निरहुआ और धर्मेंद्र यादव
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साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मोदी-योगी लहर होने के बाद भी आजमगढ़ की 10 विधानसभा सीटों में से एक पर भी भाजपा को जीत नहीं मिली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि करहल से विधायक बनने के बाद अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की संसदीय सीट रहे जिस आजमगढ़ से संसद सदस्यता छोड़ी है, उस पर उनके भाई धर्मेंद्र आसानी से जीत जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सपा के गढ़ को भाजपा ने भेद दिया।