बागपत दोहरा हत्याकांड, इसरार अंकित हत्याकांड
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सामान लेकर दोबारा डेरे में पहुंचा था
ग्रामीण विकास के अनुसार डेरे से निकाले जाने के कुछ दिन बाद नरेशनाथ अपने कुछ साथियों के साथ गाड़ी लेकर वहां पहुंचा। उसने अपना सामान तो उठाया ही, साथ में डेरे में लगे पंखे, लोहे का सामान, बर्तन और भंडारे का सामान भी ले गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वह कोठरी की चौखट उखाड़ने का प्रयास भी कर रहा था, लेकिन विरोध होने पर ऐसा नहीं कर सका।
इसके बाद नरेशनाथ लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर में रहने लगा। पुलिस के अनुसार इसी परिसर में 25 जुलाई को उसने उज्ज्वल समेत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अंकित और इसरार को नशीली गोलियां खिलाकर बेहोश किया और जहर का इंजेक्शन लगाने के बाद गड्ढे में दबा दिया। अब पुलिस उसके पुराने ठिकानों और वहां की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।