यूपी के बांदा जिले के आवासीय विद्यालय में संदिग्ध हालात में दो छात्रों की मौत हो गई। रात में उल्टी और पेट दर्द के बाद हालत बिगड़ गई थी। सुबह अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई। रविवार शाम को स्कूल में मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए थे। एक अन्य छात्र बीमार है।
विज्ञापन
1 of 12
residential school in banda
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बांदा शहर के झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर निजी आवासीय विद्यालय में रविवार रात दो छात्रों की हालत बिगड़ गई। सोमवार सुबह उनकी संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई। दोनों को स्कूल स्टाफ अलग-अलग समय पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। परिजन का आरोप है कि छात्रों की मौत के बाद उन्हें तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। परिजन ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
गिरवां थाना क्षेत्र के सरस्वाह गांव निवासी सुनील का बेटा नितिन (12) आवासीय विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। रविवार रात करीब एक बजे उसे उल्टी और पेटदर्द की शिकायत हुई। स्कूल स्टाफ उसे अस्पताल ले गया लेकिन कुछ देर बाद वापस विद्यालय ले आया। हालत में सुधार न होने पर उसे सुबह करीब सात बजे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में उसे रात में भी लाए जाने की कोई जानकारी दर्ज नहीं है।
विज्ञापन
2 of 12
नितिन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी तरह चिल्ला थाना क्षेत्र के महेंदु गांव निवासी पुष्कर उर्फ जयकिशोर का बेटा अरुण कुशवाहा (9) कक्षा दो में पढ़ता था। उसे सोमवार सुबह करीब चार बजे उल्टी और पेट दर्द हुआ। स्कूल स्टाफ सुबह करीब छह बजे उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन उसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर तहसीलदार और बीएसए अव्यक्तराम जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
विज्ञापन
3 of 12
अरुण की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर पूरे घटनाक्रम और व्यवस्था की जानकारी ली। वहीं विद्यालय प्रबंधक ओमप्रकाश का कहना था कि बच्चों के बीमार होने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। विद्यालय प्रशासन ने पूरी कोशिश की लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उधर, सोमवार दोपहर करीब दो बजे विद्यालय के कक्षा चार के छात्र चंद्रपाल सिंह निवासी गिरवां की भी हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है।
4 of 12
एफएसडीए की टीम ने भरे छह नमूने
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए
विद्यालय में रविवार शाम मोमोज और फिंगर चिप्स मंगाए गए थे। बताया जा रहा है कि अधिकांश बच्चों ने इसे खाया था। इसके बाद छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। विद्यालय का एक छात्र ही महाराणा प्रताप चौक से दोनों चीजें लेकर आया था। ऐसे में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
5 of 12
विद्यालय में बने कमरे में खाली पड़े तख्त और नमी से भीगी दीवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात में घर सूचना देने को कहते रहे बच्चे, नहीं कराई बात नितिन के साथ उसका छोटा भाई हर्ष कक्षा एक में इसी विद्यालय का छात्र है। वहीं अरुण का बड़ा भाई उत्कर्ष कक्षा पांच में पढ़ता है। दोनों के भाइयों ने परिजन को बताया कि उन्होंने रात में ही घर पर उनकी तबीयत खराब होने की सूचना देने को कहा था लेकिन स्कूल के बड़े सर ने बात नहीं कराई। सोमवार सुबह जिला अस्पताल से परिजन को बच्चों के बीमार होने की सूचना दी गई। परिजन अस्पताल पहुंचे तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। परिजन ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
6 of 12
अस्पताल में भर्ती छात्र
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छटपटाया, नीचे गिरा और मौत की नींद सो गया नितिन
बांदा के बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की संदिग्ध हालात में मौत के बाद छात्रावास में रहने वाले अन्य बच्चे भी सहमे हुए हैं। नितिन की मौत के बाद उसके खाली पड़े बेड को देखकर साथी छात्रों के चेहरों पर डर साफ नजर आ रहा। कक्षा छह का छात्र विपिन रात में नितिन की तबीयत बिगड़ने से लेकर उसकी मौत तक का घटनाक्रम बता रहा है। उसके अनुसार छटपटाते हुए नितिन तख्त से नीचे गिरा और हमेशा के लिए मौत की नींद सो गया।
विज्ञापन
7 of 12
दोनों छात्रों के बीमार होने की जानकारी देता विपिन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विपिन के मुताबिक रात में नितिन को उल्टी और पेट दर्द हुआ था। इसके बाद बड़े सर के साथ उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। कुछ देर बाद नितिन को वापस छात्रावास लाया गया। इस दौरान उसकी हालत ठीक नहीं थी। वह कभी ऐंठता तो कभी हाथ-पैर पटकता रहा। विपिन और उसके साथियों ने कई बार उससे पूछा लेकिन नितिन कुछ बोल नहीं पाया। उसने केवल पानी पिलाने का इशारा किया।
8 of 12
विद्यालय पहुंचे अरुण के परिजन, नाराजगी जताते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह भी बताया कि कुछ देर बाद नितिन अचानक छटपटाते हुए तख्त से नीचे गिर गया। साथी छात्रों ने उसे उठाकर दोबारा तख्त पर लिटाया। इसके बाद वह सो गया। बच्चों को तब यह अंदाजा नहीं था कि नितिन हमेशा के लिए सो गया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नितिन का छोटा भाई हर्ष भी वहीं मौजूद था। हर्ष कक्षा एक में पढ़ता है। दोनों भाई बीते वर्ष से विद्यालय में पढ़ रहे थे।
9 of 12
विद्यालय में बने कमरे में खाली पड़े तख्त
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को दिनभर जांच-पड़ताल के दौरान भी बच्चे डरे-सहमे नजर आए। वहीं बच्चों के इन बयानों के बाद विद्यालय में रात के समय बच्चों की निगरानी, उपचार और परिजनों को सूचना देने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
10 of 12
residential school in banda
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अरुण का भाई बोला, बड़े सर ने नहीं करने दिया फोन
कक्षा दो के छात्र अरुण की मौत के बाद उसके परिजन विद्यालय पहुंचे। उनके साथ अरुण का भाई उत्कर्ष भी था, जो इसी विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ता है। उत्कर्ष ने बताया कि रात में अरुण की हालत बिगड़ने पर वह उसके साथ था। उसने वार्डन से घर पर बात कराने के लिए कहा था लेकिन आरोप है कि बड़े सर ने फोन कराने से मना कर दिया।
11 of 12
छात्रों की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अरुण के परिजन ने किया हंगामा
रविवार को मेडिकल कॉलेज में अरुण का शव देखने के बाद परिजन का सब्र जवाब दे गया। इसके बाद वे सीधे विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने हंगामा काटा। उनका आरोप था कि आखिर क्यों उन्हें सही समय पर सूचना नहीं दी गई। उनके परिवार के कई सदस्य बांदा में ही रहते हैं, अगर समय पर उपचार मिल जाता तो उनके बेटे की जान बच जाती। हालांकि यहां उनके सवालों का जवाब देने के लिए कोई नहीं मिला।
छात्रों की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आवासीय विद्यालय में संदिग्ध हालात में दो बच्चों की मौत हुई है। दोनों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक