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- फोटो : प्रयागराज
इसके विपरीत हमारे पड़ोसी देशों में यह पंथ निरपेक्षता नहीं है। इसीलिए वहां लोकतंत्र खतरे में है। देश और नागरिकता में पंथ को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से धैर्य के साथ आंदोलन जारी रखने की अपील की। कहा कि सम्मान जल्द मिलेगा। इरशाद उल्ला, सै.मो.अस्करी, सबीहा मोहानी, सायरा, अहमद, जीशान रफत, नेहा यादव, शोएब अंसारी, सै.मो.साहब, अकीलुर्रहमान आदि धरने में शामिल हुए और संबोधित किया।