बहराइच में दो किशोरों की हत्या कर पत्नी और दो बच्चियों के साथ किसान ने आत्मदाह कर जान दे दी। छह मौतों से निंदुरपुरवा टेपरहा गांव दहल उठा। लहसुन की बोआई से इनकार करने पर हत्या का आरोप है।
बहराइच के घटनाक्रम में छह अहम सवाल अनसुलझे रह गए हैं। इससे दो हत्या और चार की आत्महत्या की गुत्थी उलझ कर रह गई है। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उधर, दो नाबालिग बच्चों का तीसरा साथी और चश्मदीद ने पूरी कहानी बताई है कि असल में हुआ क्या था? किशन के अनुसार, सूरज और सनी ने काम करने से मना किया। इस कारण उनकी विजय से कहासुनी हुई थी। करीब आठ बजे विजय ने किशन को लकड़ी काटने घर से बाहर भेज दिया। लौटने पर किशन ने देखा कि घर के बाहर भीड़ जमा है। सूरज व सनी के लहूलुहान शव आंगन में पड़े हैं।
किसान ने की दो किशोरों की हत्या, पत्नी और दो बच्चियों संग दी जान
दरअसल, बहराइच में लहसुन की बोआई से इनकार करने पर निंदुरपुरवा टेपरहा गांव निवासी किसान विजय कुमार मौर्य ने बुधवार सुबह दो किशोरों की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को परिवार सहित कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाकर दरवाजा तोड़ा तो भीतर विजय कुमार (45), पत्नी धीरज कुमारी (30), पुत्री प्रियांशी (8) और रियांशी (6) का जला हुआ शव मिला।
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शवों को लेकर जाती पुलिस और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामगांव पुलिस ने विजय के भाई मनोज और अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। दोनों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व सड़क हादसे में इकलौते पुत्र की मौत के बाद से विजय की मानसिक स्थिति सही नहीं थी। वह आए दिन पत्नी व बच्चियों से भी मारपीट करता था। पुलिस के अनुसार विजय मूलरूप से बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया का रहने वाला था।
लहसुन की बोआई के लिए गांव के तीन बच्चों को बुलाया
22 वर्ष पूर्व यहां आकर करीब पांच एकड़ जमीन खरीद कर खेती शुरू की। गांव के अन्य लोगों की जमीन भी बटाई पर ली थी। उसके दोनों भाई भी यहीं अलग मकान बनाकर रहते हैं। बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोआई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14), सनी वर्मा (13) और किशन यादव (15) को घर बुलाया। सूरज और सनी ने महानवमी होने के कारण काम करने से इनकार कर दिया।
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दो किशोरों की हत्या और परिवार को आग लगाकर मारने के के मामले की जांच करते आईजी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिलिंडर से लगाई आग
नोकझोंक के बीच विजय ने किशन को लकड़ी काटने के लिए घर से बाहर भेज दिया। सूरज और सनी से गुस्साए विजय ने घर के आंगन में धारदार से वार कर दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद मवेशियों व खुद को पूरे परिवार के साथ कमरे में बंद कर रसोई गैस सिलिंडर की मदद से आग लगा ली।
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दो किशोरों की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आग भड़कने पर पूरा परिवार चीखने लगा। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े, लेकिन आंगन में लहूलुहान सूरज और सनी के शवों को देखकर सभी के होश उड़ गए। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड और रामगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह दरवाजा तोड़कर आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भीतर बंद पूरे परिवार और मवेशियों की मौत हो चुकी थी।
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मृतक सूरज यादव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनसुलझे सवालों से घटना का राज गहराया
सवाल 1 सूरज और सनी को काम करने के लिए बुलाया फिर उनकी हत्या क्यों की ?
सवाल 2: खुद के साथ पूरे परिवार को जलाने से पहले गृहस्थी और ट्रैक्टर में आग क्यों लगाई ?
सवाल 3 सूरज और सनी की लाश के पास मिले सिंदूर और अक्षत को किस काम में प्रयोग किया गया ?
सवाल 4 कमरे में बंद करने के दौरान क्या विजय के परिवार ने विरोध नहीं जताया ?
सवाल 5 एक साथ विजय ने कैसे दो किशोरों की हत्या की? क्या किसी ने उसकी मदद की?
सवाल 6: जब विजय ने सूरज और सनी पर वार किया तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं जताया ?
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घटना के बाद मौके पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कब क्या हुआ
सुबह 8:30 बजे : विजय मौर्य के घर से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
8:40 बजे: घर के आंगन में सूरज और सनी की लाश देखकर ग्रामीण उल्टे पांव लौटे।
9:30 बजेः अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची।
9:40 बजे : गंभीरवा चौकी और रामगांव पुलिस मौके पर पहुंची।
11:00 बजे : उप जिलाधिकारी सदर पूजा चौधरी गांव पहुंचीं। रामगांव पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया।
दोपहर 12:30 बजे: आग बुझाने के बाद कमरे भीतर से जले हुए चार शव निकाले गए।
1:30 बजे: पुलिस अधीक्षक आरएन सिंह घटनास्थल पर पहुंचे।
1:40 बजे: फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए।
2:45 बजे: आईजी अमित पाठक ने घटनास्थल का मुआयना किया।
शाम 5:30 बजे : गांव में पीएसी पहुंची। पुलिस टीम भी तैनात।
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं
मौके पर पहुंचे आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक ने बताया कि परिवार सहित आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं। सूरज और सनी की धारदार हथियार से हत्या की गई है। इसके बाद विजय कुमार ने कमरे के अंदर परिवार व मवेशियों को बंद कर आग लगा ली।
घर में लगाई गई आग को बुझाते दमकलकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है। घर के आंगन में मौजूद ट्रैक्टर व गृहस्थी के अन्य सामान भी जले मिले हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि विजय ने हत्या के बाद गृहस्थी और ट्रैक्टर में आग लगाई और फिर मवेशियों व परिजनों को घर के अंदर बंद कर खुद भी जान दे दी। घटना प्री प्लान लग रही है।