बदायूं में हुए बवाल के बाद एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में भागो, पथराव हो गया... की आवाज भी सुनाई दे रही है। मंगलवार को सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली के फैजगंज बेहटा थाना इलाके के गांव राजा की सीकरी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हुए बवाल के दौरान पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पथराव से बचकर भागने का वीडियो सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों की ओर से बनाए गए इस वीडियो में पथराव के बीच अधिकारी और पुलिसकर्मी तेजी से अपनी गाड़ियों की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में भागो, पथराव हो गया... की आवाज भी सुनाई दे रही है। मंगलवार को सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। प्रशासन प्रतिमा स्थापित करने से रोक रहा था। इसी दौरान स्थिति बिगड़ने पर पथराव शुरू हो गया।
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डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ किया पैदल मार्च
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अचानक हुए पथराव के बाद मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षित स्थान की ओर जाते दिखाई दिए। कुछ अधिकारी अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर मौके से हटते नजर आए। वहीं, कुछ पुलिस कर्मी सड़क पर दौड़ भी लगाकर वहां से हटे।
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ग्रामीण महिला से जानकारी करते डीएम और एसएसपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
12 घंटे में 25 बार बातचीत, मगर मन का भेद न खुला
राजा की सीकरी गांव में ग्राम समाज की खलियान भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने से रोके जाने के बाद मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक बवाल चला। करीब 12 घंटों तक पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने ग्रामीणों से 25 से ज्यादा बार बात की और उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण किसी सूरत पर मानने को तैयार नहीं हुए। संवाद
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मौके पर पड़ी बाइक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीण और पूर्व प्रधान जमीन देने को तैयार थे, फिर भी किया पथराव
प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन देने के लिए ग्रामीण हरवीर सिंह के सहमति जताने के बाद ग्रामीण मान गए थे। इसके बाद खतौनी निकलवाई गई तो जमीन करीब दो माह पहले पूर्व प्रधान श्याम सिंह सागर के नाम बैनामा होने की जानकारी सामने आई। इस पर एडीएम प्रशासन ने पूर्व प्रधान को बुलाकर बात की तो पूर्व प्रधान ने भी जमीन देने पर सहमति जता दी।
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मौके पर पुलिस की गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने प्रतिमा खंडित किए जाने की सूचना को बताया निराधार
घटनाक्रम के बीच प्रतिमा खंडित किए जाने की खबर भी सामने आई। हालांकि, पुलिस ने इसे पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। एसएसपी अंकिता शर्मा का कहना है कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा या खंडित नहीं किया गया।
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मौके पर डीएम, एसएसपी व अन्य अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल गांव में शांति और कानून-व्यवस्था सामान्य है। प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
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एसडीएम से बात करतीं महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखने की बात से बिगड़े हालात
प्रशासन की ओर से प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखने और आगे की प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव तैयार करने की बात कही गई लेकिन इसी बीच ग्रामीण फिर विरोध में उतर आए। ग्रामीणों ने कहा कि जब प्रतिमा के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है तो प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित रखने की जरूरत नहीं है।
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ईंट उतारते ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद ग्रामीणों ने प्रतिमा उसी सरकारी भूमि पर उसी समय स्थापित करने की जिद की। इसको लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी।
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पथराव में घायल पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उघैती, बिल्सी, वजीरगंज, फैजगंज बेहटा और बिसौली थानों की पुलिस के साथ पीएसी को भी लगाया गया है। अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास करते रहे लेकिन अंधेरा छाने लगा तो भीड़ में शामिल खुराफातियों ने पथराव शुरू कर दिया।
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क्षतिग्रस्त पुलिस की गाड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कब क्या हुआ
सोमवार की देर रात 1:30 बजे पंचायतघर के पास ग्राम समाज की खलिहान की भूमि पर प्रतिमा रखी गई।
मंगलवार सुबह 6 बजे महिलाओं ने प्रतिमा गिराने का शोर मचाया, कुछ ग्रामीण भी आए गए।
सुबह 6:30 पर आसफपुर चौकी और फैजगंज बेहटा की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने दो पुलिस कर्मियों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया।
सुबह 7 बजे एसडीएम प्रियंका गोयल, सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव ग्रामीणों से बात करने पहुंचे।
7:30 ग्रामीणों ने शाहबाद आसफपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। बिसौली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
8 बजे एसडीएम ने जगह चयन कर 15 दिन में मूर्ति स्थापित करने के लिए अनुमति लेने की बात कही। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
सुबह 9:30 बजे इस्लामनगर, उघैती, वजीरगंज पुलिस फोर्स भी पहुंच गई।
10 बजे तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंच गए।
अपराह्न 1:30 बजे अफसरों ने ग्रामीणों से बातचीत की।
दो बजे पीएसी की एक गाड़ी पहुंची।
2:30 बजे एसडीएम सीओ ने कुछ ग्रामीणों को बातचीत करने के लिए बुलाया।
शाम तीन बजे बारिश शुरू होने पर भी ग्रामीण छाता लेकर मौके पर डटे रहे। इसी दौरान एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया आसफपुर पुलिस चौकी पहुंचे।
3:10 बजे एसडीएम व सीओ भी आसफपुर पुलिस चौकी पहुंच गए।
4 बजे पुलिस प्रशासनिक अफसर घटनास्थल पहुंचे।
5:30 बजे एडीएम प्रशासन और एसपी देहात ने ग्रामीणों को समझाया।
6 बजे पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को हटाना शुरू किया।
6:45 बजे भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
7:15 बजे पुलिस-प्रशासन के अधिकारी दोबारा गांव पहुंचे और बवालियों को खदेड़ा।
पुलिस और ग्रामीणों के बीच वार्ता जारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों ने जबरन बिना अनुमति आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन ने उन्हें निजी भूमि पर प्रतिमा लगाने को कहा। इसके बाद ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। कुछ गाड़ियां टूटी हैं। पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है। उपद्रव करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। प्रतिमा पुलिस ने कब्जे में ले ली है। -अवनीश राय, डीएम बदायूं