उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सामूहिक दुष्कर्म और महिला की हत्या के मामले में नामजद तीनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। कुछ और लोगों से पूछताछ चल रही है, लेकिन एक सवाल का जवाब आज भी पुलिस नहीं दे पाई है। अगर महिला कुएं में गिरी थी तो उसके साक्ष्य मिलने चाहिए थे। कुएं में खून पड़ा होना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ उजागर नहीं किया है।
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Badaun Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
ये मामला तीन जनवरी की रात का है। सामूहिक दुष्कर्म और महिला की हत्या की सूचना जब पुलिस को मिली थी। पुलिस तभी से उसके कुएं में गिरने की कहानी बता रही है। आज इस मामले को पांच दिन बीत चुके हैं। घटनास्थल से लेकर महिला के गांव तक कई अधिकारी आकर निरीक्षण कर चुके हैं तो वहीं महिला के परिवार वाले अपने बयानों पर अड़े हैं, लेकिन पुलिस कुएं में गिरने की बात कह रही है। हालांकि पुलिस परिवार वालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन अंदरखाने पुलिस की कहानी में कोई बदलाव नहीं आया है।
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budaun Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की इस कहानी पर अगर विश्वास भी कर लिया जाए तो संबंधित कुएं में महिला के खून के धब्बे जरूर होने चाहिए थे। पुलिस जो पाइप लगना बता रही है। अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। इसमें भी कई तरह की बातें सामने आ रहीं हैं। कोई अधिकारी सरिया बता रहा है तो कोई पाइप लगना मान रहा था। इसके बावजूद उसे किसी को दिखाया नहीं गया। और तो और पुलिस अधिकारियों ने सिर्फ कुएं का ऊपरी हिस्सा देखा। उसके नीचे अभी तक किसी के घुसने की बात सामने नहीं आई है और न ही साक्ष्य मिलने की बात सामने आई।
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घटनास्थल पर जांच करने पहुंची फोरेंसिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने की पड़ताल
सामूहिक दुष्कर्म और महिला की हत्या के मामले में फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। टीम घटनास्थल पर छानबीन कर रही है। पुलिस ने भी धर्मस्थल से कुछ साक्ष्य जुटाए हैं, लेकिन अभी कुएं में घुसने की बात सामने नहीं आई है। शुक्रवार को टीम ने महिला के खून से रंगा गद्दा और उसके कपड़े भी कब्जे में ले लिए हैं।
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इसी कोठरी में है कुआं
- फोटो : अमर उजाला
परिवार वालों से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल
शुक्रवार को भी महिला के परिजन से मिलने वालों की लाइन लगी रही। कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल महिला के परिवार वालों से मिला। उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह, युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर यादव, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रभारी बदायूं चौधरी असलम, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह, प्रदेश कांग्रेस सचिव जितेंद्र कश्यप, प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव मथुरा प्रसाद, शहर अध्यक्ष असरार अहमद, जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग चेयरमैन बफाती मियां, प्रदेश सोशल मीडिया सचिव मोहम्मद यशब, सहसवान विधानसभा प्रभारी चौधरी फहीम अहमद शामिल रहे।
निलंबित इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह और हलका इंचार्ज अमरजीत सिंह के खिलाफ धारा 166 ए के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में हलका इंचार्ज को भी निलंबित कर दिया गया है। - अनिरुद्ध सिंह, सीओ बिल्सी