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अमर उजाला लाइव: खाली कुर्सी खोल रही अफसरों की पोल, तस्वीरों में देखें यूपी के सरकारी दफ्तरों का हाल

Thu, 26 Aug 2021 01:21 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
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सरकारी दफ्तर में समय पर नहीं पहुंचे अधिकारी - फोटो : amar ujala
बागपत में शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अव्यवस्था हावी है। सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मी अपनी समस्याएं लेकर पहले पहुंच जाते हैं और अधिकारी व कर्मचारी देरी से पहुंचते हैं। हालात यह है कि बीएसए व डीआईओएस कार्यालय में कई कक्ष पर सुबह दस बजे के बाद तक ताला लटका रहता है। अगर कोई कर्मी समय पर पहुंचते हैं तो वह अपनी सीट पर नहीं बैठते हैं। इससे कार्यालयों में समस्या के समाधान के लिए आने वालों को इंतजार करना पड़ता है तो उनको खूब चक्कर भी कटाए जाते हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने बीएसए कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की पड़ताल की। कार्यालय में कुछ कर्मचारी उपस्थित मिले तो कुछ कार्यालय में ताला लटका मिला। समय से पहुंचने वाले कर्मचारी अपनी सीट पर बैठने की जगह इधर-उधर घूमते मिले। 

सुबह 10 बजकर 5 मिनट: बीएसए कार्यालय 
बीएसए कार्यालय में स्टेनो कक्ष, वरिष्ठ सहायक के कक्ष पर ताला लटका हुआ था। लेखाकार पहुंचे जरूर थे, लेकिन उनका कार्यालय खाली पड़ा था और वह गेट पर खड़े थे। कार्यालय में एक लिपिक विकास अपनी सीट पर कार्य करता हुआ मिला। वित्त एवं लेखाधिकारी का कार्यालय बंद मिला तो बीएसए का कार्यालय खोला जरूर गया, लेकिन कुर्सी खाली मिली। कर्मचारियों ने दावा किया कि कुछ देर में वित्त एवं लेखाधिकारी व बीएसए आने वाले हैं। दस बजकर दस मिनट पर कार्यालय पहुंचे स्टेनो सतबीर का अजीब तर्क था कि आने में दस-पांच मिनट की देरी हो जाती है।
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बागपत में बीएसए कार्यालय। - फोटो : amar ujala
दस बजकर सात मिनट : जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय 
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वित्त एवं लेखाधिकारी और वरिष्ठ सहायक संजीव सिरोही, कंप्यूटर ऑपरेटर जसविंद्र सिंह का कार्यालय बंद मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक का कार्यालय खुला मिला, लेकिन कुर्सी खाली पड़ी थी। कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार को पीईटी की परीक्षा के कारण देर रात तक कार्य चला। इसके कारण जिला विद्यालय निरीक्षक अभी तक कार्यालय नहीं पहुंच पाए है। 
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सरकारी दफ्तर पर ताला लटका मिला। - फोटो : amar ujala
लोगों को उठानी पड़ती है परेशानी 
अधिकारी को सुबह दस बजे से 12 बजे तक कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए बैठने का शासन का आदेश है, जिससे उनकी समस्याओं का निस्तारण हो सके। मगर बुधवार को बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षण कार्यालय में सुबह दस बजकर 40 मिनट तक भी बीएसए और डीआईओएस कार्यालय नहीं पहुंचे, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। जिविनि कार्यालय पहुंचे खेड़ा हटाना के सेवानिवृत्त शिक्षक का कहना था कि उनका तीन माह का एरियर रुका हुआ है और वह छह माह से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कार्यालय में कभी अधिकारी तो कभी कर्मचारी न मिलने के कारण कार्य अटका पड़ा है। सुल्तानपुर हटाना का मोहित बुधवार को प्रवेश के लिए काउंटर हस्ताक्षर कराने के लिए कार्यालय पहुंचा, मगर जिला विद्यालय निरीक्षक के नहीं मिलने पर वह वापस लौट गया। 

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सरकारी कार्यालय पर लटका मिला ताला। - फोटो : amar ujala
मेरी थोड़ी तबीयत खराब थी। इसलिए बुधवार को देरी से कार्यालय पहुंचा। मैं हमेशा कार्यालय में समय पर पहुंचता हूं। - राघवेंद्र सिंह, बीएसए।
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दफ्तर में समय पर नहीं पहुंच रहे अधिकारी। - फोटो : amar ujala
मंगलवार को पीईटी की परीक्षा होने के कारण कार्यालय में देर रात तक कार्य करते रहे। इसलिए ही कार्यालय में पहुंचने में देरी हुई है। हमारे यहां समस्याओं का समय पर निस्तारण किया जाता है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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