राम मंदिर में सीताराम का राजसी ठाठ-बाट देखते ही बन रहा है। सोने-चांदी के आभूषणों से सज्जित कर विशेष भोग अर्पित किया गया। सात फीट ऊंचे स्वर्ण जड़ित सिंहासन पर विराजित किया गया है।
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राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूजन के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य
- फोटो : सूचना विभाग
दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे च जनकात्मजा। पुरतो मारुतिर्यस्य तं वन्दे रघुनन्दनम।... जिसके दाहिने लक्ष्मण हैं, बाएं जनकनंदिनी सीता हैं और जिसके सम्मुख पवन पुत्र हनुमान हैं, मैं उन रघुकुलनंदन श्रीराम को नमस्कार करता हूं। ये पंक्तियां राम दरबार की भव्यता दर्शाती हैं।
सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणं, आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर दूषण...वहीं राजाराम के स्वरूप को दर्शाती ये पंक्तियां राम दरबार के दर्शन कर मूर्त रूप लेने लगती हैं। प्राण प्रतिष्ठा के दिन सीताराम पूरे ठाठ-बाट से मंदिर में प्रतिष्ठित हुए।
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राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूजन के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य
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राजा राम ने माता सीता के साथ जब मंदिर में पहला दर्शन दिया तो उनकी छवि अलौकिक थी। सोना, चांदी, हीरा, मोती आदि आभूषणों से सज्जित राम दरबार की मूर्तियां भक्तों को सम्मोहित कर रही थीं। राम दरबार की मूर्ति का निर्माण संगमरमर की सफेद शिला पर किया गया है, जो अत्यंत आकर्षक नजर आता है।
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प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सजा रामलला का भव्य दरबार
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नख से ललाट तक सीता राम जवाहरातों से सजे हुए हैं। सीताराम ने सिर पर मुकुट धारण किया है। अन्य मूर्तियों के भी सिर पर मुकुट हैं। मुकुट में माणिक्य, पन्ना, और हीरे लगे हैं। देव विग्रहों के कानों में सोने का कुंडल धारण कराया गया है।
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राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूजन के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य
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भगवान श्रीराम के ललाट पर मंगल तिलक है, माता सीता के ललाट पर चांदी की बिंदी है। सीताराम के कमर में रत्न जड़ित करधनी है। दोनों हाथों में कंगन है। बाएं हाथ में चांदी व सोने से निर्मित धनुष श्रीराम ने धारण कर रखा है। साथ ही तुरीण भी हैं। माता सीता के पैरों में सोने की पायल है। भगवान श्रीराम के पैरोंं में सोने का कड़ा है। हाथ में कमल पुष्प लिए हुए हैं। गले में सीताराम ने सोने-चांदी व अन्य आभूषण से निर्मित हार धारण कर रखा है। जिस सिंहासन पर राम दरबार विराजित हैं, वह भी स्वर्ण जड़ित है, ऊंचाई सात फीट है।
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राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूजन के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य
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योगी की ओर से अर्पित किया गया विशेष भोग
राजा राम के विराजित होने के बाद उन्हें विशेष भोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अर्पित किया गया। इसमें कई प्रकार के फल, मिष्ठान, ड्राई फ्रूटस, आम का पना आदि शामिल रहा। मूर्तियों के लिए विशेष वस्त्र भी निर्मित कराए गए हैं। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र सहित करीब पांच सौ लोग इस समारोह के साक्षी बने।
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राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूजन के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य
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मुख्यमंत्री ने श्रमिकों व कारीगरों के साथ किया भोजन
मुख्यमंत्री का जन्मदिन भी राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से मनाया गया। इसके लिए विशेष तौर पर 51 किलो का लड्डू बनवाया गया। बाद में यह लड्डू प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं को भी बांटा गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने सीएम योगी को अंगवस्त्र व साफा पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर में लगे श्रमिकों, कारीगरों के साथ सेल्फी ली। परिसर में ही साधु-संतों व श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने भोजन भी किया।
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प्राण प्रतिष्ठा के दौरान दंड वत्त प्रणाम करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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गर्भगृह में उत्सव मूर्तियां भी हुईं प्रतिष्ठित
राम दरबार का सिंहासन तीन लेयर में निर्मित है। एक लेयर पर आरती व पूजा के सामान रखे जाएंगे। दूसरी लेयर पर राम दरबार की उत्सव मूर्ति विराजित की गई। इसे चल प्रतिमा के रूप में स्थापित किया गया है। राम दरबार का मुख्य विग्रह अचल मूर्ति के रूप में स्थापित है। उत्सव, पर्व के दौरान चल मूर्ति को गर्भगृह से बाहर निकाला जा सकेगा। उत्सव मूर्तियों की ऊंचाई लगभग छह इंच है।
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प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सजा रामलला का भव्य दरबार
- फोटो : amar ujala
एक दिन पहले हो गई थी नेत्रोमिलन की प्रक्रिया
प्राण प्रतिष्ठा के क्रम में नेत्रोमिलन की प्रक्रिया बुधवार को ही संपन्न करा दी गई थी। पहले तय था कि यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, लेकिन इसमें बदलाव करते हुए बुधवार को मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने सभी देव विग्रहों के आंखों की पट्टी खोली और राम दरबार का भी आवरण हटाया। उन्होंने ही देव विग्रहों को आइना दिखाया। भगवान ने पहली बार अपनी सूरत देखी। इसे ही नेत्रोमिलन कहा जाता है। इसके बाद आंखों में काजल लगाया गया।
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अयोध्या में मां सरयू का पूजन करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
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सभी आठ मंदिरों में पूजन-अर्चन का क्रम शुरू
राम मंदिर समेत अब सभी मंदिरों में पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हो गया है। इसके लिए छह नए पुजारियों को लगाया गया है। राम मंदिर में अब पुजारियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। 14 पुजारी रामलला समेत कुबेर टीला व अस्थायी मंदिर में विराजित हनुमान जी की पूजा-अर्चना के लिए लगाए गए थे। छह नए पुजारी राम दरबार में पूजा-अर्चना करेंगे। जल्द ही सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए नया रोस्टर लागू किया जाएगा।
रामलला के दरबार में सीएम योगी।
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इन मंदिरों में हुई प्राण प्रतिष्ठा
श्रीराम दरबार और शेषावतार के साथ परकोटा के छह मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा हुई है। परकोटा के ईशान कोण पर स्थित शिव मंदिर, अग्निकोण में गणेश, दक्षिणी भुजा के मध्य में हनुमान मंदिर, नैऋत्य कोण में सूर्य, वायव्य कोण में मां भगवती के साथ परकोटा की उत्तरी भुजा के मध्य में अन्नपूर्णा माता प्रतिष्ठित हुई हैं।