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दीक्षांत समारोह: रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 84 मेधावियों को मिले पदक, इनमें 70 छात्राएं; देखें तस्वीरें

Wed, 05 Aug 2026 11:19 AM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 84 टॉपरों को मेडल प्रदान किए गए। 105 शोधार्थियों को डॉक्टरेट उपाधि मिली। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मौसम के कारण ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने समारोह का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस बार 70 छात्राएं और 14 छात्र टॉपरों में शामिल रहे। 
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खुशी का इजहार करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 85 टॉपरों में से 84 ने मंच पर पहुंचकर मेडल प्राप्त किए। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय (अब विश्वविद्यालय) की बीकॉम फाइनेंस की छात्रा आकांक्षा शुक्ला अनुपस्थित रहीं। 105 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। उपाधि व मेडल प्राप्त कर सभी विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। टॉपरों में इस बार 70 छात्राएं व 14 छात्र शामिल हैं।

मौसम की खराबी के कारण कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। वह वर्चुअली शामिल हुईं। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। वंदेमातरम और विश्वविद्यालय के कुलगीत के बाद कुलाधिपति ने ऑनलाइन माध्यम से दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की।
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छात्रा आलमीन नजवी को सम्मानित करते अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक 23 मेधावियों को मंच पर और बाकी को पांचाल सभागार में मेडल दिए जाने थे। कुलाधिपति के नहीं आने से यह व्यवस्था रद्द करनी पड़ी। सभी टॉपरों को मंच पर ही मुख्य अतिथि, कुलपति व अन्य ने मेडल पहनाए। सभी टॉपरों ने अतिथियों के साथ फोटो खिंचवाई, जबकि उपाधि प्राप्त करने वाले 105 शोधार्थियों को मंच पर आमंत्रित ही नहीं किया गया।
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राज्यपाल ने ऑनलाइन किया संबोधित - फोटो : अमर उजाला
स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव के डॉ. राकेश कुमार, अति विशिष्ट अतिथि सांसद छत्रपाल गंगवार व विशिष्ट अतिथि स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. पीबी सिंह पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन व उनके प्रतिनिधि के रूप में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने की। राज्यपाल ने वर्चुअली स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण, कृषि विभाग के भवन का लोकार्पण और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

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दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के साथ पीएचडी धारक। - फोटो : अमर उजाला
जयपुरी लाख की चूड़ियों और हस्तकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस्लाम अहमद को डीलिट (मानद उपाधि) से विभूषित किया गया। दो शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। सीएसआईटी विभागाध्यक्ष प्रो. विनय ऋषिवाल और संघटक महाविद्यालय मीरापुर बांगर बिजनौर के डॉ. सचिन कुमार को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
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सेल्फी लेतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
छह साल से छात्राएं मार रहीं बाजी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के टॉपरों की सूची में छह साल से बेटियां आगे हैं। वर्ष 2021 से यह सिलसिला जारी है। पदक हासिल करने वाली बेटियों की संख्या में जहां इजाफा हुआ है, वहीं छात्रों की संख्या घटी है। राज्यपाल ने भी अपने संबोधन में बेटियों की प्रगति पर खुशी जताई, लेकिन टॉपरों में लड़कों की घटती संख्या पर चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों में संतुलन आवश्यक है।
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खुशी का इजहार करतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
वर्ष कुल मेधावी      छात्र   छात्राएं
2026 85             14       71
2025 94             24       70
2024 94             24       70
2023 79             17       62
2022 84             14       70
2021 90             31       59
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दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राएं और अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
सजा रहा परिसर, सुरक्षा भी चाक-चौबंद
दीक्षांत समारोह को लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार, प्रशासनिक भवन, ऑडिटोरियम, अटल सभागार और प्रमुख मार्गों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। स्वागत बैनरों की भरमार रही। एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण चलता रहा। कैंपस में उत्सव जैसा माहौल दिखा। विवि परिसर और मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहे। पारंपरिक परिधान में अभिभावकों के साथ सभागार में पहुंचे मेधावी उत्साह से लबरेज दिखे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। समारोह के बाद लोग एक-दूसरे के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। 

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दीक्षांत समारोह में कुलपति, विशिष्ट अतिथि और छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
कुलपति ने गिनाईं उपलब्धियां
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विवि के शोधार्थी इसरो तक पहुंच चुके हैं। बीते वर्षों में विवि ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान पुख्ता की है। 206 एकड़ में फैले परिसर में 25 विभाग, नौ संघटक महाविद्यालय और तीन जिलों में संबद्ध महाविद्यालय हैं। वर्तमान में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को करीब तीन करोड़ प्रतिमाह की स्कॉलरशिप मिल रही है।

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दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि देश-विदेश के संस्थानों से छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम भी संचालित हैं। 55 विदेशी छात्र भी विवि में शिक्षा ले रहे हैं। कैंपस समेत संबद्ध महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। दूरस्थ शिक्षा के तहत भी 12 कोर्स संचालित हैं। बीटेक एआई को भी छात्रों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

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मुख्य अतिथि डॉ राकेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिकताओं को पहचानें, समय प्रबंधन सबसे जरूरी : डॉ. राकेश
मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि पदक विजेताओं में छात्राओं की संख्या अधिक देखकर प्रसन्नता होती है। मैंने बचपन में शिक्षार्थ आइए सेवार्थ जाइए सुना था। शिक्षार्थ आइए का अर्थ बचपन में ही समझ आ गया था, लेकिन सेवार्थ का अर्थ जीवन में बहुत बाद में समझ आया। जिसे भी आज उपाधि मिली है, उनका सेवार्थ की तरफ सफर शुरू हो चुका है। हमेशा योजनाबद्ध तरीके से चलें। जीवन में अपनी प्राथमिकताएं तय करें, दूरदर्शी रहें, हमेशा तथ्यात्मक सोचें, इससे सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने शिव खेड़ा की पुस्तक का उदाहरण दिया। पार्किंसन लॉ के समय प्रबंधन के बारे में बताते हुए कहा कि समय से अधिक जरूरी कुछ नहीं है।
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सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार - फोटो : अमर उजाला
दीक्षांत की शपथ को निभाना मुश्किल : छत्रपाल
अति विशिष्ट अतिथि सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1979 में इसी विश्वविद्यालय से परास्नातक की डिग्री ली थी। इसके बाद कैंपस से ही बीएड किया। दीक्षांत का अर्थ दीक्षा का अंत जरूर है, लेकिन उपाधि प्राप्त करने के बाद आपकी सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ जाती है। रुविवि में अलग-अलग देशों के विद्यार्थी भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, ये गर्व की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत की शपथ लेना तो सरल है, लेकिन निभाना कठिन है। यह त्याग और से ही संभव है।
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