बागपत में शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अव्यवस्था हावी है। सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मी अपनी समस्याएं लेकर पहले पहुंच जाते हैं और अधिकारी व कर्मचारी देरी से पहुंचते हैं। हालात यह है कि बीएसए व डीआईओएस कार्यालय में कई कक्ष पर सुबह दस बजे के बाद तक ताला लटका रहता है। अगर कोई कर्मी समय पर पहुंचते हैं तो वह अपनी सीट पर नहीं बैठते हैं। इससे कार्यालयों में समस्या के समाधान के लिए आने वालों को इंतजार करना पड़ता है तो उनको खूब चक्कर भी कटाए जाते हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने बीएसए कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की पड़ताल की। कार्यालय में कुछ कर्मचारी उपस्थित मिले तो कुछ कार्यालय में ताला लटका मिला। समय से पहुंचने वाले कर्मचारी अपनी सीट पर बैठने की जगह इधर-उधर घूमते मिले।
सुबह 10 बजकर 5 मिनट: बीएसए कार्यालय
बीएसए कार्यालय में स्टेनो कक्ष, वरिष्ठ सहायक के कक्ष पर ताला लटका हुआ था। लेखाकार पहुंचे जरूर थे, लेकिन उनका कार्यालय खाली पड़ा था और वह गेट पर खड़े थे। कार्यालय में एक लिपिक विकास अपनी सीट पर कार्य करता हुआ मिला। वित्त एवं लेखाधिकारी का कार्यालय बंद मिला तो बीएसए का कार्यालय खोला जरूर गया, लेकिन कुर्सी खाली मिली। कर्मचारियों ने दावा किया कि कुछ देर में वित्त एवं लेखाधिकारी व बीएसए आने वाले हैं। दस बजकर दस मिनट पर कार्यालय पहुंचे स्टेनो सतबीर का अजीब तर्क था कि आने में दस-पांच मिनट की देरी हो जाती है।