बागपत जिले के मलकपुर शुगर मिल में बड़ा हादसा हुआ। ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में गैस लीक हो गई। इससे गार्ड की मौत हो गई, जबकि पांच कर्मचारी बेहोश हो गए। सिक्योरिटी गार्ड की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया।
यूपी के बागपत जिले के बड़ौत के मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में मंगलवार शाम गैस लीक होने से दम घुटकर सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा (60) निवासी गुराना मार्ग बड़ौत की मौत हो गई। सुरेश को बचाने गए पांच मजदूर प्रदीप, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक बेहोश हो गए। 30 से अधिक मजदूरों ने भागकर जान बचाई।
हादसा होने के बाद अफरा तफरी मचने पर अन्य मजदूर वहां से निकलकर भाग गए। तीन मजदूरों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हामिद और साकिब को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि शहर के गुराना मार्ग निवासी सुरेश शर्मा दो माह पहले मलकपुर शुगर मिल में सिक्योरिटी गार्ड भर्ती हुए थे। मंगलवार शाम सुरेश मिल के ईटीपी पर ड्यूटी कर रहे थे। वह ईटीपी की लाइट जलाने चले गए तो लाइट जलाते ही वहीं पर गिर गए।
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मृतक सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पास में काम कर रहे प्रदीप शर्मा निवासी खिरनी मोहल्ला बड़ौत, साकिब व हामिद निवासी मोदीनगर, अमरनाथ पांडेय व दीपक दौड़कर सुरेश शर्मा को उठाने गए लेकिन वह भी बेहोश हो गए। साथी मजदूर अपने मुंह पर कपड़ा बांधकर गए और बेहोश हुए मजदूरों को खींचकर बाहर ले आए। इसके बाद चारों को सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुरेश शर्मा को मृत बता दिया। हामिद व साकिब की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया। सुरेश के परिजनों ने मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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अस्पताल में भर्ती कर्मचारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, तहसीलदार श्वेताभ व अन्य अधिकारियों ने सीएचसी पहुंचकर जानकारी हासिल की। बताया गया कि मिल के ईटीपी में मीथेन, कार्बन-डाई-ऑक्साइड हाईड्रोजन सल्फाइड गैस होती है। इन गैसों की अधिकता खतरनाक होती है, जो जान ले सकती है। एसपी के अनुसार घटना की जांच कराई जा रही है और कार्रवाई की जाएगी।
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मलकपुर शुगर मिल में बड़ा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरेश को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगाते रहे मजदूर
बागपत के बड़ौत मलकपुर शुगर मिल का पेराई सत्र एक अप्रैल को खत्म हो गया था मगर अभी वहां काम चल रहा था। ईटीपी में लाइट जलाने के बाद गिरे सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा की जिंदगी बचाने के लिए साथी मजदूरों ने अपनी जिंदगी भी दांव पर लगा दी। वह सुरेश को बचाने के लिए प्लांट में जाते रहे और बेहोश होकर गिरते रहे। इसके बाद अन्य मजदूरों ने हिम्मत जुटाकर चेहरों पर कपड़े लपेटकर चारों को किसी तरह बाहर निकाला, जिससे पांच मजदूरों की जान बचाई जा सकी।
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मलकपुर शुगर मिल में बड़ा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मलकपुर मिल बंद होने के कारण मंगलवार शाम सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा के अलावा करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। शाम होने पर अंधेरा छा गया और सुरेश शर्मा ईटीपी में लाइट जलाने के लिए चले गए। मजदूर संजय, विकास ने बताया कि लाइट जलाते ही सुरेश शर्मा को गैस लीक होने की वजह से घुटन महसूस हुई तो उन्होंने एक बार चिल्लाकर भागने का प्रयास भी किया। चीख सुनकर सभी उस तरफ देखने लगे तो सुरेश दो-तीन कदम ही चल पाए और प्लांट के अंदर ही गिर गए।
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मलकपुर शुगर मिल में बड़ा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाहर काम कर रहे मजदूरों ने उन्हें देखते ही शोर मचा दिया। इसके बाद प्रदीप शर्मा, हामिद, साकिब, अमरनाथ व दीपक दौड़कर वहां पहुंच गए और गैस लीक होने की वजह से वे भी बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। कुछ मजदूरों ने हिम्मत जुटाई और मुंह पर कपड़े लपेटकर प्लांट के अंदर घुस गए। उन्होंने सुरेश समेत छह को उठाने का प्रयास भी किया लेकिन बाद में खींचते हुए बाहर लेकर आए।
मलकपुर शुगर मिल में बड़ा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ईटीपी में रहती हैं तीन गैस
मिल में संचालित ईटीपी में रसायन युक्त पानी को साफ किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा तीन गैस होती हैं। सबसे ज्यादा 50 से 60 फीसदी मीथेन, 30-35 फीसदी कार्बन डाइऑक्साइड और बाकी हाइड्रोजन सल्फाइड गैस उत्पन्न होती है। इन गैस से दम घुटकर मौत हो जाती है।