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स्थापना दिवस: बरेली में अमर उजाला के शानदार 56 वर्ष... हर बदलाव आपके साथ, बना शहर की आवाज; तस्वीरें

Fri, 17 Jan 2025 10:43 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली और अमर उजाला... विकास पथ पर 56 वर्षों से हमसफर हैं। शहरवासियों की हर जरूरत को समझते हुए उनकी आवाज बना। बात शासन-प्रशासन तक पहुंची तो समस्याओं का समाधान हुआ। शहर विकास के पथ पर आगे बढ़ा। नए साल में भी यह क्रम जारी रहेगा। 
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बरेली - फोटो : अमर उजाला
आपकी आवाज, आपका अपना अमर उजाला। बरेली में आपकी शुभकामनाओं और सहयोग से आज सफलता के शानदार 56 वर्ष पूरे करने जा रहा हूं। इन वर्षों में आपकी आवाज बनकर यहां की जरूरतों और समस्याओं को बेबाकी से उठाया और मुकाम तक पहुंचाया। बात चाहे विकास की हो या सामाजिक सरोकार की। शिक्षा की हो या स्वास्थ्य की। आपके साथ कांधे से कांधा मिलाकर खड़ा रहा और खड़ा रहूंगा। सफलता के नए साल में नए संकल्पों और नई ऊर्जा के साथ फिर से आपका हमसफर बनने को तैयार आपका अमर उजाला...
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चौपुला पुल - फोटो : अमर उजाला
तीन साल का इंतजार खत्म...चौपुला पुल से जुड़ गया अटल सेतु
चौपुला पुल और अटल सेतु के आपस में जुड़ते ही तीन साल का इंतजार खत्म हो गया। सेतु निगम ने वर्ष 2021 में चौपुला पुल बनाया था, लेकिन पीली कोठी के बीच में आने की वजह से दोनों पुल आपस में जुड़ नहीं सके थे। पुलों को जोड़ने के लिए नई ड्राइंग बनाकर बजट मांगा जाना था। सेतु निगम ने बजट तो मांगा, लेकिन जब आपत्तियां लगीं तो अधिकारी चुप बैठ गए। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। विधायक संजीव अग्रवाल ने मुख्य सचिव के बरेली आगमन पर यह मुद्दा उठाया। मुख्य सचिव बजट जारी कराने की बात कहकर गए। आखिरकार संशोधित एस्टीमेट के आधार पर 15 करोड़ रुपये मिले और 25 अक्तूबर को दोनों पुल आपस में जुड़े गए। विकास को रफ्तार मिली।
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प्रस्तावित रिंग रोड का नक्शा - फोटो : NHAI
रिंग रोड के निर्माण का रास्ता हुआ साफ
जाम और अतिक्रमण के मुद्दों को अमर उजाला लगातार शहरवासियों की आवाज को बुलंद किया। शासन-प्रशासन ने संज्ञान लिया। दशकों से अटकी रिंग रोड परियोजना को मंजूरी मिली। झुमका चौराहे से बुखारा होते हुए इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के निकट तक 29.92 किलोमीटर मार्ग फोर लेन प्रस्तावित है। परियोजना पर कुल 2,074 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 1167.65 करोड़ रुपये से भूमि का अधिग्रहण होगा। इसके लिए किसानों से 187 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। रिंग रोड बनने से शहर के भीतर वाहनों का दबाव घटेगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने बताया कि अक्तूबर तक काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए टेंडर निकाले जा चुके है। रिंग रोड से बरेली की तस्वीर बदल जाएगी।

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बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
बरेली से मथुरा के सफर को मिलेगी रफ्तारनाथ नगरी से कृष्ण की नगरी मथुरा तक सड़क के चौड़ीकरण में देरी के मुद्दे को अमर उजाला प्रमुखता के साथ उठाता रहा। नतीजा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 1527 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी। अब हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू करने की तैयारी है। चौथे चरण में बरेली से बदायूं तक 38.5 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण होना है। बरेली से मथुरा तक 216 किलोमीटर लंबा हाईवे है। मथुरा से हाथरस, हाथरस से कासगंज बीच काम शु्रू हो गया है। तीसरे चरण में कासगंज से बदायूं तक के लिए पहले ही मंजूरी मिल गई है। अब 17 अक्तूबर 2024 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बरेली से बदायूं तक के लिए मंजूरी दे दी है। इसके निर्माण से बरेली से मथुरा तक के सफर को रफ्तार मिलेगी। 
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बरेली मेट्रो रूट का मैप - फोटो : बीडीए
मिलेगी मेट्रो की सौगात... घूमेगा तरक्की का पहिया
शहर को मेट्रो रेल की सौगात मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। इससे तरक्की के पहिये को रफ्तार मिलेगी। इस पर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक व्यय होने का अनुमान है। वर्ष 2024 में इसके लिए सर्वेक्षण हुए। इसमें सामने आया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मेट्रो रेल चलनी चाहिए। इसलिए अब जरूरी प्रक्रिया और मंजूरी के बाद दिल्ली और लखनऊ समेत दूसरे महानगरों की तर्ज पर बरेली में भी मेट्रो रेल रफ्तार भरेगी। राइट्स इसके लिए डीपीआर तैयार कर रही है। डीपीआर आने के बाद कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में उसका आकलन होगा। इसके बाद मंजूरी के लिए उसे लखनऊ भेजा जाएगा। 
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स्काई वॉक - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं हो जाएंगी पूरी, चमकेगा शहर
करीब 950 करोड़ रुपये लागत की स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं बनकर तैयार हैं। अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने और नई परियोजनाओं को तैयार करने के लिए जनता की जरूरतों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने और तैयार परियोजनाओं के बेहतर तरीके संचालन की कवायद हुई। नगर आयुक्त ने निजी कंपनियों के साथ संवाद किया। नतीजा, स्काई वाॅक के लिए मुंबई की एक कंपनी के साथ अनुबंध होने जा रहा है। अर्बन हाट और हैंडीक्राफ्ट सेंटर के लिए कई कंपनियों ने उत्साह दिखाया है। अगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और निजी कंपनी के बीच शर्तें न फंसी तो इस साल उसका भी संचालन शुरू हो जाएगा।
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