अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पर एक और नया खुलासा हुआ है। छांगुर के राष्ट्र विरोधी संगठनों से गहरे संबंध थे। दुबई, सऊदी अरब से जुड़े संदिग्ध संगठनों से संपर्क तलाशे जा रहे हैं। नेपाल में छांगुर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल में राज खुल सकते हैं।
अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर का गिरोह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी जुटा था। देश भर में अपने अवैध कारनामों का जाल बुना था। इसमें तीन हजार से अधिक लोगों को शामिल किया था। छांगुर के कई राज तो सामने आ चुके हैं, लेकिन उसके देश के संदिग्ध या प्रतिबंधित संस्थाओं से ताल्लुक की छानबीन हो रही है।
छांगुर ने दुबई, सऊदी, तुर्की जैसे देशों में अपनी पहुंच बनाई थी। इससे माना जा रहा है कि उसके सबंध उन संस्थाओं से भी रहे हैं कि जो देश में अशांति फैला रही हैं। देश में छांगुर का नाम सर्वाधिक धर्मांतरण कराने में दर्ज हो चुका है।
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छांगुर बाबा
- फोटो : एएनआई
छांगुर बाबा से पीड़ित कई जिलों में शिकायतें कर रहे हैं। कार्रवाई होने के बाद लोगों के हौसले बुलंद हुए हैं, जिससे छांगुर के करतूत और उनसे जुड़े लोगों का नाम उजागर हो रहा है।
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आरोपी छांगुर गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला।
छांगुर ने अपने मूल गांव रेहरामाफी में उतरौला के मधपुर में ठिकाना भी इसलिए ही बनाया था ताकि उससे मिलने वालों को लोगों की नजर से बचाया जा सके। जांच एजेसिंयों को मिलने वालों में ऐसे लोगों की जानकारी हुई जो धर्मांतरण को बढ़ावा देते हैं।
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छांगुर का घर
- फोटो : अमर उजाला।
अभिलेखों में संस्थाओं की पड़ताल
अब छांगुर के मधपुर स्थित आवास से मिले अभिलेखों में संस्थाओं की पड़ताल हो रही है। एजेंसियां अब उन संस्थाओं के संबंधों की कड़ियों के सहारे छांगुर के रिश्तों की पहचान करने में जुटी हैं।
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जमालुद्दीन उर्फ छांगुर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नेपाल में छांगुर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल
अभी तक केरल, चेन्नई, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में छांगुर के सहयोगियों की जानकारी मिली है। इसके साथ ही नेपाल में छांगुर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल हो रही है। इस जांच से कई राज भी खुलने की संभावना है।
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छांगुर व राजेश उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
जिले में अब तक आठ सहयोगी गिरफ्तार, बाकी की तलाश
धर्मांतरण मामले में अभी तक आठ की गिरफ्तारी जिले से हो चुकी है। इसके बाद भी अभी कई की गिरफ्तारी होनी है। एटीएस की नजर छांगुर के करीबियों व गुर्गाें पर टिकी है। उनकी लोकेशन की छानबीन हो रही है।
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बलरामपुर के मधपुर उतरौला में स्थित छांगुर का घर ईडी की टीम
- फोटो : संवाद
तलाशे जा रहे नागपुर के साथ ही गुजरात में पैठ के राज
छांगुर से जुड़े दस्तावेज के आधार पर ईडी ने महाराष्ट्र में दो ठिकानों पर बीते दिनों छापा मारा था। वहां जांच के बाद कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी हाथ लगे हैं। नागपुर में एक संस्था का पदाधिकारी बनकर छांगुर अफसरों पर रौब डालता था।
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बलरामपुर के मधपुर उतरौला में स्थित छांगुर का घर ईडी की टीम
- फोटो : एएनआई
उस संस्था के जिस पदाधिकारी ने छांगुर को यूपी में पदाधिकारी बनाया था, उसकी भी जांच हो रही है। नागपुर की संस्था के राष्ट्रीय महासचिव इदुल इस्लाम पर एटीएस की पहले से ही नजर है। इसके अलावा संस्था से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भी छानबीन हो रही है।
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बलरामपुर के मधपुर उतरौला में स्थित छांगुर का घर ईडी की टीम
- फोटो : एएनआई
बताया जा रहा है कि इदुल इस्लाम के अलावा भी छांगुर के कई पदाधिकारियों से संबंध थे। वह लोग छांगुर के जलसों में भी आते थे। इसके साथ ही गुजरात के एक कारोबारी से संबंध होने की बात सामने आई। इसने श्रावस्ती में मदरसा भी खोल रखा था।
ईडी ने छांगुर के आवास पर छापेमारी की।
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि संस्था से जुड़े लोग छांगुर जैसे लोगों को प्रश्रय देते रहे हैं। इससे विदेशी फंड मिलने के भी संकेत मिले हैं। फिलहाल अभी एटीएस के हाथ इदुल इस्लाम नहीं लग सका है।