात कही तो रमेश कमरे से बाहर आए। देखा तो ट्रक के केबिन से लपटें उठ रही थीं। उन्होंने चालक के साथ मिलकर बुझाने की कोशिश की, पर नाकाम रहे।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद उठतीं लपटें
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एक-एक कर फटने लगे सिलिंडर
आग ट्रक में पिछले हिस्से में पहुंची तो एक-एक कर सिलिंडर फटने लगे। हर धमाके के बाद सिलिंडर हवा में उछलकर दूर जाकर गिर रहे थे। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमें पहुंचीं, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों की वजह से उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद का नजारा
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ग्रामीण बोले- खाना बनाने के दौरान लगी आग
हादसे के बाद चार सदस्यीय जांच टीम ने चालक अतुल का बयान लिया। आग कैसे लगी, इस सवाल पर उसने जानकारी होने से इन्कार कर दिया। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि ट्रक आकर रुका तो चालक ने केबिन में रखे छोटे गैस सिलिंडर पर खाना बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान केबिन में आग लग गई। एफएसओ ने बताया कि इसकी जांच की जा रही है।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद का नजारा
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खतरा बरकरार, आबादी वाले इलाकों में भी हैं गोदाम
रजऊ परसपुर में हुई सिलिंडरों के फटने की घटना के दौरान गनीमत रही कि घटनास्थल आबादी से काफी दूर था, लेकिन शहर के आसपास जिन गैस एजेंसी संचालकों ने गोदाम बने हैं, उनके आसपास आबादी बस गई है। लिहाजा, अगर सिलिंडर फटे तो जानमाल के नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। सुभाषनगर माल गोदाम रोड, बदायूं रोड, बीसलपुर रोड, मिनी बाइपास व अन्य आबादी इलाकों में भी चल रहे हैं।
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एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद का नजारा
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चौकीदार की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
एसपी उत्तरी ने घटना के चश्मदीद चौकीदार रमेश शुक्ला से घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उनकी पत्नी संध्या ने जलने की महक सूंघी। उसके बाद उन लोगों ने बाहर मौजूद ड्राइवर की मदद से आग बुझाने की कोशिश की। जब सफल न हुए तो रमेश ने ही सब लोगों से भागने को कहा।
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आग पर काबू पाता दमकलकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उन्हीं ने मनोसमर्पण केंद्र के स्टाफ को सूचना दी। फिर एजेंसी मालिक के जरिये तत्काल पुलिस व फायरब्रिगेड को सूचना दी जा गई। एसपी उत्तरी समेत फायर स्टाफ ने भी रमेश शुक्ला की सूझबूझ की सराहना की।
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आग पर काबू पाता दमकलकर्मी
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कुबेर एजेंसी की ओर भड़की आग एसपी ने बुझवाई
जब एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे तो फायर स्टाफ ट्रक के अवशेषों के पास की आग बुझाने में जुटा था। एक गाड़ी से लंबे पाइप के सहारे खेतों में लगी आग बुझाई जा रही थी। इस दौरान एसपी की नजर कुबेर गैस एजेंसी की ओर उठते धुएं पर गई। देखा तो वहां भी एक सिलिंडर जला पड़ा था जिसकी वजह से घास में आग लगी थी। एसपी ने एफएसओ संजीव कुमार से यहां की आग सबसे पहले बुझवाने को कहा।
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सिलिंडर के टुकड़े बटोरते दमकलकर्मी
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एजेंसी वालों से जानकारी की तो पता लगा कि महालक्ष्मी एजेंसी के गोदाम में 1000 व कुबेर गैस एजेंसी के गोदाम में करीब 800 सिलिंडर रखे थे। इनमें अधिकांश भरे हुए भी थे। जले सिलिंडर दूसरी दिशाओं में पास व दूर गिरे, अगर यह इन गोदामों की तरफ आए होते तो कहर बरप सकता था। इस बात पर सभी ने सुकून जताया।