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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: इस तरह गंडारा में तैयार हो गया लॉरेंस बिश्नोई गैंग, पढ़ें आरोपियों का कच्चा चिट्ठा

Tue, 12 Nov 2024 01:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

मुंबई में बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद से कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र का गंडारा चर्चा में आया। हालांकि परिजन पकड़े गए आरोपी धर्मराज के भाई अनुराग पर शिवा और उसके साथियों को फंसाने का आरोप लगा रहे हैं।
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: पढ़ें आरोपियों का कच्चा चिट्ठा - फोटो : अमर उजाला
मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य शूटर शिवा व उसके चार साथी आपस में अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। जिस तरह से गंडारा गांव के पांच युवक लॉरेंस गैंग के झांसे में आकर इस मामले में फंसे हैं। उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं इस गांव में लॉरेंस बिश्नोई का पूरा गिरोह तो नहीं तैयार हो गया है।

मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ स्थानीय पुलिस व एसटीएफ की टीम यहां पर अभी भी नजर बनाए हुए है। वहीं इनमें से तीन आरोपियों के खिलाफ पहले से छेड़छाड़ का केस दर्ज होने की भी बात सामने आई है। जबकि इन सभी को फंसाने के पीछे इनके परिजन अनुराग को ही मुख्य जिम्मेदार मान रहे हैं। 
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आरोपी के सहयोगी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी का मकान। - फोटो : संवाद
बातचीत में परिजनों ने बताया कि अनुराग को मुंबई पुलिस ने पहले पकड़ने के बाद छोड़ा था। इसके बाद अनुराग शिवा व उसके सहयोगियों को फंसाने का प्लान बना रहा था। अनुराग पर पुलिस की मदद का भी आरोप लग रहा है। हालांकि पुलिस ने अनुराग पर भी कार्रवाई की है।

क्राइम ब्रांच व एसटीएफ की संयुक्त टीम रविवार को हत्यारोपी मुख्य शूटर शिवकुमार उर्फ शिवा को नानपारा तहसील के हांड़ा बसेहरी गांव के पास से चार अन्य साथियों समेत गिरफ्तार कर अपने साथ मुंबई ले गई है। पकड़े गए सभी आरोपी कैसरगंज तहसील के गंडारा गांव निवासी अनुराग, ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, अखिलेश प्रताप सिंह, आकाश श्रीवास्तव है। इनमें से अनुराग इस मामले में पहले ही पकड़े गए धर्मराज कश्यप का भाई है।
 
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मुख्य आरोपी शिव कुमार गौतम उर्फ शिवा का मकान। - फोटो : संवाद

मजदूरी ही पेट पालने का सहारा

मुख्य शूटर शिवकुमार उर्फ शिवा गौतम की मां सुमन ने बताया बेटा होली के चार दिन बाद पुणे कमाने के लिए निकला था और पिछले तीन वर्ष से वहीं रहकर रोजगार कर रहा था। पुणे में वह वह गांव निवासी हरीश नाम के युवक के माध्यम से कबाड़ का काम करता था। तीन भाई व तीन बहनों में दूसरे नंबर का है। गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में पांचवीं तक पढ़ाई की है। 

पिता बालकिशन मजदूरी करते हैं। अनुराग कश्यप की मां कुसमा ने बताया पति राधेश्याम मछली बेचकर परिवार का भरण पोषण करते थे। चार वर्ष पहले कम दिखने के चलते काम छोड़ दिया था। पांच भाई व एक बहन है। घटना वाले दिन ही पुलिस ने उनके छोटे बेटे धर्मराज कश्यप को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया था।
 

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हत्या के मुख्य आरोपी धर्मराज का मकान। - फोटो : संवाद

आकाश पढ़ाई, अखिलेश दुकान तो ज्ञानप्रकाश कर रहा था नौकरी

इस मामले में शिवा के मददगार के रूप में पकड़े गए आकाश श्रीवास्तव की मां गीता के अनुसार बेटा गोंडा स्थित कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर से कर रहा था और साथ में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। रात आठ बजे गिरफ्तार होने की जानकारी हुई। तीन भाईयों में सबसे छोटा है। 

पिता खेतीबारी करते है। वहीं अखिलेश प्रताप सिंह की गंडारा गांव में कपड़े की दुकान है। मां रानी सिंह एएनएम है। इसी तरह ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के मोबाइल की दुकान पर काम करने और पिता प्रदीप कुमार पंडिताई कर परिवार का भरण पोषण करते है। अखिलेश व ज्ञान प्रकाश के घर पर ताला पड़ा मिला।
 
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मुख्य आरोपी के सहयोगी अखिलेंद्र प्रताप सिंह का मकान। - फोटो : संवाद

पांच दिन पहले अनुराग घर से कपड़ा लेने की बात बोलकर निकला था

अनुराग के परिजनों के अनुसार वह पांच दिन पहले किसी सेठ के साथ कपड़ा लेने की बात कहकर घर से गया था। अन्य पकड़े गए युवकों के परिजनों ने अनुराग पर ही उनके बेटों को फंसाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों की चर्चा के अनुसार पकड़े गए सभी युवक अक्सर साथ में ही घूमते नजर आते थे, लेकिन उनकी हरकतों से कभी कोई ऐसा शक नहीं हुआ कि खतरनाक गैंग के संपर्क में होंगे और शूटर बन हत्या कर देंगे।
 
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मुख्य शूटर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

अनुराग को पहले भी उठा चुकी थी टीम

धर्मराज कश्यप के भाई अनुराग कश्यप और गांव निवासी हरीश को मुंबई क्राइम ब्रांच ने घटना के कुछ दिनों बाद पूछताछ के लिए उठाया था। हरीश को अपने साथ ले गई थी और अनुराग को सकुशल घर छोड़ दिया था। ग्रामीणों की चर्चा के अनुसार गांव निवासी युवकों की हत्या में संलिप्तता के बाद गांव के सात युवकों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस विभाग की खूफिया टीमें अभी भी गांव के युवकों की गतिविधियों पर गुपचुप तरीके से नजर बनाए हुए है। कुछ अनजान लोग भी गांव के आसपास देखे जा रहे है।
 
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बहराइच में एटीएस ने आरोपियों को उठाया - फोटो : संवाद

पकड़े गए मददगारों पर छेड़खानी का दर्ज है मुकदमा

पकड़े गए अखिलेश सिंह, आकाश और ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी पर ताजिया जुलूस के दौरान किशोरी से छेड़छाड़ के मुकदमे की जानकारी कैसरगंज पुलिस से मिली है। जिसकी जांच अभी भी जारी है। ग्रामीणों के अनुसार पकड़े गए शूटर शिवकुमार गौतम समेत सभी आरोपियों के घर गांव में पांच सौ मीटर के दायरे में ही है। बचपन से ही सभी एक-दूसरे को जानते हैं।
 

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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच - फोटो : अमर उजाला

नेपाल में था शिवा, दोस्ती में चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

पुलिस व ग्रामीणों की माने तो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में फरार चल रहा शूटर मुंबई से आने के बाद अपने गांव के रास्ते नेपाल चला गया था। नेपाल से ही वह अपने साथियों व परिजनों से फोन पर बात भी करता था। इस बात का एसटीएफ व मुंबई क्राइम ब्रांच को भी पता लग गया था। इसी के चलते इस मामले में पहले पकड़े गए अनुराग कश्यप को छोड़कर पुलिस ने जाल बिछाया। 
 
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
सूत्रों की मानें तो अनुराग ने ही शिवा को नेपाल से यहां बुलाया और फिर उससे दिल्ली या अन्य कहीं जाकर रहने व काम करने की बात कही गई। इस दौरान शिवा अपने अन्य साथियों से भी बात करता रहा, लेकिन दोस्ती के झांसे में आकर वह नेपाल से आ गया और फिर दिल्ली जाने की तैयार में लग गया। सूत्र बताते है कि एसटीएफ व मुंबई पुलिस इस पर पूरी नजर बनाए थी व जैसे ही सही मौका मिला सभी आरोपियों को दबोच लिया गया है। अब इनके और सदस्य है या नहीं इस बारे में भी कोई पुलिस अफसर कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
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