स्कूल में भी घुसा पानी।
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गंगा नदी इस समय खतरा बिन्दु से 1.445 मीटर ऊपर बह रही है। यहां 2016 में उच्चतम स्तर 60.390 मीटर रिकार्ड किया गया था। नदी के बढ़ाव को देखकर रामगढ़ से लेकर नौरंगा तक के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, नौरंगा, भगवानपुर के लोगों में अपना आशियाना खोने का भय सताने लगा है।
50 गांवों की 60 हजार आबादी गंगा की बाढ़ से प्रभावित
बलिया-बैरिया क्षेत्र के बादिलपुर से लेकर टेंगरही, सतीघाट, भुसौला, नारदरा व गंगा नदी के दक्षिण दिशा में स्थित चक्की नौरंगा तक 50 गांव गंगा की विकराल बाढ़ और कटान से जूझने लगी है। जिसमें 60 हजार की आबादी त्राहि-त्राहि कर रही है। दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गई है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में 20 हजार पशुओं को हरे चारे का संकट बना हुआ है। चक्की नौरंगा व दूबे छपरा की बाढ़ चौकी सिर्फ कागजों में दौड़ रही है।