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Baghpat Big Case: मां-बेटियों की मौत के मामले का बड़ा सच, पुलिस ने 20 दिन में नौ बार दी थी दबिश, अब गांव में पसरा है सन्नाटा

Sat, 28 May 2022 07:29 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
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मां-बेटियों की मौत से गांव में मातम। - फोटो : amar ujala
बागपत जनपद में छपरौली के बाछौड़ गांव में मां और दो बेटी की मौत के मामले में दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस की दबिश से आहत होकर महिला गीता और उसकी दो बेटियों स्वाति व प्रीति ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया था, जिससे तीनों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं जांच में सामने आया है कि पुलिस ने 20 दिन में नौ बार दबिश दी।

इस मामले में दरोगा नरेशपाल को निलंबित किया गया है। एसपी नीरज कुमार जादौन ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। इसमें क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर किरणपाल सिंह व अंजु तेवतिया को शामिल गया है।
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बागपत में महिला और दो बेटियों की मौत का मामला। - फोटो : amar ujala
एएसपी मनीष कुमार मिश्र के निर्देशन में एसआईटी ने शुक्रवार को गांव में लोगों के बयान लिए। इसमें दरोगा की लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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परिजनों व ग्रामीणों ने किया जमकर हंगामाष - फोटो : amar ujala
एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर किरणपाल सिंह ने शुक्रवार को बाछौड़ गांव में पहुंचकर जांच की। वह पीड़ित परिवार के घर गए और परिजनों व पड़ोस के लोगों से घटना के बारे में बातचीत की। लोगों ने बताया कि मां-बेटियों ने पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने करीब 20 दिन में नौ बार दबिश दी।

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हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि पुलिस दबिश देने के लिए भी रात को आती थी। महिला व बेटियों के साथ अभद्रता करती थी। एसआई नरेशपाल पर भी लोगों ने खूब आरोप लगाए। इंस्पेक्टर किरणपाल सिंह ने बताया कि गांव में अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। 
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ग्रामीणों में भारी आक्रोश - फोटो : amar ujala
यह था मामला
बाछौड़ गांव निवासी प्रिंस पुत्र महक सिंह करीब 15 दिन पहले गांव की ही युवती को लेकर चला गया था। 24 मई को पुलिस युवती के परिजनों के साथ छत के रास्ते प्रिंस के घर में घुसी। उस समय घर पर महिला गीता और उसकी दो बेटियां स्वाति व प्रीति ही थी। आरोप है कि पुलिस की अभद्रता से आहत होकर तीनों ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। स्वाति ने उसी दिन दम तोड़ दिया था, जबकि गीता और प्रीति की गुरुवार को मौत हो गई थी।
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मामले की जानकारी देता पीड़ित व्यक्ति। - फोटो : amar ujala
गांव में तीन मौत के बाद पसरा सन्नाटा
महिला और दो बेटियों की मौत के बाद बाछौड़ गांव में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार ही नहीं, बल्कि गांव के सभी लोग गमगीन है। गांव की गलियों में जहां पहले खूब चहल-पहल होती थी, अब वह सूनी पड़ी है। शुक्रवार को भी लोग केवल अपने जरूरी काम के लिए ही बाहर गए। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएससी बल तैनात है। लोगों ने पीड़ित महक सिंह को सांत्वना दी।
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बागपत में मां और दो बेटी की मौत का मामला। - फोटो : amar ujala
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष
गांव में तीन मौत के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित के साथ-साथ अन्य लोगों में भी रोष है। उनका कहना है कि जिन्होंने मां-बेटियों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया, पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। पीड़ित महक सिंह ने मुकदमे में नामजद सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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