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यूपी में ट्रिपल मर्डर: सन्नाटे में था घर, 20 मिनट तक गूंजती रहीं चीखें, फिर खामोश हो गया परिवार; पूरी कहानी

Wed, 17 Jun 2026 03:25 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने 20 मिनट में तीनों बुजुर्गों को पीट-पीटकर मार डाला था। आरोपी रात 10:15 बजे श्यामलाल को फोन करने के बाद घर पहुंचा था। भतीजी प्रिया से शादी कराने की बात कहने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ था।
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Triple Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रयागराज के मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव में सोमवार रात हुई वारदात से पूरा इलाका दहला है। रात में करीब 20 मिनट तक चीख-पुकार गूंजती रही। घर गांव के एक छोर पर सन्नाटे में होने की वजह से किसी को उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई नहीं दी। कहीं से मदद न मिलने पर श्यामलाल गुप्ता, अमरावती और इंद्रावती देवी की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।

आरोपी हिमांशु यादव, राजन यादव और निहाल गौतम ने पूछताछ में खुलासा किया कि रात करीब 10:15 बजे उन्होंने श्यामलाल को फोन किया था। पूछा कि दुकान खुली है कि नहीं। उसे नमकीन का पैकेट लेना है। दुकान खुली होने पर हिमांशु रात 10:30 बजे निहाल और राजन के साथ उनके घर पहुंचा।
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मौके पर जांच करते पुलिस अफसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुकान पर पहुंचते ही भतीजी प्रिया से शादी कराने की बात कही। इस पर हिमांशु और श्यामलाल के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि तीनों ने खूंटे से श्यामलाल को पीटना शुरू कर दिया। इतना मारा कि वह खून से लथपथ होकर बेसुध हो गए। चीखें सुनकर अमरावती भी आ गईं। उन्होंने शोर मचाया तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया। वह भी खून से लथपथ हो गई। 
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच इंद्रावती देवी बाहर निकलीं तो तीनों आरोपियों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। सिर पर कई वारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस जांच में घर के अहाते से लेकर बाहर तक संघर्ष के निशान मिले। रात 10:30 से 10:50 बजे के बीच हुई वारदात में तीनों की जान चली गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, हमलावर वहां से निकल चुके थे।

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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वारदात के बाद अपने ही घरों में छिपे 
पुलिस से बचने के लिए आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सके। पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद राजन यादव और निहाल गौतम अपने ही घरों में छिपे रहे। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव गांव छोड़कर रिश्तेदार के घर चला गया था। बाद में वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।

 
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काम-धंधा नहीं करते तीनों आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हिमांशु यादव, राजन यादव और निहाल गौतम कोई नियमित काम नहीं करते थे। निहाल और राजन के पास मोबाइल फोन नहीं था। हिमांशु ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। पुलिस को उसकी तलाश में मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच की गई।
 
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां का शव देख फफक पड़ी बेटी, बोली- हत्यारे को फांसी हो
नीबी कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद मंगलवार को जब मृतकों के परिजन घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां हर आंख नम थी। मां अमरावती देवी का शव देखते ही उनकी इकलौती बेटी राधा का धैर्य जवाब दे गया। वह मां को देख फफककर रो पड़ी। उसकी चीखों से माहौल गमगीन हो गया। राधा बार-बार मां को याद कर रो रही थी। 
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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद जानकारी देते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने बताया कि सोमवार शाम को ही उसकी मां से फोन पर बात हुई थी। मां ने सब कुछ सामान्य बताया था। दोनों के बीच हुई वह आखिरी बातचीत अब राधा के लिए जिंदगी भर की याद बन गई है। आंसुओं के बीच राधा ने कहा कि जिसने उसकी मां की हत्या की है, उसे फांसी की सजा भी कम है। पति अधिवक्ता लोकपति उसे संभालते रहे और लगातार हिम्मत देते रहे। 
    
 

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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां को खोने का दर्द, आंखों में सिर्फ सवाल
राधा के चेहरे पर मां को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। कभी वह मां को याद कर रो पड़ती तो कभी घटना को लेकर सवाल करने लगती। रिश्तेदार और आसपास की महिलाएं उसे संभालने में जुटी रहीं, लेकिन बेटी का दुख कम नहीं हो पा रहा था। मृतका अमरावती देवी परिवार में सबकी चिंता रखने वाली थीं। बेटी के लिए मां का जाना सबसे बड़ा सदमा बन गया।

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प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईजीआरएस पर की गई थी शिकायत
मृतक श्याम लाल गुप्ता की मानसिक रूप से कमजोर पत्नी फूल कली को हत्यारों ने सुरक्षित छोड़ दिया है। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि हिमांशु की धमकियों से परेशान होकर परिवार ने फरवरी में आईजीआरएस पर शिकायत की थी। हल्का इंचार्ज एसआई रामविलास यादव ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। हिमांशु और प्रिया के गांव से जाने के बाद परिजनों की शिकायत पर एसआई ने रिपोर्ट बनाई थी कि शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर बंद है जबकि पीड़ित परिवार बार-बार चौकी जाकर सुरक्षा की गुहार लगाता रहा था।
 

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मृतक श्याम लाल की यही किराना की दुकान है - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेजा में वर्ष 2020 में भी हुआ था तिहरा हत्याकांड
सात मई 2020 की रात आंधी गांव में भी बेखौफ बदमाशों ने नंदलाल यादव (58), उनकी पत्नी छबीला देवी (52) और बेटी राजदुलारी (16) की गला रेतकर हत्या कर दी थी। उस सनसनीखेज वारदात से पूरा जनपद दहल उठा था। 
 

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इंद्रावती देवी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर
प्रयागराज के मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव में शादी की राह में रोड़ा बन रहे एक परिवार के तीन लोगों की सोमवार रात नृशंस हत्या कर दी गई। तीनों के खून से लथपथ शव घर के अहाते से लेकर बाहर तक पड़े मिले। आरोप है कि पड़ोसी युवक हिमांशु यादव ने अपने दो साथियों राजन यादव और निहाल गौतम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

मरने वालों में किशोरी के बड़े पापा श्यामलाल गुप्ता (65) और दो बड़ी मां अमरावती (55) और इंद्रावती (60) शामिल हैं। तीनों हत्यारोपियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रामनगर चौकी इंचार्ज रामविलास को निलंबित कर दिया गया है। उधर, हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी हिमांशु के पैर में गोली लग गई।

 

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अमरावती देवी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्याम लाल गुप्ता पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। वह घर पर ही किराने की दुकान चलाते थे। दो भाई दूधनाथ और मंजेश की मौत हो चुकी है। नेब्बू लाल बंगलूरू में और रामधनी परिवार के साथ राजस्थान में रहते हैं। गांव में श्याम लाल और उनकी मानसिक रूप से बीमार पत्नी फूलकली, नेब्बू लाल की पत्नी अमरावती, दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती देवी एक साथ रहते थे। 

साथ में ही मंजेश की पत्नी, उनके चार बेटे आशीष, विशेष, विवेक, शिवांश और दो बेटियां भी रहती हैं, लेकिन वारदात के दिन मंजेश की पत्नी अपने परिवार के साथ भाई के घर गई थीं। सोमवार रात करीब 10:30 बजे आरोपी युवक श्याम लाल के घर में घुसे और परिवार पर हमला बोल दिया। 

 
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श्यामलाल गुप्ता का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी लोगों ने जान बचाकर भागने का प्रयास किया। तीनों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। खूंटे से सिर पर वार कर श्यामलाल, अमरावती और इंद्रावती को बेरहमी से मार डाला। श्यामलाल की पत्नी फूलकली को आरोपियों ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। मंगलवार सुबह पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा, डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने डॉग स्क्वॉड के साथ साक्ष्य जुटाए। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
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